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भ्रष्टाचार पर कड़ा प्रहार: ट्रक ड्राइवरों से वसूली करने वाले दागी इंस्पेक्टर पन्नेलाल पर गिरी गाज, विजिलेंस ने दर्ज की FIR

by on | 2026-03-30 12:46:40

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भ्रष्टाचार पर कड़ा प्रहार: ट्रक ड्राइवरों से वसूली करने वाले दागी इंस्पेक्टर पन्नेलाल पर गिरी गाज, विजिलेंस ने दर्ज की FIR

बलिया/लखनऊ। खाकी को दागदार करने वाले और सत्ता के संरक्षण में अवैध उगाही का खेल खेलने वाले भ्रष्ट अधिकारियों की अब खैर नहीं। बलिया के नरही थाने के तत्कालीन थाना प्रभारी पन्नेलाल कन्नौजिया के खिलाफ विजिलेंस ने आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने के मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए एफआईआर (FIR) दर्ज कर ली है। जांच में सामने आया है कि इस 'साहब' ने अपनी जायज कमाई से कहीं ज्यादा, करीब 1.20 करोड़ रुपये की काली कमाई का पहाड़ खड़ा कर लिया था।

वसूली का वो 'सिंडिकेट' और आधी रात का छापा

​ये पूरा मामला जुलाई 2024 का है, जब वाराणसी के एडीजी जोन पीयूष मोर्डिया और तत्कालीन डीआईजी वैभव कृष्ण ने सादे कपड़ों में नरही थाना क्षेत्र की कोरंटाडीह पुलिस चौकी पर आधी रात को छापा मारा था। उस वक्त जो सच सामने आया, उसने पूरे पुलिस महकमे को शर्मसार कर दिया था। रोजाना हजारों ट्रक ड्राइवरों से खुलेआम अवैध वसूली हो रही थी। इस गैंग का सरगना कोई और नहीं, बल्कि तत्कालीन थाना प्रभारी पन्नेलाल ही था, जो पुलिसकर्मियों और दलालों के साथ मिलकर भ्रष्टाचार का नंगा नाच कर रहा था।

विजिलेंस की जांच में खुला 'कुबेर' का खजाना

​शासन के आदेश पर जब विजिलेंस ने पन्नेलाल की संपत्तियों की गोपनीय जांच शुरू की, तो चौंकाने वाले आंकड़े सामने आए:

  • वैध आय: सरकारी सेवा में रहते हुए पन्नेलाल की कुल वैध आय करीब 1.50 करोड़ रुपये आंकी गई।
  • कुल खर्च और संपत्ति: जांच में पाया गया कि उन्होंने अपनी चल-अचल संपत्तियों और भरण-पोषण पर करीब 2.70 करोड़ रुपये खर्च किए।
  • अवैध कमाई: आय और व्यय के बीच 1.20 करोड़ रुपये का ऐसा अंतर मिला, जिसका पन्नेलाल के पास कोई संतोषजनक जवाब नहीं था।
  • "शासन की अलग-अलग जांच एजेंसियां अपना काम कर रही हैं। मामले में नियमानुसार कड़ी विधिक कार्रवाई की जा रही है।"

    पीयूष मोर्डिया, एडीजी जोन


    बचाव की कोशिशें हुईं नाकाम

    ​वसूली कांड के बाद पन्नेलाल मौके से फरार हो गया था, जिसे बाद में गिरफ्तार किया गया। हालांकि, कोर्ट के आदेश पर उसे और उसके साथियों को बहाल कर लखनऊ के फिंगर प्रिंट ब्यूरो में तैनात कर दिया गया था, लेकिन विजिलेंस की इस ताजा एफआईआर ने उनकी मुश्किलें फिर से बढ़ा दी हैं।

    बेबाक राय: जनता की सुरक्षा का दम भरने वाली खाकी जब वसूली का जरिया बन जाए, तो ऐसी कार्रवाई न केवल जरूरी है बल्कि सिस्टम में विश्वास बहाल करने के लिए अनिवार्य है। पन्नेलाल जैसे चेहरों का बेनकाब होना भ्रष्टाचार के खिलाफ जारी जंग में एक बड़ी जीत है।



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