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किसानों पर दोहरी मार - मिलावटी बीज थमाया, कंपनी से मिली क्षतिपूर्ति भी डकार गए खाद बीज माफिया

by admin@bebak24.com on | 2025-11-23 20:39:20

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किसानों पर दोहरी मार - मिलावटी बीज थमाया, कंपनी से मिली क्षतिपूर्ति भी डकार गए खाद बीज माफिया

 खाद की कालाबाजारी के बाद अब मिलावटी बीज का खेल, कृषि मंत्री के फेसबुक पेज पर पहुंची शिकायत


 डीएपी की लूट के बीच 'श्रीराम गोल्ड' धान के बीज में मिलावट, जिला कृषि अधिकारी की भूमिका पर सवाल

गाजीपुर (ब्यूरो): जनपद में अन्नदाता कहे जाने वाले किसान इन दिनों खाद और बीज माफियाओं के चक्रव्यूह में फंसकर रह गए हैं। खाद की कालाबाजारी और डीएपी के आसमान छूते दामों से जूझ रहे किसानों पर अब मिलावटी बीज की मार पड़ी है। हैरानी की बात यह है कि किसानों को लुटते देख भी जिम्मेदार अधिकारी मौन साधे बैठे हैं, जिससे उनकी भूमिका पर भी गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।

मिलावटी बीज और क्षतिपूर्ति हड़पने का आरोप

ताजा मामला जनपद के करीमुद्दीनपुर का है, जहां प्रगतिशील किसान पंकज राय ने मिलावटी बीज और क्षतिपूर्ति राशि के गबन का गंभीर आरोप लगाया है। पंकज राय के अनुसार, उन्होंने गाजीपुर स्थित 'महाजन कृषि भंडार' से 'श्रीराम गोल्ड' धान का बीज खरीदा था। बुवाई के बाद पता चला कि बीज मिलावटी था, जिससे फसल प्रभावित हुई।

आरोप है कि न सिर्फ किसानों को खराब बीज बेचा गया, बल्कि बीज कंपनी की ओर से जो क्षतिपूर्ति (Compensation) की रकम आई थी, उसे भी संबंधित दुकानदार और बिचौलिये डकार गए।

कृषि मंत्री तक पहुंची गुहार

स्थानीय स्तर पर सुनवाई न होने पर पीड़ित किसान पंकज राय ने प्रदेश के कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही के आधिकारिक फेसबुक पेज पर अपनी शिकायत दर्ज कराई है। उन्होंने मंत्री से अपील की है कि इस पूरे 'सप्लाई चेन' की जांच कराई जाए और कालाबाजारी करने वालों पर सख्त कार्रवाई हो।

डीएपी के लिए 1600 रुपये वसूल रहे दुकानदार

जनपद में सिर्फ बीज ही नहीं, खाद की किल्लत और कालाबाजारी भी चरम पर है। किसानों का कहना है कि प्राइवेट दुकानदार एक बोरी डीएपी (DAP) के लिए 1600 रुपये तक वसूल रहे हैं, जबकि सरकारी रेट इससे काफी कम है। अधिकारियों की नाक के नीचे चल रही इस लूट पर कोई लगाम नहीं है।

जिला कृषि अधिकारी की जांच की मांग

किसानों में प्रशासन के प्रति गहरा रोष है। उनका आरोप है कि यह पूरा खेल अधिकारियों के संज्ञान में है और उनकी मौन सहमति से चल रहा है। पीड़ित किसानों ने मांग की है कि केवल दुकानदारों पर नहीं, बल्कि जिला कृषि अधिकारी की भूमिका की भी उच्च स्तरीय जांच होनी चाहिए, ताकि इस सिंडिकेट का पर्दाफाश हो सके।


मुख्य बिंदु:

 * स्थान: गाजीपुर (करीमुद्दीनपुर क्षेत्र)

 * आरोप: मिलावटी 'श्रीराम गोल्ड' धान बीज की बिक्री और क्षतिपूर्ति गबन।

 * शिकायतकर्ता: पंकज राय (प्रगतिशील किसान)।

 * आरोपी प्रतिष्ठान: महाजन कृषि भंडार।

 * खाद संकट: डीएपी की कालाबाजारी (1600 रुपये/बोरी)।

 * मांग: सप्लाई चेन और जिला कृषि अधिकारी की जांच।



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