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ताबड़तोड़ एक्शन: वाराणसी SIT ने कफ सिरप सिंडिकेट की रीढ़ तोड़ी, 6 करोड़ से अधिक का अवैध कारोबार ध्वस्त!

by admin@bebak24.com on | 2025-12-08 23:04:28

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ताबड़तोड़ एक्शन: वाराणसी SIT ने कफ सिरप सिंडिकेट की रीढ़ तोड़ी, 6 करोड़ से अधिक का अवैध कारोबार ध्वस्त!



कोलकाता में दबिश, निशांत फार्मा और विश्वनाथ फार्मा के दो मास्टरमाइंड गिरफ्तार; अब तक 5 तस्कर सलाखों के पीछे

वाराणसी। अवैध कफ सिरप (Cough Syrup) की तस्करी के खिलाफ वाराणसी स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) ने अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई करते हुए सिंडिकेट की जड़ों को हिला दिया है। SIT ने कोलकाता में ताबड़तोड़ दबिश देकर दो बड़े फर्म ऑपरेटरों—निशांत फार्मा के प्रतीक मिश्रा और विश्वनाथ फार्मा के विकास सोनकर—को गिरफ्तार किया है।

इन दोनों की गिरफ्तारी के साथ, इस पूरे काले कारोबार के नेटवर्क में अब तक कुल 5 आरोपी पुलिस हिरासत में आ चुके हैं। टीम दोनों आरोपियों को लेकर वाराणसी रवाना हो चुकी है, जहाँ उनसे गहन पूछताछ के बाद कई और बड़े राज खुलने की उम्मीद है।

फर्जीवाड़े की नींव पर खड़ा था करोड़ों का साम्राज्य

SIT अध्यक्ष सरवरण टी. के अनुसार, जांच में यह खुलासा हुआ कि दोनों फर्मों की भूमिका इस तस्करी में केंद्रीय थी। उन्होंने फर्जी और मनगढ़ंत दस्तावेजों के आधार पर ड्रग लाइसेंस हासिल किए और झारखंड की स्टाइल ट्रेडर्स, रांची के साथ मिलकर भारी मात्रा में प्रतिबंधित नशीले कफ सिरप की खरीद-फरोख्त की।

ऐसे चलता था 'जहर' का नेटवर्क

 * जालसाजी से लाइसेंस: प्रतीक मिश्रा और विकास सोनकर ने किराये के ठिकाने, जाली अनुभव प्रमाण पत्रों (Fake Experience Letters) जैसे कागजात लगाकर सरकारी विभागों को धोखा दिया और लाइसेंस प्राप्त किया।

 * दुकान नहीं, तस्करी: दोनों फर्में रांची की स्टाइल ट्रेडर्स से कफ सिरप की खेप खरीदती थीं। बिलों में तो दिखाया जाता था कि माल वैध दुकानों पर जा रहा है, लेकिन हकीकत में यह सारा माल सीधे अन्य राज्यों के अवैध तस्करों तक पहुँचाया जाता था।

 ₹7.5 करोड़ से अधिक की अवैध कमाई

जांच के आंकड़ों ने इस सिंडिकेट के कारोबार की भयावहता उजागर कर दी है:

 कफ सिरप की खरीद (3 साल)  अवैध बिक्री का अनुमानित मूल्य : निशांत फार्मा (प्रतीक मिश्रा)  5 लाख से अधिक शीशियाँ ₹6 करोड़ से ज़्यादा 

 विश्वनाथ फार्मा (विकास सोनकर)  1,18,000 शीशियाँ  ₹1.5 करोड़ 

खुलासा हुआ है कि गिरफ्तारी से बचने के लिए दोनों ऑपरेटर माल बेचने के तुरंत बाद अपने खातों से पैसा दूसरे खातों में ट्रांसफर कर देते थे, ताकि लेनदेन का असली स्रोत छिपा रहे।

 48 घंटों में 4 गिरफ्तारियाँ, कई और बड़े नाम रडार पर

SIT की तेज़ और केंद्रित कार्रवाई ने तस्करों के पूरे नेटवर्क में भूचाल ला दिया है। बीते केवल दो दिनों में 4 महत्वपूर्ण गिरफ्तारियाँ हुई हैं, जिससे तस्करी की जड़ें तेज़ी से उखड़ रही हैं।

SIT अध्यक्ष सरवरण टी. ने स्पष्ट कहा—

> "यह बहुत ही सुनियोजित और संगठित नेटवर्क था। हम फर्मों के खातों के फंड फ्लो, लाइसेंसिंग की प्रक्रिया और बैंक लेनदेन की गहराई से जांच कर रहे हैं। जल्द ही इस मामले में कई और बड़े चेहरे बेनकाब होंगे।"

आगे क्या? SIT का मिशन

 * बैंक खातों से हुए पैसे के लेन-देन की बारीकी से जांच।

 * फर्जी दस्तावेज तैयार करने वालों की पहचान।

 * अवैध आपूर्ति शृंखला के हर सदस्य को पकड़ना।

 * स्टाइल ट्रेडर्स समेत अन्य सप्लायरों के साथ सांठगांठ की परतें खोलना।

वाराणसी पुलिस और SIT की इस निर्णायक कार्रवाई से उम्मीद जगी है कि कफ सिरप तस्करी के इस काले अध्याय का जल्द ही पर्दाफाश होगा।




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