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अमेरिकी हिंदू मंदिर पर हमले की साजिश: 105 सांसदों ने एफबीआई से कहा- घृणा अपराध के एंगल से हो जांच

by admin@bebak24.com on | 2026-10-21 13:45:47

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अमेरिकी हिंदू मंदिर पर हमले की साजिश: 105 सांसदों ने एफबीआई से कहा- घृणा अपराध के एंगल से हो जांच

वॉशिंगटन | बेबाक24 न्यूज़

अमेरिका के इलिनॉय राज्य के ऑरोरा स्थित हिंदू मंदिर पर गोलीबारी की कथित कोशिश के मामले में 105 अमेरिकी सांसदों ने संघीय जांच ब्यूरो (एफबीआई) से घृणा अपराध के पहलू पर विशेष ध्यान देने की मांग की है। सांसदों ने एफबीआई निदेशक काश पटेल को पत्र लिखकर पूछा है कि क्या मामले में नस्लीय, जातीय और धार्मिक पूर्वाग्रह की जांच की जा रही है। कथित हमले के दौरान 19 वर्षीय आरोपी की बंदूक जाम हो जाने के कारण गोली नहीं चल सकी थी।

राजा कृष्णमूर्ति के नेतृत्व में लिखा पत्र

कांग्रेस सदस्य राजा कृष्णमूर्ति के नेतृत्व में 105 सांसदों ने 20 अक्टूबर को यह पत्र लिखा। हस्ताक्षर करने वालों में 4 अमेरिकी सीनेटर भी शामिल हैं। भारतीय-अमेरिकी सांसद प्रमिला जयपाल, रो खन्ना, अमी बेरा, सुहास सुब्रमण्यम और श्री थानेदार ने भी पत्र पर हस्ताक्षर किए हैं।

सांसदों ने ऑरोरा के श्री वेंकटेश्वर स्वामी मंदिर में हुई कथित घटना की संघीय स्तर पर जांच करने और संभावित घृणा अपराध से जुड़े कानूनी पहलुओं को स्पष्ट रूप से परखने का आग्रह किया। उन्होंने भारतीय-अमेरिकी समुदाय को निशाना बनाकर इंटरनेट पर दी जा रही धमकियों को लेकर भी चिंता जताई।

सरकारी संदेशों पर भी उठाए सवाल

पत्र में सांसदों ने अमेरिकी गृह सुरक्षा विभाग और शिक्षा विभाग की कुछ सामाजिक माध्यम पोस्ट का उल्लेख किया। उनका आरोप है कि ऐसे संदेश नस्लीय और धार्मिक रूढ़ियों को बढ़ावा दे सकते हैं।

गृह सुरक्षा विभाग की एक पोस्ट में सिख व्यक्ति की तस्वीर के साथ आपत्तिजनक टिप्पणी किए जाने का हवाला दिया गया। वहीं, शिक्षा विभाग की एक पोस्ट का जिक्र किया गया, जिसमें टेक्सास विश्वविद्यालय के फुटबॉल मैच में दक्षिण एशियाई लोगों की मौजूदगी पर एक रिपब्लिकन नेता की शिकायत के बाद संदेश प्रकाशित किया गया था।

सांसदों ने कहा कि प्रशासन के संदेशों से संबंधित समुदायों के प्रति शत्रुता को कम करने के बजाय उसे बढ़ावा मिलने का जोखिम पैदा हो सकता है। ये टिप्पणियां पत्र में सांसदों की ओर से व्यक्त की गई चिंताओं का हिस्सा हैं।

इंटरनेट पर नफरत भरी पोस्ट बढ़ने का दावा

पत्र में सितंबर 2026 की एक रिपोर्ट का हवाला दिया गया है। इसके अनुसार, जनवरी 2025 से जून 2026 के बीच सामाजिक माध्यम मंच एक्स पर दक्षिण एशियाई लोगों के खिलाफ नफरत फैलाने वाली 5,42,000 से अधिक पोस्ट की पहचान की गई। रिपोर्ट में जनवरी 2024 से जून 2026 के बीच ऐसी पोस्ट की मासिक संख्या में लगभग 240% वृद्धि का भी उल्लेख है।

कार्नेगी एंडोमेंट के एक सर्वेक्षण के मुताबिक, 48% भारतीय-अमेरिकी प्रतिभागियों ने बताया कि 2025 की शुरुआत से उन्हें अपने समुदाय को निशाना बनाने वाली नस्लवादी पोस्ट अक्सर या कभी-कभी दिखाई दीं। सर्वेक्षण में हर 4 में से 1 प्रतिभागी ने नस्लीय अपशब्दों का सामना करने की बात कही।

एफबीआई से सांसदों के 3 प्रमुख सवाल

सांसदों ने एफबीआई से मुख्य रूप से 3 मुद्दों पर जवाब मांगा है:

  • क्या ऑरोरा मंदिर मामले में नस्लीय, जातीय और धार्मिक पूर्वाग्रह के संभावित पहलुओं की जांच की जा रही है?

  • क्या किसी ऑनलाइन मंच या अन्य व्यक्ति ने कथित हमले की साजिश को अंजाम देने में सहायता की?

  • धार्मिक स्थलों और वहां आने वाले लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए क्या कदम उठाए जा रहे हैं?

सांसदों ने स्थानीय जांचकर्ताओं को एफबीआई की ओर से दी जा रही सहायता की सराहना भी की। उन्होंने कहा कि किसी व्यक्ति को उसकी नस्ल, रूप-रंग या आस्था के कारण निशाना बनाए जाने का डर नहीं होना चाहिए और धार्मिक स्थलों पर सामूहिक हिंसा की आशंका को गंभीरता से लिया जाना चाहिए।

बेबाक24 टेक: अमेरिकी सांसदों की यह पहल धार्मिक स्थलों की सुरक्षा और भारतीय-अमेरिकी समुदाय के खिलाफ कथित नफरत पर संघीय कार्रवाई की मांग को सामने लाती है। अब एफबीआई की जांच और सांसदों के सवालों पर मिलने वाला जवाब महत्वपूर्ण होगा। मामले में घृणा अपराध का पहलू साबित हुआ है या नहीं, यह जांच के निष्कर्षों और उपलब्ध साक्ष्यों से ही स्पष्ट होगा।



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