by admin@bebak24.com on | 2026-10-21 13:45:29
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वॉशिंगटन | बेबाक24 न्यूज़
रूस के साथ युद्ध के बीच यूक्रेन की सैन्य संचार व्यवस्था को लेकर नया विवाद खड़ा हो गया है। एक मीडिया रिपोर्ट में दावा किया गया है कि स्पेसएक्स के संस्थापक एलन मस्क ने यूक्रेनी सेना के लिए इस्तेमाल होने वाले स्टारलिंक उपग्रह नेटवर्क की गति धीमी करने का निर्देश दिया था। इस दावे के बाद यूक्रेन की सैन्य संचार व्यवस्था और ड्रोन अभियानों पर संभावित असर को लेकर सवाल उठे हैं। हालांकि, अमेरिकी रक्षा सचिव पीट हेगसेथ और विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने इस मामले में अमेरिकी सरकार की भूमिका से इनकार किया है।
द वॉल स्ट्रीट जर्नल ने मामले की जानकारी रखने वाले अधिकारियों के हवाले से बताया कि मस्क ने यूक्रेन के सैन्य संचार में इस्तेमाल होने वाली स्टारलिंक सेवा को जानबूझकर धीमा करने का निर्देश दिया। रिपोर्ट के मुताबिक, इस घटनाक्रम से यूक्रेन की चिंता बढ़ी और अमेरिकी प्रशासन भी हैरान हुआ।
यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने भी स्टारलिंक कनेक्टिविटी में रुकावटों का मुद्दा उठाया। ब्रिटिश प्रसारक पियर्स मॉर्गन के कार्यक्रम में उन्होंने आरोप लगाया कि स्टारलिंक तक यूक्रेन की पहुंच सीमित किए जाने से सैन्य अभियानों और रूसी हमलों के खिलाफ उसकी रक्षा क्षमता प्रभावित हुई।
जेलेंस्की ने दावा किया कि स्पेसएक्स और अमेरिका ने रात के समय स्टारलिंक को अवरुद्ध कर दिया था। हालांकि, नेटवर्क में आई रुकावटों के कारणों और उनके लिए जिम्मेदारी तय करने के संबंध में स्वतंत्र पुष्टि सामने आना जरूरी है।
अमेरिकी रक्षा सचिव पीट हेगसेथ ने कहा कि अमेरिकी सेना ने यूक्रेन द्वारा इस्तेमाल किए जा रहे उपग्रह संचार नेटवर्क में कटौती या प्रतिबंध लगाने का निर्देश नहीं दिया। उन्होंने संकेत दिया कि सेवा में परिचालन संबंधी बदलाव प्रदाता और संबंधित अनुबंध की शर्तों के दायरे में आते हैं।
विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने भी स्टारलिंक सेवा बाधित होने की खबरों में अमेरिकी सरकार की भूमिका से इनकार किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि स्टारलिंक एक व्यावसायिक सेवा है, जिसे व्हाइट हाउस सीधे संचालित नहीं करता।
रुबियो ने स्टारलिंक और स्टारशील्ड के बीच अंतर भी बताया। स्टारलिंक स्पेसएक्स की व्यावसायिक उपग्रह संचार सेवा है, जबकि स्टारशील्ड अमेरिकी सरकार के नियंत्रण वाली सैन्य उपयोग की प्रणाली है। दोनों सेवाओं को एक ही मानना तकनीकी और परिचालन स्थिति को समझने में भ्रम पैदा कर सकता है।
यूक्रेनी सेना टोही और अवरोधक ड्रोन के संचालन, खुफिया जानकारी जुटाने तथा अन्य सैन्य गतिविधियों के लिए स्टारलिंक कनेक्टिविटी पर निर्भर करती है। ऐसे में नेटवर्क की गति घटने या सेवा बाधित होने से सैनिक इकाइयों के बीच संपर्क, सूचनाओं का आदान-प्रदान और ड्रोन अभियानों का संचालन प्रभावित होने की आशंका है।
सीएनएन की रिपोर्ट के अनुसार, यूक्रेनी अधिकारियों ने स्टारशील्ड पर प्रतिबंधों की खबरों पर आश्चर्य जताया था। एक यूक्रेनी सैन्य सूत्र ने नेटवर्क संबंधी पाबंदियों से गंभीर मुश्किलें पैदा होने की बात कही।
हालांकि, उपलब्ध जानकारी से यह स्पष्ट नहीं होता कि कितने क्षेत्रों में संपर्क प्रभावित हुआ, रुकावट कितनी देर रही या यूक्रेनी सेना की परिचालन क्षमता को कुल कितना नुकसान पहुंचा।
रूस-यूक्रेन युद्ध ने आधुनिक सैन्य अभियानों में निजी कंपनियों की उपग्रह संचार सेवाओं की अहमियत को सामने ला दिया है। जब किसी सेना का संचार नेटवर्क निजी प्रदाता पर निर्भर हो, तो सेवा की शर्तों, तकनीकी नियंत्रण और युद्ध के दौरान उपलब्धता से जुड़े फैसले सीधे सैन्य अभियानों को प्रभावित कर सकते हैं।
बेबाक24 टेक: स्टारलिंक को लेकर विवाद केवल इंटरनेट की गति का मामला नहीं है, बल्कि युद्ध के मैदान में संचार पर निर्भरता और निजी तकनीकी कंपनियों की भूमिका से भी जुड़ा है। मस्क पर लगाए गए आरोपों, नेटवर्क में आई रुकावटों और यूक्रेनी सेना पर वास्तविक प्रभाव की पुष्टि के लिए स्वतंत्र तकनीकी जानकारी और आधिकारिक स्पष्टीकरण अहम होंगे।
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