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‘अंतरिक्ष सबका है’: भारत ने संयुक्त राष्ट्र में हथियारों की होड़ रोकने के लिए मांगा बाध्यकारी कानून

by admin@bebak24.com on | 2026-10-21 13:44:55

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‘अंतरिक्ष सबका है’: भारत ने संयुक्त राष्ट्र में हथियारों की होड़ रोकने के लिए मांगा बाध्यकारी कानून

न्यूयॉर्क | बेबाक24 न्यूज़

भारत ने संयुक्त राष्ट्र में बाहरी अंतरिक्ष को टकराव के बजाय सहयोग का क्षेत्र बनाए रखने की अपील करते हुए वहां हथियारों की होड़ रोकने के लिए कानूनी रूप से बाध्यकारी अंतरराष्ट्रीय समझौते की मांग दोहराई है। भारत ने स्पष्ट किया कि अंतरिक्ष का इस्तेमाल शांतिपूर्ण उद्देश्यों के लिए होना चाहिए और इस दिशा में बनाए जाने वाले नियम सभी देशों पर समान रूप से लागू होने चाहिए।

सुधा मूर्ति ने रखा भारत का पक्ष

संयुक्त राष्ट्र महासभा की पहली समिति में मंगलवार को भारत का पक्ष रखते हुए सांसद सुधा मूर्ति ने कहा कि बाहरी अंतरिक्ष पूरी मानवता का साझा क्षेत्र है। उन्होंने भारत के दृष्टिकोण को स्पष्ट करते हुए कहा कि दुनिया का भविष्य एक-दूसरे से जुड़ा है और अंतरिक्ष को प्रतिस्पर्धा तथा टकराव के बजाय अंतरराष्ट्रीय सहयोग का माध्यम बनाया जाना चाहिए।

मूर्ति ने कहा कि अंतरिक्ष क्षेत्र में नए पक्षों की भागीदारी बढ़ रही है। वहीं, ऐसी तकनीकों और अंतरिक्ष परिसंपत्तियों का इस्तेमाल भी संभव है, जिनका उपयोग नागरिक और सैन्य, दोनों उद्देश्यों के लिए किया जा सकता है। ऐसे में अंतरिक्ष में हथियारों की होड़ रोकने के उपायों पर अंतरराष्ट्रीय सहमति बनाना महत्वपूर्ण है।

समझौता ऐसा हो, जिसे सभी देश स्वीकार करें

भारत ने अंतरिक्ष में हथियारों की होड़ रोकने के लिए ऐसा अंतरराष्ट्रीय समझौता बनाने पर जोर दिया, जो कानूनी रूप से बाध्यकारी हो, सभी देशों को स्वीकार्य हो और जिसके अनुपालन की पुष्टि की जा सके। इस दिशा में निरस्त्रीकरण सम्मेलन के अंतर्गत बहुपक्षीय बातचीत का भी उल्लेख किया गया।

सुधा मूर्ति ने कहा कि भारत समान, भेदभाव रहित और गैर-बाध्यकारी नियमों के साथ पारदर्शिता तथा विश्वास बढ़ाने वाले उपायों का भी समर्थन करता है। हालांकि, ऐसे उपाय बाध्यकारी अंतरराष्ट्रीय समझौते के पूरक हो सकते हैं, उसका विकल्प नहीं।

वैज्ञानिक शोध में बाधा नहीं आने की अपील

भारत ने यह भी स्पष्ट किया कि अंतरिक्ष सुरक्षा से जुड़े नियम बनाते समय विकासशील देशों के हितों का ध्यान रखा जाना चाहिए। इस प्रक्रिया का परिणाम ऐसा नहीं होना चाहिए, जिससे शांतिपूर्ण और वैध उद्देश्यों के लिए वैज्ञानिक अनुसंधान तथा तकनीकी ज्ञान के आदान-प्रदान में रुकावट आए।

मूर्ति ने भारत की अंतरिक्ष उपलब्धियों और भविष्य की योजनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि भारत ने 2023 में चंद्रमा पर अपना अंतरिक्ष यान उतारा था। देश अपने मानव अंतरिक्ष उड़ान कार्यक्रम ‘गगनयान’ की तैयारी कर रहा है। इसके अलावा, भारत की योजना अपना राष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन स्थापित करने की भी है।

संयुक्त राष्ट्र पहुंचे भारतीय सांसद

सुधा मूर्ति उन भारतीय सांसदों के दूसरे समूह में शामिल हैं, जो संयुक्त राष्ट्र की कार्यप्रणाली को समझने के लिए वहां पहुंचे हैं। यात्रा के दौरान सांसद संयुक्त राष्ट्र के अधिकारियों, वरिष्ठ पदाधिकारियों, विभिन्न देशों के राजनयिकों और भारतीय समुदाय के सदस्यों से मुलाकात करेंगे।

बेबाक24 टेक

अंतरिक्ष में बढ़ती तकनीकी क्षमताओं के बीच सुरक्षा और शांतिपूर्ण उपयोग के बीच संतुलन बनाना अंतरराष्ट्रीय समुदाय के लिए महत्वपूर्ण चुनौती है। भारत की मांग है कि पारदर्शिता और विश्वास बढ़ाने के उपायों के साथ ऐसा बाध्यकारी समझौता भी बने, जिसे व्यापक अंतरराष्ट्रीय समर्थन मिले और जो वैज्ञानिक प्रगति में बाधा न बने।



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