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पेट्रोल में गन्ने से बने इथेनॉल पर रोक, अब मक्का और टूटे चावल पर जोर

by on | 2026-10-19 12:03:33

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पेट्रोल में गन्ने से बने इथेनॉल पर रोक, अब मक्का और टूटे चावल पर जोर

नई दिल्ली | बेबाक24 न्यूज़

देश में चीनी की उपलब्धता बनाए रखने के लिए केंद्र सरकार ने गन्ने के रस, चीनी की चाशनी और बी-हेवी शीरे से बने इथेनॉल को पेट्रोल में मिलाने की खरीद प्रक्रिया से फिलहाल बाहर रखा है। पेट्रोलियम कंपनियों की नई निविदा में मक्का, टूटे चावल, भारतीय खाद्य निगम के अधिशेष चावल और सी-हेवी शीरे से बने इथेनॉल को शामिल किया गया है। इस बदलाव का उद्देश्य पेट्रोल में 20% इथेनॉल मिश्रण की जरूरत पूरी करने के साथ घरेलू चीनी आपूर्ति पर दबाव कम करना है।

1,100 करोड़ लीटर इथेनॉल खरीदने की तैयारी

भारत पेट्रोलियम कॉरपोरेशन लिमिटेड (बीपीसीएल) ने 16 अक्टूबर को पेट्रोलियम विपणन कंपनियों की ओर से नवंबर से शुरू होने वाले 2026-27 आपूर्ति वर्ष के लिए करीब 1,100 करोड़ लीटर इथेनॉल खरीदने की निविदा जारी की है। यह खरीद पेट्रोल में 20% इथेनॉल मिलाने के लक्ष्य को पूरा करने के लिए की जानी है।

नई निविदा में गन्ने के रस, चीनी की चाशनी और बी-हेवी शीरे से बने इथेनॉल को शामिल नहीं किया गया है। हालांकि, सी-हेवी शीरे से बने इथेनॉल की आपूर्ति के लिए बोली लगाने की अनुमति है।

मक्का से बने इथेनॉल पर प्रोत्साहन घटा

नई व्यवस्था के तहत मक्का, टूटे चावल और एफसीआई के अधिशेष चावल से बने इथेनॉल की खरीद की जा सकेगी। मक्के से बने इथेनॉल पर प्रोत्साहन राशि भी घटाई गई है।

  • पहले प्रोत्साहन: 71.86 रुपये प्रति लीटर

  • नई प्रोत्साहन राशि: 68.86 रुपये प्रति लीटर

  • कमी: 3 रुपये प्रति लीटर

इस बदलाव से इथेनॉल उत्पादन के लिए इस्तेमाल होने वाले कच्चे माल की खरीद और आपूर्ति की रणनीति में बदलाव आने की संभावना है।

चीनी की उपलब्धता को लेकर चिंता

सरकार का यह कदम घरेलू बाजार में चीनी की उपलब्धता बनाए रखने की चिंता के बीच आया है। महाराष्ट्र और कर्नाटक जैसे प्रमुख गन्ना उत्पादक राज्यों में कम बारिश के कारण उत्पादन प्रभावित होने और चीनी की कीमतें बढ़ने का जोखिम बताया गया है।

गन्ने से इथेनॉल बनाने में इस्तेमाल होने वाले कुछ उत्पादों को पेट्रोल मिश्रण की खरीद से बाहर रखने पर इनका इस्तेमाल चीनी आपूर्ति की जरूरतों के अनुरूप करने की गुंजाइश बढ़ सकती है। दूसरी ओर, मक्का और चावल जैसे अनाज से इथेनॉल उत्पादन की भूमिका बढ़ेगी।

पेट्रोल और किसानों पर क्या असर पड़ सकता है?

पेट्रोल में 20% इथेनॉल मिश्रण के लक्ष्य को बनाए रखने के लिए कंपनियों को वैकल्पिक कच्चे माल से पर्याप्त आपूर्ति सुनिश्चित करनी होगी। इससे मक्का और चावल आधारित इथेनॉल उत्पादकों के लिए मांग बढ़ने की संभावना है।

हालांकि, इसका वास्तविक असर इस बात पर निर्भर करेगा कि कंपनियां कितनी मात्रा में इथेनॉल खरीदती हैं, उत्पादन लागत क्या रहती है और अनाज की उपलब्धता कैसी रहती है। किसानों, चीनी मिलों और इथेनॉल उत्पादकों पर पड़ने वाला प्रभाव भी इन परिस्थितियों से तय होगा।

बेबाक24 टेक

गन्ने से बने कुछ प्रकार के इथेनॉल को नई खरीद निविदा से बाहर रखने का फैसला चीनी की घरेलू उपलब्धता और ईंधन नीति के बीच संतुलन बनाने की कोशिश है। अब मक्का, टूटे चावल और अन्य अनुमत स्रोतों से इथेनॉल की आपूर्ति महत्वपूर्ण होगी। पेट्रोल में 20% मिश्रण का लक्ष्य पूरा करने और चीनी की कीमतों पर असर का आकलन आगे की खरीद और उत्पादन के आंकड़ों से किया जा सकेगा।



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