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सीजेपी मार्च पर कई एफआईआर, अभिजीत दिपके की आज मजिस्ट्रेट के सामने पेशी

by on | 2026-10-17 17:47:19

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सीजेपी मार्च पर कई एफआईआर, अभिजीत दिपके की आज मजिस्ट्रेट के सामने पेशी

नई दिल्ली | बेबाक24 न्यूज़

मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ चल रहे सीजेपी के ‘लहरा दो तिरंगा’ आंदोलन को लेकर दिल्ली में पुलिस कार्रवाई तेज हो गई है। शुक्रवार को विरोध मार्च से पहले हिरासत में लिए गए कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के संस्थापक अभिजीत दिपके को शनिवार को विशेष कार्यकारी मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया जाएगा। वहीं, ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (आइसा) की राष्ट्रीय अध्यक्ष नेहा बोरा को पुलिस ने रिहा कर दिया है।

दिल्ली पुलिस ने निषेधाज्ञा के उल्लंघन के आरोप में कनॉट प्लेस और नई दिल्ली के अन्य इलाकों में कई एफआईआर भी दर्ज की हैं। पुलिस का कहना है कि बार-बार चेतावनी देने के बावजूद निर्धारित प्रतिबंधों के बीच भीड़ जुटी थी।

दोपहर 12 बजे पेशी, थाने के बाहर सुरक्षा बढ़ी

सीजेपी की कानूनी मामलों की प्रमुख रत्ना सिंह के अनुसार, अभिजीत दिपके को मंदिर मार्ग पुलिस स्टेशन में विशेष कार्यकारी मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया जाना है। इसके मद्देनजर थाने के बाहर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है।

पुलिस सूत्रों के मुताबिक, दिपके के खिलाफ भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) की धारा 126 और 170 के तहत कार्रवाई की गई है। उन्हें गिरफ्तार किए जाने की भी जानकारी सामने आई है।

सीजेपी ने पुलिस पर लगाया अपहरण का आरोप

सीजेपी नेता अजिंक्य शिंदे ने दिल्ली पुलिस पर दिपके के अपहरण का आरोप लगाया है। पार्टी के सोशल मीडिया खाते पर साझा वीडियो में शिंदे ने दावा किया कि दिपके के परिजनों, वकीलों और संगठन के सदस्यों को उनकी स्थिति के बारे में जानकारी नहीं दी गई।

हालांकि, यह आरोप सीजेपी की ओर से लगाया गया है। पुलिस की ओर से इस दावे पर विस्तृत प्रतिक्रिया की जानकारी उपलब्ध नहीं है।

नेहा बोरा रिहा, हिरासत पर उठाए सवाल

आइसा अध्यक्ष नेहा बोरा को शनिवार सुबह रिहा कर दिया गया। पुलिस के अनुसार, उन्हें दिल्ली पुलिस अधिनियम की धारा 65 के तहत हिरासत संबंधी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद छोड़ा गया।

रिहाई के बाद बोरा ने आरोप लगाया कि हिरासत के दौरान उन्हें लंबे समय तक अपने वकील से संपर्क करने और कानूनी सलाह लेने की अनुमति नहीं मिली। उन्होंने दावा किया कि उनके वकीलों को उनसे मिलने के लिए 5 से 6 घंटे तक प्रयास करना पड़ा।

बोरा ने आंदोलन का समर्थन करते हुए मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने की प्रक्रिया शुरू करने और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) पर रोक लगाने की मांग भी दोहराई।

मार्च से पहले हिरासत में लिए गए थे प्रदर्शनकारी

शुक्रवार को कनॉट प्लेस में ‘लहरा दो तिरंगा’ मार्च से पहले अभिजीत दिपके और नेहा बोरा समेत कई लोगों को हिरासत में लिया गया था। दिल्ली पुलिस ने नई दिल्ली के कुछ इलाकों में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 163 के तहत निषेधाज्ञा लागू की थी।

पुलिस का कहना है कि आदेश का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। दूसरी ओर, आंदोलन से जुड़े लोगों ने हिरासत की प्रक्रिया और पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं।

बेबाक24 टेक

सीजेपी के विरोध मार्च को लेकर दिल्ली पुलिस की कार्रवाई, कई एफआईआर और अभिजीत दिपके की प्रस्तावित पेशी मामले के प्रमुख घटनाक्रम हैं। जहां पुलिस निषेधाज्ञा के उल्लंघन पर कार्रवाई की बात कह रही है, वहीं आंदोलनकारी हिरासत की प्रक्रिया पर सवाल उठा रहे हैं। आगे की स्थिति दिपके की मजिस्ट्रेट के सामने पेशी और पुलिस के आधिकारिक पक्ष से स्पष्ट होगी।



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