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एसआईआर विरोध: 2 सीजेपी नेता 5 दिन की न्यायिक हिरासत में

by on | 2026-10-14 13:19:44

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एसआईआर विरोध: 2 सीजेपी नेता 5 दिन की न्यायिक हिरासत में

नई दिल्ली | बेबाक24 न्यूज़

विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के विरोध के बीच दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन करने के मामले में कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के नेता आशुतोष रांका और सौरव दास को 5 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। पार्टी के संस्थापक अभिजीत दिपके ने इस कार्रवाई को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए देश में “अघोषित आपातकाल” जैसे हालात होने का आरोप लगाया है। पुलिस ने प्रदर्शन और सरकारी कर्मचारियों के काम में बाधा डालने के आरोप में पार्टी के 14 सदस्यों के खिलाफ कार्रवाई की है।

किन धाराओं में दर्ज हुआ मुकदमा?

दिल्ली पुलिस के अनुसार, 13 अक्टूबर को सौरव दास, आशुतोष रांका, अजिंक्य शिंदे और पार्टी के 11 अन्य सदस्य कथित तौर पर निर्धारित प्रदर्शन स्थल की अनुमति के बिना जंतर-मंतर पहुंचे। पुलिस ने उन्हें रोकने की कोशिश की, लेकिन आरोप है कि उन्होंने सरकारी कामकाज में बाधा डाली।

इस मामले में कनॉट प्लेस थाने में प्राथमिकी संख्या 289/26 के तहत भारतीय न्याय संहिता की धारा 223A, 332 और 61(2) तथा संसद मार्ग थाने में प्राथमिकी संख्या 128/26 के तहत धारा 221, 115(2), 132, 121(1) और 3(5) में मामला दर्ज किया गया।

पुलिस के मुताबिक, आशुतोष रांका, सौरव दास और अजिंक्य शिंदे को एहतियातन हिरासत में लेकर विशेष कार्यपालक मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया गया। मजिस्ट्रेट ने आशुतोष और सौरव को 5 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा, जबकि अजिंक्य शिंदे को निजी मुचलके पर रिहा किया गया।

दिपके बोले- विरोध की आवाज दबाई जा रही

सीजेपी संस्थापक अभिजीत दिपके ने आरोप लगाया कि तिरंगा फहराने और ‘भारत माता की जय’ के नारे लगाने के कारण पार्टी के नेताओं को हिरासत में लिया गया। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से सवाल करते हुए कहा कि यदि सरकार विरोध की आवाज दबाना चाहती है, तो उसे आपातकाल घोषित करने की हिम्मत दिखानी चाहिए।

दिपके ने यह भी आरोप लगाया कि हिरासत के दौरान नेताओं को वकीलों से मिलने तक नहीं दिया गया। उन्होंने संविधान, लोकतंत्र और मतदान के अधिकारों की रक्षा के लिए संघर्ष जारी रखने की बात कही। ये आरोप पार्टी नेताओं की ओर से लगाए गए हैं।

राहुल गांधी और संजय सिंह ने भी उठाए सवाल

लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने सोशल मीडिया पर लिखा कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन के दौरान तिरंगा लहराना अपराध नहीं है। उन्होंने युवाओं को जेल भेजने की कार्रवाई की आलोचना की और कहा कि नागरिक अपने संवैधानिक अधिकारों की मांग कर रहे हैं।

आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने भी गिरफ्तारी पर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि तिरंगा फहराने और ‘भारत माता की जय’ के नारे लगाने पर युवाओं को जेल भेजा जा रहा है।

एसआईआर और मुख्य चुनाव आयुक्त पर विवाद

देश के विभिन्न राज्यों में चल रहे विशेष गहन पुनरीक्षण को लेकर विपक्षी दल विरोध कर रहे हैं। विपक्ष के नेता मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग भी उठा रहे हैं। दिपके ने आरोप लगाया कि चुनाव प्रक्रिया में गड़बड़ी के जरिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को सत्ता में बनाए रखने में मदद की गई। यह उनका आरोप है; उपलब्ध खबर में इसे साबित करने वाला कोई स्वतंत्र निष्कर्ष नहीं दिया गया है।

बेबाक24 टेक: जंतर-मंतर पर प्रदर्शन को लेकर सीजेपी नेताओं की गिरफ्तारी ने एसआईआर विवाद को नया राजनीतिक आयाम दिया है। पुलिस ने कानून उल्लंघन और सरकारी काम में बाधा डालने के आरोप लगाए हैं, जबकि विपक्षी नेताओं ने कार्रवाई की आलोचना की है। मामले में कानूनी प्रक्रिया आगे जारी रहेगी।



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