ब्रेकिंग न्यूज़
झांसी हादसे में छोटे बेटे अबान की मौत, कसारी-मसारी में पिता-चाचा की कब्रों के पास ही होगा सुपुर्द-ए-खाक
राजनीति राजनीति

जंतर-मंतर प्रदर्शन: रांका-दास 5 दिन की न्यायिक हिरासत में

by on | 2026-10-14 13:18:40

Share: Facebook | Twitter | WhatsApp | LinkedIn Visits: 3006


जंतर-मंतर प्रदर्शन: रांका-दास 5 दिन की न्यायिक हिरासत में

नई दिल्ली | बेबाक24 न्यूज़

दिल्ली में जंतर-मंतर पर तिरंगा फहराकर प्रदर्शन करने के मामले में कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के नेता आशुतोष रांका और सौरव दास को 5 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। वहीं, पार्टी के नेता अजिंक्य शिंदे को मुचलका भरने के बाद रिहा कर दिया गया। पुलिस ने तीनों को हिरासत में लेकर न्यायालय में पेश किया था।

जंतर-मंतर पर कैसे शुरू हुआ विवाद?

जंतर-मंतर को प्रदर्शन स्थलों की सूची से हटाए जाने के अगले दिन मंगलवार को सीजेपी के करीब 20 कार्यकर्ता तिरंगा लेकर वहां पहुंच गए। पार्टी के अनुसार, कार्यकर्ताओं ने जदयू कार्यालय का द्वार पार किया और भारी बैरिकेडिंग के बीच प्रदर्शन स्थल पर तिरंगा फहराया।

इसके बाद दिल्ली पुलिस ने पार्टी के सह-संयोजक आशुतोष रांका, सौरव दास और राष्ट्रीय संगठन प्रभारी अजिंक्य शिंदे सहित कार्यकर्ताओं को हिरासत में ले लिया। पुलिस ने नेताओं पर बिना अनुमति प्रवेश करने, मुचलके की शर्तों का उल्लंघन करने और सरकारी काम में बाधा डालने जैसे आरोप लगाए हैं।

अजिंक्य ने लगाया अधिकारों के उल्लंघन का आरोप

रिहाई के बाद अजिंक्य शिंदे ने कहा कि उन्होंने और पार्टी के अन्य कार्यकर्ताओं ने केवल तिरंगा फहराया तथा 'भारत माता की जय' का नारा लगाया था। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार शांतिपूर्ण विरोध करने के अधिकारों का उल्लंघन कर रही है।

अजिंक्य ने कहा कि आशुतोष रांका को उनके जन्मदिन पर ही जेल भेज दिया गया। उन्होंने दावा किया कि जेल भेजे जाने से पार्टी के कार्यकर्ता डरने वाले नहीं हैं और वे अपने विरोध को जारी रखेंगे।

बचाव पक्ष ने पुलिस की कार्रवाई पर उठाए सवाल

सीजेपी नेताओं की ओर से पेश अधिवक्ता अभिष्ट हेला ने आरोप लगाया कि पुलिस ने संभावित अपराध की आशंका के आधार पर नेताओं को न्यायिक हिरासत में भेजने की मांग की। उन्होंने कहा कि पुलिस का यह दावा गलत है कि नेताओं ने लोगों को प्रदर्शन स्थल पर आने के लिए बुलाया था।

बचाव पक्ष ने यह भी दावा किया कि नेताओं ने मुचलके की शर्तों का उल्लंघन नहीं किया और कनॉट प्लेस से जुड़े एक अलग मामले का यहां अनुचित इस्तेमाल किया गया। ये बचाव पक्ष की दलीलें हैं; मामले में आगे की न्यायिक प्रक्रिया महत्वपूर्ण होगी।

प्रदर्शन की अनुमति मांगने का दावा

सीजेपी के अनुसार, पार्टी के प्रतिनिधियों ने सोमवार को संसद मार्ग थाने में पत्र देकर जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन के लिए तारीख और समय तय करने की मांग की थी। पार्टी ने 24 घंटे के भीतर जवाब मांगा था। इसी दौरान जंतर-मंतर को प्रदर्शन स्थलों की सूची से हटाने का फैसला सामने आया।

पार्टी के संस्थापक अभिजीत दिपके ने आरोप लगाया कि प्रशासन प्रदर्शन स्थल को सूची से हटा सकता है, लेकिन लोगों की आवाज नहीं दबा सकता।

झूठी खबरें फैलाने के आरोप में 4 मामले

दिल्ली पुलिस के अनुसार, 10 अक्तूबर के प्रदर्शन के दौरान झूठी खबरें फैलाने और माहौल बिगाड़ने के आरोप में सामाजिक माध्यमों पर सक्रिय कुछ खातों के खिलाफ 4 मामले दर्ज किए गए हैं। पुलिस का दावा है कि इन खातों से प्रदर्शन के दौरान लोगों की मौत होने जैसी भ्रामक खबरें फैलाई गईं। पुलिस ने यह भी बताया कि ऐसे करीब 500 खाते हटाए जा चुके हैं।

पुलिस के मुताबिक, कुछ खातों के पाकिस्तान से संचालित होने का आरोप है। इन मामलों में भ्रामक जानकारी फैलाने और कानून-व्यवस्था बिगाड़ने की कोशिश की जांच की जा रही है।

बेबाक24 टेक

जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के बाद सीजेपी के 2 नेताओं को 5 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा गया है, जबकि अजिंक्य शिंदे रिहा हो चुके हैं। पुलिस ने प्रवेश, मुचलके की शर्तों और सरकारी काम में बाधा से जुड़े आरोप लगाए हैं। वहीं, पार्टी इसे शांतिपूर्ण विरोध के अधिकार से जुड़ा मामला बता रही है। आगे की सुनवाई में पुलिस के आरोपों और बचाव पक्ष की दलीलों पर स्थिति स्पष्ट होगी।



Search
Recent News
Top Trending
Most Popular

Leave a Comment