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अमेरिकी रोक के बीच टीसीएस का भरोसा, 5 साल में 15000 नौकरियां देने की तैयारी

by on | 2026-10-09 13:27:17

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अमेरिकी रोक के बीच टीसीएस का भरोसा, 5 साल में 15000 नौकरियां देने की तैयारी

नई दिल्ली | बेबाक24 न्यूज़

अमेरिका में ग्रीन कार्ड से जुड़ी स्थायी श्रम प्रमाणन प्रक्रिया पर रोक के बीच टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (टीसीएस) ने अपनी भर्ती योजना जारी रखने का भरोसा जताया है। कंपनी ने कहा है कि वह अगले 5 वर्षों में अमेरिका में 15000 अतिरिक्त लोगों को रोजगार देने की योजना पर कायम है। टीसीएस के अनुसार, हालिया फैसले से उसकी भर्ती रणनीति और ग्राहकों के साथ कामकाज पर बड़े असर की आशंका नहीं है।

पीईआरएम आवेदनों की संख्या रही बेहद कम

टीसीएस ने अमेरिकी श्रम विभाग के फैसले पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि वह विभाग के सभी निर्देशों का पालन करेगी। कंपनी के मुताबिक, पिछले 2 वर्षों में स्थायी श्रम प्रमाणन कार्यक्रम (पीईआरएम) के तहत उसके आवेदनों की संख्या इकाई के अंक में रही है। इसी आधार पर कंपनी को अपने कामकाज पर बड़े असर की आशंका नहीं है।

टीसीएस ने यह भी बताया कि अमेरिका में उसकी भर्ती व्यवस्था स्थानीय लोगों को रोजगार देने पर केंद्रित है। कंपनी के वहां 31 कार्यालय और कामकाज केंद्र हैं, जहां बड़ी संख्या में स्थानीय कर्मचारी काम करते हैं।

8 कंपनियों पर अमेरिकी कार्रवाई

अमेरिकी सरकार ने कथित अनियमितताओं की जांच के बीच टीसीएस समेत 8 बड़ी प्रौद्योगिकी कंपनियों को पीईआरएम कार्यक्रम से निलंबित किया है। इस सूची में इन्फोसिस, विप्रो, एचसीएल टेक्नोलॉजीज, कॉग्निजेंट, कैपजेमिनी, माइक्रोसॉफ्ट और एडोबी भी शामिल हैं।

अमेरिकी श्रम विभाग ने संबंधित कंपनियों के नए आवेदनों के साथ पहले से लंबित आवेदनों पर भी आगे की प्रक्रिया रोकने की बात कही है। विभाग के अनुसार, कंपनियों से जुड़ी संघीय जांच चल रही हैं।

क्या है पीईआरएम प्रक्रिया?

पीईआरएम अमेरिका में रोजगार आधारित ग्रीन कार्ड हासिल करने की प्रक्रिया का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। इसके तहत नियोक्ता को यह साबित करना होता है कि विदेशी कर्मचारी को नौकरी देने से अमेरिकी कर्मचारियों के वेतन, कामकाजी परिस्थितियों या रोजगार के अवसरों पर प्रतिकूल असर नहीं पड़ेगा।

इस प्रक्रिया पर रोक लगने से प्रभावित कंपनियों के लिए पात्र विदेशी कर्मचारियों के स्थायी निवास की प्रक्रिया आगे बढ़ाना मुश्किल हो सकता है। हालांकि, इसका अर्थ यह नहीं है कि कंपनियों की अमेरिका में भर्ती पूरी तरह बंद हो गई है।

नैसकॉम ने अलग-अलग बताया आव्रजन और भर्ती का मुद्दा

भारतीय सूचना प्रौद्योगिकी उद्योग के संगठन नैसकॉम ने आव्रजन और कुशल कर्मचारियों की आवाजाही को अलग-अलग मुद्दे बताया है। संगठन के अनुसार, भारतीय कंपनियां एच-1बी वीजा पर निर्भरता घटाने और अमेरिका में स्थानीय भर्ती बढ़ाने की दिशा में काम कर रही हैं।

स्थानीय कर्मचारियों की भर्ती और अमेरिका में मौजूद कार्यालयों का नेटवर्क टीसीएस की रणनीति का हिस्सा है। कंपनी को उम्मीद है कि इसी व्यवस्था के सहारे वह अपनी रोजगार योजना आगे बढ़ा सकेगी।

बेबाक24 टेक

पीईआरएम कार्यक्रम पर अमेरिकी रोक से स्थायी निवास की प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है, लेकिन टीसीएस का कहना है कि उसके आवेदनों की कम संख्या और स्थानीय भर्ती पर जोर के कारण कामकाज पर बड़ा असर पड़ने की आशंका नहीं है। अगले 5 वर्षों में 15000 अतिरिक्त नौकरियां देने की योजना कंपनी के भरोसे को दर्शाती है। वास्तविक प्रभाव अमेरिकी जांच के नतीजों और आगे के नियमों पर निर्भर करेगा।



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