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दिल्ली प्रदर्शन पर यूएन को भारत का जवाब, कहा- आंतरिक मामलों में दखल अस्वीकार्य

by on | 2026-10-11 13:58:26

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दिल्ली प्रदर्शन पर यूएन को भारत का जवाब, कहा- आंतरिक मामलों में दखल अस्वीकार्य

नई दिल्ली | बेबाक24 न्यूज़

दिल्ली में विरोध-प्रदर्शन के दौरान हिरासत की कार्रवाई पर संयुक्त राष्ट्र के मानवाधिकार उच्चायुक्त कार्यालय की टिप्पणी पर भारत ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। विदेश मंत्रालय ने कहा कि भारत दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र है, जहां संविधान शांतिपूर्ण तरीके से एकत्र होने के अधिकार की गारंटी देता है। मंत्रालय ने संयुक्त राष्ट्र कार्यालय की चिंताओं को बेबुनियाद बताते हुए इसे भारत के आंतरिक मामलों में अस्वीकार्य हस्तक्षेप करार दिया।

कानून और संवैधानिक संस्थाओं का दिया हवाला

विदेश मंत्रालय के अनुसार, भारत में शांतिपूर्ण सभा के अधिकार की रक्षा मजबूत संस्थाओं, स्वतंत्र न्यायपालिका और स्वतंत्र मीडिया के माध्यम से होती है। मंत्रालय ने कहा कि इस अधिकार का इस्तेमाल सार्वजनिक व्यवस्था और सुरक्षा बनाए रखने की शर्तों के अधीन किया जाता है।

एमईए ने यह भी कहा कि कानून लागू करने वाली एजेंसियां कानूनी प्रावधानों के अनुसार काम करती हैं और किसी भी शिकायत के समाधान के लिए अदालतें उपलब्ध हैं।

मानवाधिकार कार्यालय के रवैये पर सवाल

विदेश मंत्रालय ने संयुक्त राष्ट्र के मानवाधिकार कार्यालय पर सार्वजनिक बयानों में चुनिंदा रुख अपनाने का आरोप लगाया। मंत्रालय के मुताबिक, पड़ोसी देशों में विरोध-प्रदर्शनों के दौरान हिंसक प्रतिक्रियाओं और कानून लागू करने वाली एजेंसियों की कार्रवाई पर समान रूप से टिप्पणी नहीं की गई।

एमईए ने कहा कि ऐसे कथित दोहरे मापदंड संबंधित कार्यालय की विश्वसनीयता और बहुपक्षीय व्यवस्था में भरोसे को कमजोर करते हैं।

दिल्ली में प्रदर्शन को लेकर विवाद

यह विवाद मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर दिल्ली में प्रस्तावित प्रदर्शन के बाद सामने आया। रिपोर्ट के मुताबिक, प्रदर्शनकारी जंतर-मंतर पर धरना देना चाहते थे, लेकिन दिल्ली पुलिस ने इसकी अनुमति नहीं दी। इसके बाद राजधानी में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी की गई और प्रदर्शनकारियों की आवाजाही नियंत्रित करने के लिए कदम उठाए गए।

रिपोर्ट में करीब 3,000 लोगों को हिरासत में लिए जाने का दावा किया गया है। इनमें प्रदर्शनकारी, संगठन के समर्थक और विपक्षी नेता शामिल बताए गए हैं।

बेबाक24 टेक

दिल्ली प्रदर्शन पर संयुक्त राष्ट्र के मानवाधिकार कार्यालय की टिप्पणी और भारत के विदेश मंत्रालय की प्रतिक्रिया ने अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता, सार्वजनिक व्यवस्था तथा आंतरिक मामलों में अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं की भूमिका को लेकर बहस तेज कर दी है। विदेश मंत्रालय ने संवैधानिक संस्थाओं और कानूनी प्रक्रिया का हवाला देते हुए संयुक्त राष्ट्र कार्यालय के रुख पर सवाल उठाए हैं।



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