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महंगाई का नया असर, छोटे पैक में घटा सामान और बड़े पैक हुए महंगे

by on | 2026-10-07 14:26:55

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महंगाई का नया असर, छोटे पैक में घटा सामान और बड़े पैक हुए महंगे

नई दिल्ली | बेबाक24 न्यूज़

दशहरा और दिवाली से पहले रोजमर्रा की चीजों की बढ़ती लागत का असर अब पैकेट के आकार और कीमत में भी दिखाई देने लगा है। कंपनियां छोटे पैक की कीमत पहले जैसी रखते हुए उनमें सामान की मात्रा घटा रही हैं, जबकि बड़े पैक के दाम सीधे बढ़ाए जा रहे हैं। बिस्कुट, नमकीन, नूडल्स, साबुन, शैंपू, चाय और दूसरी घरेलू जरूरत की चीजों पर इसका असर बताया जा रहा है।

कई छोटे पैक में सामान की मात्रा 2 से 7 फीसदी तक घटाई जा रही है, जबकि बड़े पैक की कीमतों में 5 से 6 फीसदी तक बढ़ोतरी की जा रही है। यानी ग्राहक को पैकेट के लिए पहले जितने ही रुपये देने पड़ सकते हैं, लेकिन उसके बदले सामान कम मिलेगा।

कच्चे माल की बढ़ी लागत बनी वजह

कंपनियों के सामने उत्पादन लागत बढ़ने और ग्राहकों पर सीधे कीमत का बोझ डालने से बचने की चुनौती है। पाम तेल, पैकेजिंग सामग्री, कच्चे तेल से जुड़े उत्पादों और दूसरी वस्तुओं की कीमत बढ़ने से कंपनियों की लागत बढ़ी है।

ऐसे में 10, 20 और 50 रुपये जैसे छोटे पैक की कीमत बढ़ाने के बजाय उनकी मात्रा घटाना कंपनियों को आसान विकल्प लग रहा है। इन पैकों की कीमत बढ़ने पर ग्राहकों को सामान महंगा होने का असर तुरंत महसूस होता है।

बिस्कुट से साबुन तक असर

मात्रा घटाने या कीमत बढ़ाने का असर बिस्कुट, नमकीन, नूडल्स, बालों के तेल, साबुन, शैंपू, कपड़े धोने के साबुन, चीनी और चाय जैसी रोजमर्रा की वस्तुओं में दिखाई दे रहा है।

बीकाजी फूड्स के मनोज वर्मा के अनुसार, पिछले 6-7 महीनों में औसत कच्चे माल की लागत करीब 7 फीसदी बढ़ी है। पाम तेल, पैकेजिंग और अन्य वस्तुओं की कीमतों में बढ़ोतरी इसका प्रमुख कारण रही है।

दूध और घी भी दे सकते हैं झटका

त्योहारी मौसम में दूध और घी की कीमतों पर भी दबाव बढ़ने की संभावना है। पारस डेयरी के विपणन अधिकारी वीपीएस मलिक के अनुसार, दूध की कीमत में 3 रुपये प्रति लीटर तक और बढ़ोतरी हो सकती है।

घी की कीमत पहले ही 25 से 30 रुपये प्रति किलो बढ़ चुकी है और इतनी ही और बढ़ोतरी की संभावना जताई गई है। त्योहारों के दौरान दूध और घी की मांग बढ़ने से परिवारों के बजट पर इसका असर पड़ सकता है।

बड़े पैक में सीधे बढ़ रहे दाम

छोटे पैक में मात्रा घटाने के पीछे ग्राहकों की कीमत को लेकर संवेदनशीलता भी बड़ी वजह है। वहीं बड़े पैक आमतौर पर आधुनिक दुकानों और ऑनलाइन बिक्री में अधिक खरीदे जाते हैं, इसलिए कंपनियों के पास इनकी कीमत बढ़ाने की गुंजाइश ज्यादा रहती है।

इससे ग्राहक पर दोहरा असर पड़ सकता है—छोटे पैक में समान कीमत पर कम सामान और बड़े पैक में अधिक कीमत।

बेबाक24 टेक

महंगाई का असर अब केवल वस्तुओं की कीमत बढ़ने तक सीमित नहीं है। कंपनियां छोटे पैक में मात्रा घटाकर कीमत को स्थिर रखने और बड़े पैक में दाम बढ़ाकर बढ़ी लागत की भरपाई करने की कोशिश कर रही हैं। ऐसे में खरीदारी करते समय केवल पैकेट की कीमत नहीं, बल्कि उसमें दी गई वास्तविक मात्रा देखना भी जरूरी होगा।



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