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लवलीना का जन्मदिन पर गोल्डन पंच, बाओ जियी को 5-0 से हराकर रचा इतिहास

by admin@bebak24.com on | 2026-10-02 14:14:28

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लवलीना का जन्मदिन पर गोल्डन पंच, बाओ जियी को 5-0 से हराकर रचा इतिहास

आइची-नागोया | बेबाक24 न्यूज़

भारतीय मुक्केबाज लवलीना बोरगोहेन ने अपने 29वें जन्मदिन को ऐतिहासिक बना दिया। 2 अक्तूबर को हुए एशियाई खेलों के महिलाओं के 75 किग्रा भार वर्ग के फाइनल में लवलीना ने चीन की बाओ जियी को सर्वसम्मति से 5-0 से हराकर स्वर्ण पदक जीत लिया। यह इस भार वर्ग में भारत का पहला एशियाई खेल स्वर्ण है।

फाइनल में रणनीति से मिली जीत

लवलीना ने मुकाबले की शुरुआत संयम के साथ की और धीरे-धीरे अपनी लय पकड़ी। आक्रामक अंदाज में खेल रहीं बाओ जियी के खिलाफ उन्होंने दूरी बनाए रखी, क्लिंच का इस्तेमाल किया और सही मौकों पर जवाबी पंच लगाए।

मुकाबले के अंतिम दौर में लवलीना ने अपनी बढ़त बनाए रखी और बाओ के हमलों से बचते हुए मुकाबला अपने नाम कर लिया। पांचों जजों ने भारतीय मुक्केबाज के पक्ष में फैसला दिया।

75 किग्रा में भारत का पहला सोना

लवलीना से पहले इस भार वर्ग में भारत की महिला मुक्केबाजों ने एशियाई खेलों में कांस्य और रजत पदक जीते थे। 2010 में कविता गोयत ने कांस्य, 2014 में पूजा रानी ने कांस्य और 2022 में लवलीना ने रजत पदक जीता था। अब 2026 में लवलीना ने इसी वर्ग में भारत को पहली बार स्वर्ण दिलाया है।

मैरी कॉम के बाद दूसरी भारतीय महिला मुक्केबाज

लवलीना एशियाई खेलों में स्वर्ण जीतने वाली मैरी कॉम के बाद दूसरी भारतीय महिला मुक्केबाज बन गई हैं। मैरी कॉम ने 2014 में महिलाओं के 51 किग्रा वर्ग में भारत के लिए स्वर्ण पदक जीता था।

लवलीना अब एशियाई खेलों में स्वर्ण और रजत दोनों पदक जीतने वाली भारत की पहली महिला मुक्केबाज भी बन गई हैं। 2022 में उन्होंने 75 किग्रा वर्ग में रजत पदक जीता था।

सेमीफाइनल में भी करीबी जीत

फाइनल से पहले लवलीना ने सेमीफाइनल में कजाकिस्तान की नताल्या बोगदानोवा को 3-2 के विभाजित निर्णय से हराया था। इसके साथ ही वह लगातार 2 एशियाई खेलों के फाइनल में पहुंचने वाली पहली भारतीय महिला मुक्केबाज बनी थीं।

भारत के खाते में 12वां स्वर्ण

लवलीना के स्वर्ण पदक के साथ एशियाई खेलों में भारत के स्वर्ण पदकों की संख्या 12 हो गई। स्रोत के अनुसार भारत के खाते में अब 12 स्वर्ण, 24 रजत और 34 कांस्य समेत कुल 70 पदक हैं।

बेबाक24 टेक: लवलीना ने अपने जन्मदिन पर स्वर्ण जीतकर 75 किग्रा वर्ग में भारत के लिए नया अध्याय जोड़ा। उनका यह पदक एशियाई खेलों में महिला मुक्केबाजी के भारतीय स्वर्ण पदकों की सूची में मैरी कॉम के बाद दूसरा नाम भी जोड़ता है।



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