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यूपीएससी की शताब्दी पर पीएम मोदी बोले- भर्ती में ज्ञान के साथ सेवा भावना भी जरूरी

by on | 2026-10-01 16:24:34

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यूपीएससी की शताब्दी पर पीएम मोदी बोले- भर्ती में ज्ञान के साथ सेवा भावना भी जरूरी

नई दिल्ली | बेबाक24 न्यूज़

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को यूपीएससी के शताब्दी समारोह में आयोग की 100 साल की यात्रा और उसकी विश्वसनीयता का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि पीढ़ियां बदलीं, सरकारी व्यवस्थाएं, तकनीक और पाठ्यक्रम बदले, लेकिन यूपीएससी पर लोगों का भरोसा आज भी कायम है।

प्रधानमंत्री ने इस अवसर पर एक स्मारकीय डाक टिकट भी जारी किया। उन्होंने कहा कि यह केवल 100 साल पूरे होने का समारोह नहीं, बल्कि यूपीएससी की विरासत और उन लाखों युवाओं की आकांक्षाओं का उत्सव है, जो हर साल लोक सेवा में जाने का सपना देखते हैं।

भर्ती के लिए बताईं 2 कसौटियां

पीएम मोदी ने कहा कि सिविल सेवा में होने वाली प्रत्येक भर्ती को 2 कसौटियों पर परखा जाना चाहिए—देश पहले और नागरिक पहले। उनके अनुसार, लोक सेवा में ऐसे युवाओं को आना चाहिए जो सरकारी पद से नहीं, बल्कि जनता की सेवा से आकर्षित हों।

उन्होंने कहा कि भर्ती परीक्षा का उद्देश्य केवल यह देखना नहीं होना चाहिए कि उम्मीदवार कितना जानता है, बल्कि यह भी समझना जरूरी है कि वह सिविल सेवा में क्यों आना चाहता है।

'सरकार माई-बाप नहीं'

प्रधानमंत्री ने कहा कि देश ने वह दौर भी देखा है जब सरकार को माई-बाप माना जाता था, लेकिन अब मंत्र 'नागरिक देवो भव:' का है। उन्होंने कहा कि नागरिकों की सेवा सर्वोपरि है और नई कार्यसंस्कृति के साथ आगे बढ़ रहे भारत को ऐसे पेशेवरों की जरूरत है, जो गरीबों की समस्याओं और देश की जरूरतों को समझ सकें।

सरदार पटेल और सुभाष चंद्र बोस का किया जिक्र

पीएम मोदी ने सरदार वल्लभ भाई पटेल को याद करते हुए कहा कि आजादी के बाद उनके सामने देश को स्वतंत्र रखने के साथ उसे चलाने की चुनौती भी थी। राष्ट्र निर्माण के लिए जरूरी कौशल ढांचे में पटेल की भूमिका का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि उन्होंने इस संस्था को स्वतंत्र भारत का प्रमुख स्तंभ बनाया।

प्रधानमंत्री ने यूपीएससी की गैलरी का जिक्र करते हुए नेताजी सुभाष चंद्र बोस की परीक्षा का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि 1920 में बोस इसी प्रक्रिया से गुजरे थे और उन्होंने संस्कृत का प्रश्नपत्र भी लिखा था।

शहीद पायलट के पराक्रम को सराहा

प्रधानमंत्री ने फ्लायदुबई के विमान में हुई चाकूबाजी और विमान अपहरण की साजिश का भी उल्लेख किया। उन्होंने भारतीय पायलट स्मित मच्छार के साहस की सराहना की और कहा कि उन्होंने 180 लोगों की जान बचाई। पीएम मोदी ने बताया कि उन्होंने पायलट के माता-पिता और पत्नी से भी बात की है।

बेबाक24 टेक

यूपीएससी की शताब्दी पर प्रधानमंत्री ने भर्ती प्रक्रिया में ज्ञान के साथ सेवा भावना और नागरिकों के प्रति जिम्मेदारी को महत्व देने की बात कही। उन्होंने 'देश पहले और नागरिक पहले' को चयन की 2 प्रमुख कसौटियों के रूप में रेखांकित किया।



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