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जेल में अफसरों की 'अचानक एंट्री': जिला जज, DM अनुपम शुक्ला और SP डॉ. ईरज राजा की रेड से हड़कंप!

by on | 2026-09-30 20:15:48

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जेल में अफसरों की 'अचानक एंट्री': जिला जज, DM अनुपम शुक्ला और SP डॉ. ईरज राजा की रेड से हड़कंप!

​गाज़ीपुर: कहने को तो जेल सलाखों की सख्त पहरेदारी का केंद्र है, जहाँ बिना इजाजत परिंदा भी पर नहीं मार सकता... लेकिन इन सलाखों के पीछे हकीकत क्या चल रही है? इसी का सच खंगालने के लिए जब जनपद न्यायाधीश जय प्रकाश यादव, नवागत जिलाधिकारी अनुपम शुक्ला और पुलिस अधीक्षक डॉ. ईरज राजा की तिकड़ी अचानक जिला कारागार की चौखट पर पहुंची, तो जेल महकमे में अफरा-तफरी मच गई।

​बिना किसी पूर्व सूचना के पहुंचे आला अधिकारियों ने सीधे जेल के संवेदनशील इलाकों का रुख किया। यह निरीक्षण महज कागजी रस्म अदायगी नहीं था—अधिकारियों ने एक-एक व्यवस्था की बाल की खाल निकाली।

​बैरक, अस्पताल से लेकर CCTV तक पर कड़ी नज़र

अफसरों ने सीधे महिला व पुरुष बैरकों, हवालात कार्यालय, जेल अस्पताल और रसोई घर का रुख किया। हवालात कार्यालय के स्टॉक रजिस्टर का एक-एक पन्ना पलटा गया। बैरकों में जाकर कैदियों के पेशी कार्ड चेक किए गए ताकि अगली तारीख की जानकारी स्पष्ट रहे। सीसीटीवी कंट्रोल रूम में बैठकर कैमरों की लाइव फीड और उनकी संचालन व्यवस्था को भी परखा गया।

​अस्पताल और रसोई का तीखा 'रियल्टी चेक'

जेल अस्पताल में भर्ती बीमार बंदियों से अफसरों ने खुद उनका हाल जाना—"इलाज समय पर मिल रहा है? दवाएं और साफ-सफाई ठीक है या सिर्फ कागज़ों में?" इसके बाद अधिकारियों की टीम सीधे रसोई घर पहुंची, जहाँ रोजाना बनने वाले खाने के मेनू (Menu) का बारीक हिसाब-किताब लिया गया।

​"जेल में न दिखे मोबाइल, रोस्टर बनाकर चलाएं चेकिंग अभियान"

सुरक्षा के मोर्चे पर जिलाधिकारी अनुपम शुक्ला सख्त नजर आए। उन्होंने जेल अधीक्षक को दो-टूक और कड़े शब्दों में निर्देश दिया—“जेल के अंदर किसी भी सूरत में मोबाइल या अन्य प्रतिबंधित इलेक्ट्रॉनिक उपकरण का प्रवेश नहीं होना चाहिए।” इसके लिए रोस्टर तैयार कर लगातार औचक चेकिंग अभियान चलाने के सख्त आदेश दिए गए हैं।

​साफ संदेश है कि बैरकों के अंदर अनुशासनहीनता और सुरक्षा में ढिलाई कतई बर्दाश्त नहीं होगी। अब देखना यह है कि आला अधिकारियों की इस सख्त हिदायत के बाद जेल परिसर की आबोहवा में कितना सुधार आता है!



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