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सुप्रीम कोर्ट का बड़ा आदेश, बंद निगमों के कर्मचारियों को 1 लाख रुपये अतिरिक्त मुआवजा

by admin@bebak24.com on | 2026-09-30 13:30:30

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सुप्रीम कोर्ट का बड़ा आदेश, बंद निगमों के कर्मचारियों को 1 लाख रुपये अतिरिक्त मुआवजा

पटना | बेबाक24 न्यूज़

सुप्रीम कोर्ट ने बिहार और झारखंड से जुड़े 5 बंद राज्य निगमों के दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों और कामगारों के बकाये को लेकर महत्वपूर्ण निर्देश दिए हैं। अदालत ने संबंधित कर्मचारियों को एकमुश्त 1 लाख रुपये अतिरिक्त मुआवजा देने और बकाये का भुगतान ब्याज सहित 3 महीने के भीतर करने का आदेश दिया है।

न्यायमूर्ति विक्रम नाथ और न्यायमूर्ति संदीप मेहता की पीठ ने कहा कि लंबे समय तक 42.50 रुपये प्रतिदिन की एक ही दर से बकाये की गणना करना उचित नहीं ठहराया जा सकता। इस व्यवस्था से 598 दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों को कुल 5.98 करोड़ रुपये का अतिरिक्त भुगतान होगा।

ईपीएफ पर 12 और अन्य बकाये पर 6 फीसदी ब्याज

सुप्रीम कोर्ट ने कर्मचारी भविष्य निधि के बकाये पर 12 फीसदी वार्षिक साधारण ब्याज देने का निर्देश दिया है। वहीं, वेतन, मजदूरी और अन्य मौद्रिक बकाये पर 6 फीसदी वार्षिक साधारण ब्याज देना होगा।

ब्याज की गणना राशि देय होने की तारीख से वास्तविक भुगतान की तारीख तक की जाएगी। भुगतान संबंधित कर्मचारियों या उनके वैध कानूनी उत्तराधिकारियों को किया जाएगा।

4 हफ्ते में सार्वजनिक करनी होगी जानकारी

अदालत ने बिहार और झारखंड सरकार को 4 हफ्ते के भीतर सभी संबंधित कर्मचारियों और कामगारों की अद्यतन जानकारी सार्वजनिक करने का निर्देश दिया है। यह जानकारी दोनों राज्यों के सूचना एवं जनसंपर्क विभाग तथा संबंधित प्रशासनिक विभागों की आधिकारिक वेबसाइटों पर प्रकाशित करनी होगी।

598 कर्मचारियों के बकाये का मामला

सुप्रीम कोर्ट का प्रमुख निर्देश बिहार राज्य निर्माण निगम के 598 दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों और कामगारों से जुड़ा है। इनके बकाये की गणना वर्ष 1992 से सेवानिवृत्ति, मृत्यु या सेवा समाप्ति तक 42.50 रुपये प्रतिदिन की दर से की गई थी।

इस आधार पर पहले ही 467 दैनिक वेतनभोगियों को कुल 14.21 करोड़ रुपये का भुगतान किया जा चुका है। अब अदालत ने प्रत्येक संबंधित दैनिक वेतनभोगी को 1 लाख रुपये अतिरिक्त एकमुश्त मुआवजा देने का निर्देश दिया है।

विवाद में ये 5 निगम शामिल

मामला मुख्य रूप से इन 5 राज्य-स्वामित्व वाले निगमों से जुड़ा है—

  • बिहार राज्य निर्माण निगम लिमिटेड
  • बिहार राज्य औद्योगिक विकास निगम लिमिटेड
  • बिहार राज्य इलेक्ट्रॉनिक विकास निगम लिमिटेड
  • बिहार राज्य वन विकास निगम लिमिटेड
  • बिहार राज्य पंचायती राज वित्तीय निगम लिमिटेड

झारखंड में भी मामले लंबित

झारखंड उच्च न्यायालय में बीएसआईडीसी कामगार यूनियन सहित अन्य याचिकाओं पर भी सुनवाई चल रही है। स्रोत के अनुसार, सर्वोच्च न्यायालय में मामला विचाराधीन होने के कारण उच्च न्यायालय ने जनहित याचिका पर अगली सुनवाई के लिए 5 नवंबर की तारीख तय की है।

झारखंड क्षेत्र में स्थित ईईएफ इलेक्ट्रिक इक्विपमेंट फैक्टरी, हाइटेंशन इंसुलेटर फैक्टरी और स्वर्णरेखा घड़ी कारखाने समेत बीएसआईडीसी के 5 बंद कारखानों के करीब 600 कर्मचारियों के मामले भी लंबित हैं।

बेबाक24 टेक

सुप्रीम कोर्ट के आदेश से लंबे समय से बकाये और भुगतान की प्रतीक्षा कर रहे संबंधित दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों को अतिरिक्त आर्थिक राहत मिलेगी। अदालत ने मुआवजे के साथ ब्याज और भुगतान की समयसीमा तय कर प्रक्रिया को स्पष्ट किया है।



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