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यूपी में टोल फर्जीवाड़े पर ईडी की छापेमारी, 14 ठिकानों से 1.03 करोड़ बरामद

by admin@bebak24.com on | 2026-09-03 12:15:51

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यूपी में टोल फर्जीवाड़े पर ईडी की छापेमारी, 14 ठिकानों से 1.03 करोड़ बरामद

लखनऊ | बेबाक24 न्यूज़

राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के टोल प्लाजा से जुड़ी कथित फर्जी वसूली और धन शोधन के मामले में प्रवर्तन निदेशालय ने बड़ी कार्रवाई की है। लखनऊ स्थित क्षेत्रीय कार्यालय की टीम ने बुधवार को उत्तर प्रदेश समेत 7 राज्यों और क्षेत्रों में एक साथ 14 ठिकानों पर तलाशी ली। कार्रवाई के दौरान अब तक 1.03 करोड़ रुपये नकद, संदिग्ध दस्तावेज और कई डिजिटल उपकरण बरामद किए गए हैं।

प्रवर्तन निदेशालय ने यह कार्रवाई धन शोधन निवारण अधिनियम, 2002 की धारा 17 के तहत की। एजेंसी का उद्देश्य टोल वसूली में कथित अनियमितताओं से जुड़े दस्तावेजी और इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य जुटाना तथा इससे लाभ पाने वाले लोगों और धन के स्रोत का पता लगाना है।

7 राज्यों और क्षेत्रों में एक साथ तलाशी

जांच एजेंसी के अनुसार तलाशी उत्तर प्रदेश, राजस्थान, महाराष्ट्र, जम्मू, मध्य प्रदेश, राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र और कोलकाता स्थित परिसरों में की गई। अलग-अलग स्थानों पर संबंधित लोगों और संस्थानों से जुड़े दस्तावेज तथा डिजिटल सामग्री की जांच की जा रही है।

ईडी का कहना है कि इन तलाशी कार्रवाइयों से कथित टोल फर्जीवाड़े में शामिल लोगों और पूरे तंत्र की भूमिका को समझने में मदद मिल सकती है।

बिना अनुमति तैयार की जाती थीं टोल रसीदें

मामले की जांच 19 मई 2025 से शुरू हुई थी। जांच एजेंसी के अनुसार इस दौरान ऐसे अनधिकृत सॉफ्टवेयर के इस्तेमाल की जानकारी मिली, जिनके माध्यम से कथित तौर पर निर्धारित व्यवस्था से बाहर टोल रसीदें तैयार की जाती थीं।

आरोप है कि इस प्रक्रिया के जरिए टोल से प्राप्त रकम को राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण की आधिकारिक लेखा व्यवस्था से बाहर रखा जाता था। इससे सरकारी राजस्व को नुकसान पहुंचने की आशंका जताई गई है।

अभिलेखों और तकनीकी जांच से मिले संकेत

प्रवर्तन निदेशालय के अनुसार राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण से मिले अभिलेखों और तकनीकी जांच में अनधिकृत सॉफ्टवेयर के इस्तेमाल से संबंधित जानकारी सामने आई। इसके बाद एजेंसी ने मामले से जुड़े संभावित ठिकानों की पहचान कर एक साथ तलाशी शुरू की।

जांच के दौरान बरामद डिजिटल उपकरणों और दस्तावेजों का तकनीकी विश्लेषण किया जा रहा है। इससे कथित फर्जी वसूली की कार्यप्रणाली, धन के लेनदेन और इसमें शामिल लोगों की भूमिका के बारे में अधिक जानकारी मिलने की उम्मीद है।

1.03 करोड़ रुपये नकद समेत डिजिटल सामग्री मिली

ईडी के मुताबिक अब तक तलाशी वाले परिसरों से कुल 1.03 करोड़ रुपये नकद बरामद किए गए हैं। इसके अलावा संदिग्ध दस्तावेज और डिजिटल उपकरण भी मिले हैं।

एजेंसी इन सामग्रियों की जांच कर रही है। बरामद धन और दस्तावेजों का मामले से संबंध जांच के बाद ही पूरी तरह स्पष्ट होगा।

जांच के दायरे में बढ़ सकता है मामला

बहु-राज्यीय तलाशी के बाद जांच का दायरा बढ़ने की संभावना है। ईडी अब टोल वसूली से जुड़े लेनदेन, इस्तेमाल किए गए सॉफ्टवेयर और संबंधित खातों की जानकारी का मिलान कर रही है।

फिलहाल एजेंसी की जांच जारी है और बरामद सामग्री के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई तय की जाएगी।



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