by admin@bebak24.com on | 2026-09-03 12:07:05
Share: Facebook | Twitter | WhatsApp | LinkedIn Visits: 3006
काठमांडू | बेबाक24 न्यूज़
नेपाल में 26 अगस्त को आई विनाशकारी बाढ़ के बाद राहत और बचाव अभियान लगातार जारी है, लेकिन तबाही का दायरा अब भी बढ़ता दिखाई दे रहा है। नेपाल और चीन में हुई इस प्राकृतिक आपदा में कुल मृतकों की संख्या 1225 तक पहुंचने की जानकारी सामने आई है, जबकि 4757 लोग अब भी लापता बताए जा रहे हैं। इनमें ठाणे जिले के 10 कैलाश मानसरोवर यात्री भी शामिल हैं।
बाढ़ के बाद नेपाल के कई हिस्सों में संपर्क व्यवस्था प्रभावित हुई है। दुर्गम पहाड़ी इलाकों में बचाव दल मलबा हटाकर लोगों की तलाश कर रहे हैं। इस बीच भारत की ओर से राहत सामग्री और विशेषज्ञ दल भी भेजे जा रहे हैं।
नेपाल-चीन सीमा क्षेत्र में यात्रा पर गए ठाणे के 10 कैलाश मानसरोवर यात्री अभी तक अपने परिवारों से संपर्क नहीं कर सके हैं। तिमुरे इलाके में आई बाढ़ के दौरान संचार व्यवस्था बुरी तरह प्रभावित हुई थी, जिसके बाद इन यात्रियों का कोई पता नहीं चला।
ठाणे जिला प्रशासन के अनुसार, लापता यात्रियों की तलाश के लिए नेपाल में राहत दलों और यात्रा संचालकों से संपर्क किया जा रहा है। जिले के डोंबिवली निवासी प्रकाश शांताराम माने और उनकी पत्नी प्रतिभा सुरक्षित लौट चुके हैं। बाकी यात्रियों के परिवार उनकी सुरक्षित वापसी की उम्मीद लगाए हुए हैं।
नेपाल के विदेश मंत्रालय के अनुसार तिब्बत में करीब 100 नेपाली नागरिकों के लापता होने की सूचना है। बाढ़ के दौरान तीर्थयात्रा और कारोबार के सिलसिले में तिब्बत गए लगभग 3000 नेपाली नागरिक वहां फंस गए थे। इनमें से 2500 से अधिक लोगों की नेपाल वापसी हो चुकी है।
अधिकारियों के मुताबिक केरुंग सीमा क्षेत्र में अब भी करीब 1500 नेपाली नागरिक फंसे हुए हैं। उन्हें सुरक्षित नेपाल वापस लाने के लिए संबंधित अधिकारियों के बीच बातचीत जारी है।
नेपाल के विदेश मंत्रालय के अनुसार रसुवा जिले की भोटेकोशी नदी में बह गए कम से कम 19 लोगों के शव भारत में मिले हैं। पानी के तेज बहाव के कारण शव भोटेकोशी से त्रिशूली और नारायणी नदियों के रास्ते भारत पहुंचे।
इनमें से शव नेपाल की सीमा से लगे रुपन्देही और नवलपरासी पश्चिम क्षेत्र के आसपास बरामद किए गए। नेपाल के अधिकारियों को शव सौंपने की प्रक्रिया जारी है। अलग-अलग क्षेत्रों से बरामद शवों को लेकर आंकड़ों में समय के अनुसार बदलाव भी हो रहा है।
भारत ने नेपाल में राहत अभियान के लिए बुधवार को सहायता की 5वीं खेप भेजी। भारतीय वायुसेना के विमान से करीब 5.5 टन चिकित्सा सामग्री भेजी गई, जिसमें आवश्यक दवाएं, दर्द निवारक औषधियां और शल्य चिकित्सा से जुड़े उपकरण शामिल हैं।
इसके साथ 11 सदस्यीय विशेष बचाव दल और 6 टन से अधिक आधुनिक बचाव उपकरण भी भेजे गए। भारत अब तक नेपाल को करीब 74 टन राहत सामग्री उपलब्ध करा चुका है।
भारतीय सुरंग बचाव दल ने अपना ठिकाना त्रिशूली से स्याब्रुबेसी स्थानांतरित किया है। इसका उद्देश्य चिलीमे सुरंग तक जल्दी पहुंच बनाना है। दल ने नेपाली सेना के साथ संयुक्त अभियान में मलबे से भरी सुरंग के भीतर करीब 100 मीटर तक रास्ता बनाने में सफलता हासिल की है।
नेपाल में बरामद शवों की पहचान के लिए काठमांडू की प्रयोगशालाओं में डीएनए जांच की जा रही है। भारतीय विशेषज्ञ भी नेपाली अधिकारियों के साथ इस प्रक्रिया में सहयोग कर रहे हैं।
काठमांडू में बड़ी संख्या में परिवारों ने अपने परिजनों की पहचान के लिए डीएनए नमूने दिए हैं। शवों की संख्या अधिक होने के कारण कई शवगृहों में क्षमता से जुड़ी समस्या भी सामने आई है।
इस त्रासदी ने नेपाल और चीन की सीमा पर आपदा पूर्व चेतावनी व्यवस्था की कमियों को भी उजागर किया है। जानकारी के अनुसार 26 अगस्त को सुबह 8:37 बजे ल्हेंदे घाटी में बर्फ, पानी और चट्टानों का भारी बहाव शुरू हुआ, जबकि प्रभावित क्षेत्रों के लिए चेतावनी करीब 38 मिनट बाद जारी की गई।
विशेषज्ञों के अनुसार हिमालयी क्षेत्र का दुर्गम भूगोल और सीमित निगरानी व्यवस्था अचानक आने वाली बाढ़ तथा हिमस्खलन जैसी घटनाओं की समय रहते सूचना देने में बड़ी चुनौती है। नेपाल में इस घटना ने सीमा पार आपदा निगरानी और पूर्व चेतावनी तंत्र को मजबूत करने की आवश्यकता पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।
फिलहाल बचाव दल मलबे, सुरंगों और प्रभावित बस्तियों में लोगों की तलाश जारी रखे हुए हैं। वहीं, पीड़ित परिवारों की नजर अब अपने लापता परिजनों की खबर पर टिकी है।
स्वास्थ्य सेवा में लापरवाही पर सख्त हुईं महिला आयोग उपाध्यक्ष ; जिला महिला अस्पताल में अव्यवस्था, प्राइवेट लैब और बाहर की दवा लिखने पर भड़कीं चारू चौधरी
धान खरीद की तैयारी पूरी, जिलाधिकारी का सख्त निर्देश: किसानों से अच्छा व्यवहार करें क्रय केंद्र प्रभारी
जब झूमीं काली गाड़ियाँ, तो मची खलबली: बाबा के दरबार में योगी संग बाहुबली!
ब्रेकिंग न्यूज़: नोनहरा कांड के पीड़ित परिवार से मिलेंगे LG मनोज सिन्हा, दौरा कल से
सपा विधायक वीरेंद्र यादव का आह्वान: '2027 में अखिलेश यादव को मुख्यमंत्री बनाना है'
बिहार चुनाव 2025: लखीसराय में भीषण हंगामा, डिप्टी सीएम विजय सिन्हा के काफिले पर पथराव-गोबर से हमला; भड़के सिन्हा ने कहा- 'इन RJD गुंडों की छाती पर चलेगा बुलडोजर!'
स्वास्थ्य सेवा में लापरवाही पर सख्त हुईं महिला आयोग उपाध्यक्ष ; जिला महिला अस्पताल में अव्यवस्था, प्राइवेट लैब और बाहर की दवा लिखने पर भड़कीं चारू चौधरी
धान खरीद की तैयारी पूरी, जिलाधिकारी का सख्त निर्देश: किसानों से अच्छा व्यवहार करें क्रय केंद्र प्रभारी
जब झूमीं काली गाड़ियाँ, तो मची खलबली: बाबा के दरबार में योगी संग बाहुबली!
ब्रेकिंग न्यूज़: नोनहरा कांड के पीड़ित परिवार से मिलेंगे LG मनोज सिन्हा, दौरा कल से
सपा विधायक वीरेंद्र यादव का आह्वान: '2027 में अखिलेश यादव को मुख्यमंत्री बनाना है'
बिहार चुनाव 2025: लखीसराय में भीषण हंगामा, डिप्टी सीएम विजय सिन्हा के काफिले पर पथराव-गोबर से हमला; भड़के सिन्हा ने कहा- 'इन RJD गुंडों की छाती पर चलेगा बुलडोजर!'