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टाटा संस में नए चेयरमैन की तलाश शुरू, ट्रस्ट ने चंद्रशेखरन के योगदान को सराहा; 20 फरवरी 2027 तक संभालेंगे पद

by admin@bebak24.com on | 2026-08-13 16:13:36

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टाटा संस में नए चेयरमैन की तलाश शुरू, ट्रस्ट ने चंद्रशेखरन के योगदान को सराहा; 20 फरवरी 2027 तक संभालेंगे पद

मुंबई: टाटा संस के चेयरमैन एन. चंद्रशेखरन के मौजूदा कार्यकाल के बाद दोबारा पद संभालने से इनकार के बाद टाटा समूह में उत्तराधिकारी की तलाश शुरू हो गई है। सर दोराबजी टाटा ट्रस्ट ने नए चेयरमैन के चयन के लिए समिति गठित करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। चंद्रशेखरन का वर्तमान कार्यकाल 20 फरवरी 2027 को समाप्त होगा।

टाटा ट्रस्ट ने चंद्रशेखरन के करीब 10 साल के नेतृत्व और समूह में बदलाव, विस्तार और रूपांतरण के लिए उनके योगदान की सराहना करते हुए उन्हें धन्यवाद दिया है।

टाटा ट्रस्ट ने क्या कहा?

सर दोराबजी टाटा ट्रस्ट की ओर से जारी बयान के मुताबिक, चंद्रशेखरन ने टाटा संस के नामित निदेशकों को ईमेल के जरिए सूचित किया है कि वह अपना मौजूदा कार्यकाल पूरा होने के बाद दोबारा नियुक्ति के लिए अपना नाम पेश नहीं करेंगे।

ट्रस्ट ने उनके निर्णय का सम्मान करते हुए कहा कि पिछले एक दशक में उन्होंने टाटा संस और पूरे टाटा समूह के विकास और परिवर्तन में महत्वपूर्ण योगदान दिया।

नए चेयरमैन के चयन के लिए ट्रस्ट के न्यासियों ने प्रस्ताव पारित किया है। इसके तहत एक चयन समिति बनाई जाएगी, जो टाटा संस के अनुच्छेदों के अनुरूप उत्तराधिकारी का चयन करेगी।

क्यों नहीं मिला दूसरा कार्यकाल?

चंद्रशेखरन के दोबारा नियुक्त होने को लेकर पिछले कई महीनों से अनिश्चितता बनी हुई थी।

टाटा ट्रस्ट और सर रतन टाटा ट्रस्ट ने उनके कार्यकाल को और 5 साल बढ़ाने की सिफारिश की थी। टाटा संस की नामांकन एवं पारिश्रमिक समिति और निदेशक मंडल ने भी इस प्रस्ताव को आगे बढ़ाया था।

हालांकि, 24 फरवरी 2026 को बोर्ड के सामने प्रस्ताव रखे जाने के दौरान एक निदेशक ने इसका समर्थन नहीं किया। सर्वसम्मति नहीं बनने के बाद इस फैसले को टाल दिया गया।

इसके बाद करीब 6 महीने तक स्थिति स्पष्ट नहीं हुई। चंद्रशेखरन ने अब खुद दोबारा नियुक्ति की दौड़ से हटने का फैसला किया है और बोर्ड से जल्द उत्तराधिकारी चुनने को कहा है।

चंद्रशेखरन के कार्यकाल में टाटा समूह ने क्या हासिल किया?

एन. चंद्रशेखरन के नेतृत्व में टाटा समूह ने कई बड़े कारोबारी विस्तार किए। वित्त वर्ष 2025-26 में समूह का कुल राजस्व 13.3 लाख करोड़ रुपये के रिकॉर्ड स्तर तक पहुंचा।

उनके कार्यकाल में एयर इंडिया का अधिग्रहण और उसके पुनर्गठन, सेमीकंडक्टर, इलेक्ट्रॉनिक्स, उन्नत विनिर्माण और डिजिटल कारोबार जैसे क्षेत्रों में बड़े निवेश और परियोजनाएं आगे बढ़ीं।

टाटा ट्रस्ट ने भी समूह में हुए इन बदलावों और विकास में चंद्रशेखरन के योगदान को महत्वपूर्ण बताया है।

नए चेयरमैन के सामने होंगी बड़ी चुनौतियां

टाटा संस का अगला चेयरमैन ऐसे समय जिम्मेदारी संभालेगा, जब समूह कई बड़े बदलावों और निवेश परियोजनाओं के बीच है।

एयर इंडिया के एकीकरण और उसके कारोबारी पुनर्गठन को आगे बढ़ाना, टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज को कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित बदलाव के लिए तैयार करना, सेमीकंडक्टर और इलेक्ट्रॉनिक्स परियोजनाओं को आगे ले जाना तथा टाटा ट्रस्ट और टाटा संस के बीच मजबूत कॉरपोरेट प्रशासन बनाए रखना नए नेतृत्व की बड़ी प्राथमिकताओं में शामिल होगा।

उत्तराधिकारी चुनने की प्रक्रिया शुरू

टाटा ट्रस्ट ने नए चेयरमैन के चयन के लिए प्रक्रिया जल्द शुरू करने का फैसला किया है। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि फरवरी 2027 में नेतृत्व परिवर्तन व्यवस्थित और बिना किसी व्यवधान के पूरा हो।

एन. चंद्रशेखरन फिलहाल 20 फरवरी 2027 तक टाटा संस के चेयरमैन बने रहेंगे। इसके बाद टाटा समूह की कमान किसे मिलेगी, इस पर अब चयन समिति की प्रक्रिया के जरिए फैसला किया जाएगा।



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