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झारखंड छात्र आंदोलन में एफआईआर का विरोध, रविंद्र पासवान बोले- सभी विद्यार्थियों को जिम्मेदार ठहराना गलत

by admin@bebak24.com on | 2026-08-13 16:09:37

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झारखंड छात्र आंदोलन में एफआईआर का विरोध, रविंद्र पासवान बोले- सभी विद्यार्थियों को जिम्मेदार ठहराना गलत

रांची: झारखंड में जेपीएससी और जेएसएससी की परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के खिलाफ जारी छात्र आंदोलन के दौरान दर्ज एफआईआर को लेकर विद्यार्थियों में नाराजगी बढ़ गई है। छात्र नेता रविंद्र पासवान ने कहा है कि यदि प्रदर्शन के दौरान किसी व्यक्ति ने कानून-व्यवस्था बिगाड़ने की कोशिश की है तो प्रशासन को उसकी पहचान कर कार्रवाई करनी चाहिए, लेकिन सभी प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कार्रवाई उचित नहीं है।

रविंद्र पासवान ने कहा कि विद्यार्थियों ने सरकार के साथ 2 दौर की बातचीत में अपनी मांगें और समस्याएं स्पष्ट रूप से रखी हैं। उनका कहना है कि आगे की बातचीत में मुख्यमंत्री की मौजूदगी होनी चाहिए, ताकि छात्रों की समस्याओं को सीधे उनके सामने रखा जा सके।

एफआईआर पर क्या बोले छात्र नेता?

रविंद्र पासवान ने कहा कि विद्यार्थियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज नहीं होनी चाहिए थी। उनके अनुसार, कानून-व्यवस्था को लेकर वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के साथ हुई बैठक में एफआईआर जैसी कार्रवाई का कोई उल्लेख नहीं किया गया था।

उन्होंने कहा कि प्रशासन ने कुछ असामाजिक तत्वों की मौजूदगी की बात कही थी और छात्रों की ओर से भी यह स्पष्ट किया गया था कि ऐसे लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए।

रविंद्र पासवान के मुताबिक, अगर कुछ छात्रों से गलती हुई भी है या वे किसी के बहकावे में आए हैं, तो उसके लिए पूरे छात्र समुदाय को जिम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता।

सरकार से संयम बरतने की अपील

रविंद्र पासवान ने सरकार और प्रशासन से प्रदर्शन कर रहे छात्रों के साथ संयम और संवेदनशीलता से पेश आने की अपील की। उन्होंने कहा कि जब प्रशासन अपनी बात छात्रों तक प्रभावी तरीके से नहीं पहुंचा पाता, तो उनमें असंतोष और नाराजगी पैदा होना स्वाभाविक है।

उन्होंने कहा कि प्रशासन को कानून-व्यवस्था बनाए रखने के साथ विद्यार्थियों के मामले में संवेदनशील रवैया भी अपनाना चाहिए।

मुख्यमंत्री की मौजूदगी की मांग

छात्र नेता ने कहा कि सरकार के साथ हुई बातचीत में मुख्यमंत्री की मौजूदगी जरूरी है। उनका कहना है कि इससे मुख्यमंत्री को छात्रों की समस्याओं और उनके दृष्टिकोण को सीधे समझने का अवसर मिलेगा और विद्यार्थियों के बीच भी सकारात्मक संदेश जाएगा।

राजनीतिक दलों से दूरी का दावा

रविंद्र पासवान ने कहा कि आंदोलन को राजनीतिक रंग देने की कोशिश जहां भी महसूस हुई, वहां छात्र नेताओं ने खुद को उससे अलग रखा।

उन्होंने बताया कि कांग्रेस, झारखंड मुक्ति मोर्चा और भारतीय जनता पार्टी के नेता प्रदर्शन स्थल पर पहुंचे और अपनी-अपनी बात रखी। उनके अनुसार, छात्र आंदोलन सभी राजनीतिक दलों से अलग रहते हुए केवल अपनी मांगों और मुद्दों पर केंद्रित रखना चाहते हैं।

आंदोलन में एफआईआर नया विवाद

जेपीएससी और जेएसएससी भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर लंबे समय से चल रहा छात्र आंदोलन अब एफआईआर के मुद्दे को लेकर भी गरमा गया है। छात्र नेता चाहते हैं कि सरकार परीक्षा प्रक्रिया से जुड़े सवालों का समाधान बातचीत से करे और प्रदर्शनकारियों पर सामूहिक कार्रवाई से बचे।

आने वाले दिनों में सरकार और छात्रों के बीच बातचीत इस आंदोलन की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण हो सकती है।



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