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भारत पर 100 प्रतिशत अतिरिक्त टैरिफ की आशंका के बीच पीटर नवारो बोले- ट्रंप और पीएम मोदी खुद सुलझाएंगे मुद्दा

by admin@bebak24.com on | 2026-08-12 13:32:14

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भारत पर 100 प्रतिशत अतिरिक्त टैरिफ की आशंका के बीच पीटर नवारो बोले- ट्रंप और पीएम मोदी खुद सुलझाएंगे मुद्दा

वॉशिंगटन: भारत पर 100 प्रतिशत अतिरिक्त टैरिफ लगाए जाने की आशंका के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के काउंसलर पीटर नवारो ने कहा है कि ट्रंप और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बीच अच्छे कामकाजी संबंध हैं और दोनों नेता टैरिफ समेत व्यापार से जुड़े मुद्दों को आपस में सुलझा लेंगे।

नवारो ने यह बात अमेरिका में प्रस्तावित लिंडसे ग्राहम विधेयक से जुड़े सवाल के जवाब में कही। इस विधेयक में भारत पर संभावित 100 प्रतिशत अतिरिक्त टैरिफ लगाने का प्रावधान है।

नवारो ने क्या कहा?

समाचार एजेंसी एएनआई के सवाल पर पीटर नवारो ने कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति और भारतीय प्रधानमंत्री के बीच बहुत अच्छे कामकाजी संबंध हैं। उन्होंने कहा कि दोनों नेता इस मुद्दे को आपस में सुलझा लेंगे और उन्हें उनके बीच आने की जरूरत नहीं है।

नवारो की यह टिप्पणी ऐसे समय आई है जब प्रस्तावित अमेरिकी विधेयक को लेकर भारत-अमेरिका व्यापार संबंधों पर नए दबाव की आशंका जताई जा रही है।

क्या है 100 प्रतिशत अतिरिक्त टैरिफ का मामला?

लिंडसे ग्राहम विधेयक में रूस से तेल और अन्य ऊर्जा उत्पादों की खरीद से जुड़े देशों पर अतिरिक्त शुल्क लगाने का प्रस्ताव है। भारत पर संभावित 100 प्रतिशत अतिरिक्त टैरिफ की चर्चा इसी संदर्भ में हो रही है।

यदि ऐसा अतिरिक्त शुल्क लागू होता है, तो भारत से अमेरिका जाने वाले उत्पादों पर मौजूदा शुल्क के ऊपर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ सकता है। हालांकि, प्रस्तावित प्रावधान और उसका अंतिम स्वरूप अमेरिकी विधायी प्रक्रिया पर निर्भर करेगा।

रूस से तेल खरीद पर भी बोले नवारो

पीटर नवारो ने रूस-यूक्रेन युद्ध के संदर्भ में भारत की रूस से तेल खरीद का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि युद्ध शुरू होने से पहले भारत रूस के तेल कारोबार में उतना शामिल नहीं था, लेकिन बाद में भारत की रूस से तेल खरीद बढ़ गई।

नवारो ने दावा किया कि भारत रूस से बड़ी मात्रा में रिफाइंड पेट्रोलियम उत्पादों के कारोबार में भी शामिल रहा है। हालांकि, उन्होंने कहा कि यह मुद्दा अब सुलझ चुका है।

भारत में हुई आलोचना का भी जिक्र

नवारो ने कहा कि रूस के तेल कारोबार को लेकर उनके पहले के एक लेख के बाद इंटरनेट पर उन्हें भारतीय लोगों की ओर से काफी आलोचना का सामना करना पड़ा था।

उन्होंने भारतीय लोगों की ऑनलाइन प्रतिक्रिया का जिक्र करते हुए कहा कि अमेरिका में समस्याओं का समाधान इस तरह नहीं किया जाता।

भारत-अमेरिका व्यापार वार्ता पर नजर

भारत और अमेरिका के बीच व्यापार और शुल्क को लेकर बातचीत के बीच नवारो की टिप्पणी को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। एक तरफ प्रस्तावित अतिरिक्त टैरिफ को लेकर चिंता है, वहीं दूसरी तरफ अमेरिकी राष्ट्रपति और भारतीय प्रधानमंत्री के बीच सीधे संवाद के जरिए समाधान निकलने की बात कही गई है।

अब निगाहें इस बात पर रहेंगी कि लिंडसे ग्राहम विधेयक आगे अमेरिकी संसद में किस रूप में आता है और इसका भारत-अमेरिका व्यापार संबंधों पर क्या प्रभाव पड़ता है।



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