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राहुल गांधी के अमित शाह पर हमले के बाद बीजेपी का पलटवार, बोली- ‘सदन से भागें नहीं, जवाब सुनें’

by admin@bebak24.com on | 2026-08-11 15:25:10

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राहुल गांधी के अमित शाह पर हमले के बाद बीजेपी का पलटवार, बोली- ‘सदन से भागें नहीं, जवाब सुनें’

नई दिल्ली। लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी द्वारा केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर दिल्ली में छात्रों के प्रदर्शन के दौरान कथित गोलीबारी को लेकर सवाल उठाए जाने के बाद भारतीय जनता पार्टी ने कांग्रेस पर पलटवार किया है। भाजपा नेताओं ने राहुल गांधी से संसद में चर्चा के दौरान उपस्थित रहने और गृह मंत्री का पूरा जवाब सुनने की मांग की है। केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने राहुल गांधी को चुनौती देते हुए कहा कि सरकार चर्चा के लिए तैयार है और उन्हें इसका जवाब मिलेगा।

यह राजनीतिक टकराव दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्रों के प्रदर्शन के दौरान हुई कथित पुलिस कार्रवाई और झारखंड में सरकारी भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के विरोध में हुए प्रदर्शन को लेकर तेज हुआ है।

राहुल गांधी ने अमित शाह से मांगा जवाब

कांग्रेस की ओर से सोमवार को आयोजित संवाददाता सम्मेलन में राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि दिल्ली में प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर पैलेट गन और अन्य बल प्रयोग किया गया। उन्होंने कहा कि गृह मंत्री अमित शाह को स्पष्ट करना चाहिए कि प्रदर्शनकारियों पर गोली चलाने की अनुमति किसने दी।

राहुल गांधी के अनुसार, यदि गृह मंत्री ने ऐसी कार्रवाई का आदेश दिया था तो इसकी जिम्मेदारी उन पर बनती है और यदि उन्हें घटनाक्रम की जानकारी नहीं थी तो उन्हें अपने पद पर बने रहने का अधिकार नहीं है।

राहुल गांधी ने यह भी कहा कि विपक्ष की प्राथमिक मांग गृह मंत्री से इस सवाल का स्पष्ट उत्तर जानना है, जिसके बाद ही आगे की चर्चा होनी चाहिए।

हालांकि, दिल्ली पुलिस और केंद्र सरकार की ओर से जंतर-मंतर पर गोली चलाए जाने के आरोपों से इनकार किया जाता रहा है।

जेपी नड्डा ने राहुल गांधी को दी चुनौती

राहुल गांधी के आरोपों के बाद भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष और केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने कहा कि राहुल गांधी को संसद में आकर चर्चा में हिस्सा लेना चाहिए।

नड्डा ने जंतर-मंतर पर गोली चलाए जाने के आरोप को खारिज करते हुए कहा कि वहां न तो गोली चलाई गई और न ही गोली चलाने का कोई आदेश दिया गया था। उन्होंने राहुल गांधी पर गलत सूचना फैलाने का आरोप लगाया।

नड्डा ने साथ ही झारखंड में छात्रों के प्रदर्शन का मुद्दा उठाते हुए कांग्रेस से सवाल किया कि वहां प्रदर्शन कर रहे विद्यार्थियों की आवाज क्यों नहीं सुनी जा रही है।

पीयूष गोयल और किरेन रिजिजू ने भी साधा निशाना

केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने भी राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा कि गृह मंत्री अमित शाह छात्रों से जुड़े मुद्दे पर संसद में विस्तृत जवाब देने के लिए तैयार हैं।

गोयल ने विपक्ष से गृह मंत्री का पूरा जवाब सुनने की अपील करते हुए राहुल गांधी से सदन में मौजूद रहने को कहा।

इससे पहले संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने भी विपक्ष से कहा था कि यदि सरकार चर्चा के लिए तैयार है तो विपक्ष को सदन में हंगामा नहीं करना चाहिए और गृह मंत्री का पूरा जवाब सुनना चाहिए।

इस तरह सरकार और विपक्ष के बीच मुख्य विवाद केवल प्रदर्शन की घटनाओं तक सीमित नहीं है, बल्कि संसद में इस मुद्दे पर चर्चा की प्रक्रिया को लेकर भी दोनों पक्ष आमने-सामने हैं।

झारखंड के छात्र आंदोलन पर भी बढ़ा राजनीतिक विवाद

भाजपा ने दिल्ली के छात्र प्रदर्शन के साथ झारखंड में चल रहे विद्यार्थी आंदोलन को भी राजनीतिक बहस का हिस्सा बना दिया है।

रांची में सोमवार को सरकारी भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के विरोध में विद्यार्थियों ने विधानसभा की ओर मार्च करने का प्रयास किया था। इस दौरान प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच टकराव हुआ। पुलिस ने भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पानी की बौछार, आंसू गैस और लाठी का इस्तेमाल किया।

भाजपा ने इस कार्रवाई के विरोध में मंगलवार को झारखंड बंद का आह्वान किया है।

जेपी नड्डा ने सवाल उठाया कि राहुल गांधी दिल्ली में छात्रों की कथित हिंसा के खिलाफ आवाज उठा रहे हैं, लेकिन झारखंड के विद्यार्थियों के मामले पर उनकी प्रतिक्रिया क्या है। झारखंड में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नेतृत्व वाली सरकार में कांग्रेस भी सत्तारूढ़ गठबंधन का हिस्सा है।

राहुल गांधी ने झारखंड की घटना पर भी जताया विरोध

राहुल गांधी ने झारखंड के प्रदर्शन को लेकर पूछे गए सवाल पर कहा था कि कांग्रेस शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे विद्यार्थियों के खिलाफ किसी भी प्रकार की हिंसा का समर्थन नहीं करती।

उन्होंने कहा कि यदि शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों के खिलाफ हिंसा कहीं भी होती है तो कांग्रेस उसका विरोध करती है।

इस बयान के बावजूद भाजपा ने झारखंड की घटना को लेकर कांग्रेस पर राजनीतिक दबाव बढ़ाना जारी रखा है।

जंतर-मंतर की घटना पर क्या है विवाद?

दिल्ली में 20 जुलाई को शिक्षा सुधारों और शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग को लेकर छात्रों और अन्य प्रदर्शनकारियों ने संसद की ओर मार्च करने का प्रयास किया था। इस दौरान प्रदर्शनकारियों और सुरक्षा बलों के बीच टकराव हुआ था।

राहुल गांधी और कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि प्रदर्शन के दौरान पैलेट गन और गोली का इस्तेमाल किया गया। दूसरी ओर, दिल्ली पुलिस और केंद्र सरकार ने जंतर-मंतर पर गोली चलाए जाने के आरोपों को खारिज किया है।

हालांकि, कुछ प्रदर्शनकारियों के घायल होने और उनकी चोटों को लेकर अलग-अलग दावे सामने आए हैं। एक घायल प्रदर्शनकारी नूतन टोप्पो ने दावा किया था कि प्रदर्शन के दौरान गोली उनके कान के पास से निकल गई थी। अस्पताल के दस्तावेज में उनके कान पर गोली लगने से संबंधित चोट का उल्लेख होने की बात सामने आई है।

इन दावों और सरकारी पक्ष के बीच अंतर के कारण जंतर-मंतर की घटना को लेकर राजनीतिक विवाद बना हुआ है।

संसद में आमने-सामने होंगे सत्ता और विपक्ष

पूरे विवाद का केंद्र अब संसद में होने वाली संभावित चर्चा बन गया है। सरकार का कहना है कि गृह मंत्री अमित शाह छात्रों से जुड़े मुद्दे पर जवाब देने के लिए तैयार हैं। वहीं कांग्रेस की मांग है कि पहले यह स्पष्ट किया जाए कि प्रदर्शनकारियों पर गोली या पैलेट गन चलाने का आदेश किसने दिया।

ऐसे में संसद में इस मुद्दे पर चर्चा होने पर सरकार और विपक्ष के बीच तीखी बहस की संभावना है। फिलहाल भाजपा राहुल गांधी से सदन में मौजूद रहकर गृह मंत्री का पूरा जवाब सुनने को कह रही है, जबकि कांग्रेस घटना में पुलिस कार्रवाई की जवाबदेही तय करने की मांग पर कायम है।



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