ब्रेकिंग न्यूज़
झांसी हादसे में छोटे बेटे अबान की मौत, कसारी-मसारी में पिता-चाचा की कब्रों के पास ही होगा सुपुर्द-ए-खाक
राजनीति राजनीति

झारखंड छात्र आंदोलन: हिरासत की अफवाहों पर रांची एसपी की सफाई, बोले- किसी प्रदर्शनकारी को पकड़ने नहीं पहुंची थी पुलिस

by admin@bebak24.com on | 2026-08-12 13:01:56

Share: Facebook | Twitter | WhatsApp | LinkedIn Visits: 3001


झारखंड छात्र आंदोलन: हिरासत की अफवाहों पर रांची एसपी की सफाई, बोले- किसी प्रदर्शनकारी को पकड़ने नहीं पहुंची थी पुलिस

रांची: झारखंड में भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर जारी छात्र आंदोलन के बीच प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिए जाने की अफवाहों पर रांची पुलिस ने सफाई दी है। रांची के पुलिस अधीक्षक (एसपी) पारस राणा ने कहा कि पुलिस और प्रशासन की टीम किसी भी प्रदर्शनकारी को हिरासत में लेने के लिए प्रदर्शन स्थल पर नहीं गई थी।

रांची के जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में छात्र झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) और झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (जेएसएससी) की भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों के विरोध में लगातार प्रदर्शन कर रहे हैं।

एसपी ने क्या कहा?

रांची एसपी पारस राणा ने कहा कि प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लेने की खबरें पूरी तरह अफवाह हैं। उनके अनुसार, पुलिस अधिकारियों का उद्देश्य छात्रों से बातचीत करना और पहले हुई पत्थरबाजी की घटना के संबंध में कुछ लोगों की पहचान की पुष्टि करना था।

उन्होंने कहा कि कुछ सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर मौके पर वीडियो बनाकर उसे प्रसारित कर रहे थे, जिसके बाद हिरासत को लेकर भ्रम की स्थिति पैदा हुई।

छात्रों की क्या हैं मांगें?

प्रदर्शनकारी जेएसएससी-सीजीएल परीक्षा रद्द करने के साथ-साथ कथित अनियमितताओं की केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) से जांच कराने और भर्ती प्रक्रिया में व्यापक सुधार की मांग कर रहे हैं।

छात्र नेताओं का आरोप है कि भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए निष्पक्ष जांच आवश्यक है।

छात्र नेताओं ने क्या आरोप लगाए?

छात्र नेता पीयूष कुमार का आरोप है कि देर रात पहुंचे वरिष्ठ पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने भूख हड़ताल पर बैठे छात्रों से आंदोलन समाप्त करने के लिए कहा।

उनका कहना है कि प्रदर्शनकारियों पर आंदोलन खत्म करने का दबाव बनाया गया।

बाबूलाल मरांडी ने सरकार को घेरा

झारखंड विधानसभा में विपक्ष के नेता बाबूलाल मरांडी बुधवार सुबह प्रदर्शन स्थल पहुंचे और छात्रों से मुलाकात की।

उन्होंने आरोप लगाया कि देर रात पुलिस और प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी प्रदर्शन स्थल पहुंचे थे और आंदोलन को कमजोर करने का प्रयास किया गया। मरांडी ने कहा कि केवल परीक्षा रद्द करना समाधान नहीं है, बल्कि यह भी जांच होनी चाहिए कि परीक्षा रद्द करने की नौबत क्यों आई।

उन्होंने भर्ती प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं की सीबीआई जांच कराने की मांग दोहराई।

आंदोलन जारी

भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता और निष्पक्ष जांच की मांग को लेकर छात्रों का आंदोलन जारी है। इस बीच, पुलिस प्रशासन ने हिरासत की अफवाहों का खंडन करते हुए कहा है कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने और छात्रों से संवाद के उद्देश्य से ही अधिकारी प्रदर्शन स्थल पहुंचे थे।



Search
Recent News
Top Trending
Most Popular

Leave a Comment