ब्रेकिंग न्यूज़
झांसी हादसे में छोटे बेटे अबान की मौत, कसारी-मसारी में पिता-चाचा की कब्रों के पास ही होगा सुपुर्द-ए-खाक
राजनीति राजनीति

संसद में गतिरोध बरकरार, अमित शाह जवाब देने को तैयार; कांग्रेस ने रखी नई शर्त

by admin@bebak24.com on | 2026-08-12 12:45:34

Share: Facebook | Twitter | WhatsApp | LinkedIn Visits: 3002


संसद में गतिरोध बरकरार, अमित शाह जवाब देने को तैयार; कांग्रेस ने रखी नई शर्त

नई दिल्ली: संसद के मानसून सत्र में जारी गतिरोध मंगलवार को भी समाप्त नहीं हो सका। केंद्र सरकार ने कहा है कि गृह मंत्री अमित शाह दिल्ली में छात्र प्रदर्शनकारियों पर पुलिस कार्रवाई के मुद्दे पर संसद में जवाब देने के लिए तैयार हैं। हालांकि, कांग्रेस ने स्पष्ट किया है कि वह केवल गृह मंत्री का बयान नहीं, बल्कि कार्रवाई के लिए जिम्मेदार व्यक्ति की स्पष्ट जानकारी चाहती है। वहीं, अयोध्या में राम मंदिर चंदा मामले पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से जवाब देने की मांग भी विपक्ष ने दोहराई है।

संसद के भीतर और बाहर सत्तापक्ष तथा विपक्ष के सांसदों के बीच तीखी नारेबाजी देखने को मिली। संसद परिसर में दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए, जिससे राजनीतिक माहौल और अधिक गरमा गया।

सरकार ने क्या कहा?

संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि यदि विपक्ष सदन की कार्यवाही सुचारु रूप से चलने देगा तो गृह मंत्री अमित शाह दिल्ली में छात्र प्रदर्शन से जुड़े मुद्दे पर संसद में जवाब देने के लिए तैयार हैं।

सरकार का कहना है कि चर्चा के लिए वह तैयार है, लेकिन लगातार हंगामे के कारण सदन का कामकाज प्रभावित हो रहा है।

कांग्रेस की क्या दलील है?

लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने कहा कि विपक्ष केवल अमित शाह की राय सुनना नहीं चाहता, बल्कि यह जानना चाहता है कि छात्र प्रदर्शनकारियों के खिलाफ हुई पुलिस कार्रवाई के लिए जिम्मेदार कौन था।

कांग्रेस सांसद पवन खेड़ा ने कहा कि विपक्ष का सवाल सीधा है और सरकार को स्पष्ट रूप से बताना चाहिए कि कार्रवाई का आदेश किसने दिया था।

कांग्रेस ने अयोध्या में राम मंदिर चंदा मामले पर भी चर्चा की मांग दोहराते हुए कहा कि इस विषय पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को सदन में जवाब देना चाहिए।

संसद परिसर में विरोध प्रदर्शन

मंगलवार को संसद परिसर में सत्ता पक्ष और विपक्ष के सांसदों ने एक-दूसरे के खिलाफ प्रदर्शन किया। दोनों पक्षों ने नारेबाजी की, जिससे कुछ समय के लिए तनावपूर्ण स्थिति बन गई।

कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने कहा कि विपक्ष के दबाव के कारण सरकार के सांसदों को भी प्रदर्शन करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार को सदन में आकर अपने पक्ष को स्पष्ट करना चाहिए।

एफसीआरए संशोधन विधेयक पर भी विवाद

संसद में विदेशी अंशदान विनियमन अधिनियम (एफसीआरए) संशोधन विधेयक, 2026 को लेकर भी सरकार और विपक्ष आमने-सामने हैं।

प्रस्तावित विधेयक में विदेशी फंड प्राप्त करने वाले संगठनों की निगरानी को और सख्त बनाने तथा कुछ परिस्थितियों में उनकी संपत्तियों के प्रबंधन और नियंत्रण से जुड़े प्रावधान शामिल हैं।

तमिलनाडु विधानसभा ने इस विधेयक के मौजूदा स्वरूप पर चिंता जताते हुए इसे वापस लेने की मांग का प्रस्ताव पारित किया है। कुछ धार्मिक और सामाजिक संगठनों ने भी प्रस्तावित संशोधनों पर आपत्ति दर्ज कराई है।

महत्वपूर्ण विधेयकों पर संशय

मानसून सत्र समाप्त होने में अब कुछ ही दिन शेष हैं, लेकिन लगातार हंगामे के कारण संसद का अधिकांश समय बाधित रहा है।

इस बीच महिला आरक्षण, परिसीमन और एफसीआरए संशोधन जैसे महत्वपूर्ण विधेयकों पर व्यापक चर्चा नहीं हो सकी है। हालांकि, सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन विधेयक, 2026 सहित कुछ विधेयक दोनों सदनों से पारित किए जा चुके हैं।

संसदीय कार्यवाही सुचारु कराने के लिए सरकार और विपक्ष के बीच सहमति बनाने के प्रयास जारी हैं, लेकिन फिलहाल गतिरोध समाप्त होने के संकेत नहीं मिले हैं।



Search
Recent News
Top Trending
Most Popular

Leave a Comment