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अमेरिकी अदालत से गौतम अदानी को बड़ी राहत, आपराधिक मामला स्थायी रूप से खारिज

by on | 2026-08-11 16:06:20

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अमेरिकी अदालत से गौतम अदानी को बड़ी राहत, आपराधिक मामला स्थायी रूप से खारिज

न्यूयॉर्क। उद्योगपति गौतम अदानी, उनके भतीजे सागर अदानी और अदानी ग्रीन एनर्जी के पूर्व मुख्य कार्यकारी अधिकारी विनीत जैन के खिलाफ अमेरिका में चल रहे आपराधिक मामले को अदालत ने स्थायी रूप से खारिज कर दिया है। न्यूयॉर्क के ईस्टर्न डिस्ट्रिक्ट की संघीय अदालत ने अमेरिकी न्याय विभाग की याचिका मंजूर करते हुए मामले को “डिसमिसल विद प्रेजुडिस” के तहत समाप्त किया। इसका अर्थ है कि इन्हीं आरोपों के आधार पर इस आपराधिक मामले को दोबारा दर्ज नहीं किया जा सकता।

यह मामला नवंबर 2024 में सामने आया था और तब से अदानी समूह के लिए अमेरिका में एक बड़ी कानूनी चुनौती बना हुआ था। अमेरिकी अभियोजकों ने आरोप लगाया था कि अदानी और अन्य आरोपियों ने भारत में सौर ऊर्जा परियोजनाओं से जुड़े ठेके हासिल करने के लिए सरकारी अधिकारियों को कथित तौर पर करीब 2.5 अरब डॉलर की रिश्वत देने की योजना बनाई थी और अमेरिकी निवेशकों को गुमराह किया था। अदानी समूह और गौतम अदानी ने इन आरोपों से इनकार किया था।

अदालत ने क्या फैसला दिया?

अमेरिकी जिला न्यायाधीश निकोलस गारोफिस ने न्याय विभाग की ओर से मामला समाप्त करने की मांग को मंजूरी दी। इसके साथ गौतम अदानी, सागर अदानी और विनीत जैन के खिलाफ आपराधिक अभियोग में शामिल आरोपों पर चल रही कार्यवाही समाप्त हो गई।

मामले में प्रतिभूति धोखाधड़ी की साजिश, तार धोखाधड़ी की साजिश और प्रतिभूति धोखाधड़ी जैसे आरोप शामिल थे। अदालत के आदेश के बाद इन आरोपों पर दोबारा आपराधिक मुकदमा चलाने का रास्ता बंद हो गया है।

हालांकि, अदालत का यह फैसला आरोपों के सही या गलत होने पर कोई परीक्षण के बाद दिया गया दोषमुक्ति का फैसला नहीं है। मामला अभियोजन पक्ष की ओर से वापस लेने के अनुरोध पर समाप्त हुआ है।

न्याय विभाग ने मामला क्यों वापस लिया?

अमेरिकी न्याय विभाग ने मामले को आगे नहीं बढ़ाने का निर्णय लिया था। उपलब्ध अदालती रिकॉर्ड और रिपोर्टों के अनुसार, विभाग ने मामले की विदेशी प्रकृति, आरोपों को साबित करने में आने वाली कठिनाइयों और अभियोजन की प्राथमिकताओं को अपने फैसले के आधार के रूप में रखा।

हालांकि, इस फैसले की प्रक्रिया को लेकर न्यायाधीश ने चिंता भी जताई। रॉयटर्स के अनुसार, न्यायाधीश गारोफिस ने न्याय विभाग के वरिष्ठ अधिकारी ट्रेंट मैककॉट्टर की मामले को वापस लेने की प्रक्रिया पर सवाल उठाए और इसे असामान्य बताया।

2024 में क्या आरोप लगाए गए थे?

नवंबर 2024 में अमेरिकी अभियोजकों ने गौतम अदानी, सागर अदानी, विनीत जैन और अन्य लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया था।

अभियोजन पक्ष का आरोप था कि आरोपियों ने भारत में सौर ऊर्जा परियोजनाओं से जुड़े अनुबंध हासिल करने के लिए भारतीय सरकारी अधिकारियों को कथित रूप से लगभग 2.5 अरब डॉलर की रिश्वत देने की योजना बनाई। अमेरिकी अधिकारियों ने यह भी आरोप लगाया था कि इस योजना से संबंधित जानकारी अमेरिकी निवेशकों से छिपाई गई।

अदानी और उनके समूह ने इन आरोपों को खारिज किया था।

अलग नागरिक मामला अभी अलग विषय है

आपराधिक मामला समाप्त होने के बावजूद इससे जुड़े अन्य कानूनी मामलों को इससे अलग समझना जरूरी है।

अदानी और सागर अदानी ने अमेरिका के प्रतिभूति एवं विनिमय आयोग से जुड़े एक अलग नागरिक मामले का भी निपटारा किया है। इसके तहत दोनों ने क्रमशः 6 मिलियन डॉलर और 12 मिलियन डॉलर का भुगतान करने पर सहमति जताई थी। यह समझौता आपराधिक मामले से अलग था।

इसलिए अमेरिकी अदालत द्वारा आपराधिक मामला खारिज किए जाने का अर्थ यह नहीं है कि अदानी समूह से जुड़े हर अमेरिकी कानूनी मामले का भी अंत हो गया है।

गौतम अदानी ने फैसले पर क्या कहा?

अदालत के फैसले के बाद गौतम अदानी ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए फैसले का स्वागत किया। उन्होंने अपने समर्थकों और उन लोगों के प्रति आभार जताया जिन्होंने इस पूरे घटनाक्रम के दौरान उन पर और भारत की न्याय व्यवस्था पर भरोसा बनाए रखा।

अदानी ने कहा कि उनका ध्यान भारत के लिए निर्माण करने, दीर्घकालिक मूल्य तैयार करने और बड़े उद्देश्य के लिए काम करने पर बना रहेगा।

अदानी समूह के लिए क्यों महत्वपूर्ण है यह फैसला?

अदानी समूह के लिए यह फैसला इसलिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि नवंबर 2024 में अमेरिकी अभियोग सामने आने के बाद समूह को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कानूनी और कारोबारी दबाव का सामना करना पड़ा था।

अब अमेरिकी आपराधिक मामले के स्थायी रूप से समाप्त होने से अदानी समूह को इस मोर्चे पर बड़ी कानूनी राहत मिली है। हालांकि, मामले को समाप्त करने की न्याय विभाग की प्रक्रिया पर न्यायाधीश की टिप्पणियों के कारण यह फैसला अमेरिकी कानूनी और राजनीतिक हलकों में भी चर्चा का विषय बना हुआ है।

क्या बदला, एक नजर में

  • गौतम अदानी के खिलाफ अमेरिकी आपराधिक मामला खारिज।
  • सागर अदानी और विनीत जैन के खिलाफ आरोप भी मामले के साथ समाप्त।
  • मामला “डिसमिसल विद प्रेजुडिस” के तहत खारिज हुआ।
  • इन्हीं आरोपों पर दोबारा आपराधिक मुकदमा शुरू नहीं किया जा सकता।
  • 2024 में अमेरिकी अभियोजकों ने रिश्वतखोरी और धोखाधड़ी से जुड़े गंभीर आरोप लगाए थे।
  • अलग नागरिक मामलों और समझौतों को इस आपराधिक मामले से अलग समझना होगा।



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