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राहुल गांधी की मांग पर योगी आदित्यनाथ का पलटवार, बोले- सवाल पूछना ही नहीं, जवाब सुनना भी जरूरी

by on | 2026-08-11 16:06:16

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राहुल गांधी की मांग पर योगी आदित्यनाथ का पलटवार, बोले- सवाल पूछना ही नहीं, जवाब सुनना भी जरूरी

लखनऊ। प्रदर्शनकारी विद्यार्थियों के खिलाफ कार्रवाई को लेकर संसद में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के बयान की मांग के बीच उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कांग्रेस और विपक्ष पर निशाना साधा है। योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को कहा कि लोकतंत्र में सवाल पूछने का अधिकार सभी को है, लेकिन जवाब सुनने की जिम्मेदारी भी निभानी चाहिए।

योगी आदित्यनाथ ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर कहा कि अमित शाह विद्यार्थियों से जुड़े विषय पर संसद में विस्तार से अपना पक्ष रखने के लिए तैयार हैं। उन्होंने कांग्रेस और विपक्ष से सदन की गरिमा बनाए रखने तथा गृह मंत्री का पूरा जवाब सुनने की अपील की।

मुख्यमंत्री ने लिखा कि लोकतंत्र बहस के माध्यम से मजबूत होता है और विपक्ष को तथ्यों का सामना करना चाहिए। उन्होंने कहा कि सदन में चर्चा से लोकतांत्रिक व्यवस्था की प्रतिष्ठा बढ़ती है, जबकि चर्चा से बचना उचित नहीं है।

राहुल गांधी ने अमित शाह से क्या मांग की?

इससे पहले लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने प्रदर्शनकारी छात्र-छात्राओं के खिलाफ हुई कथित पुलिस कार्रवाई को लेकर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से संसद में स्थिति स्पष्ट करने की मांग की थी।

राहुल गांधी का कहना है कि सरकार को यह स्पष्ट करना चाहिए कि प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कथित बल प्रयोग और गोली चलाए जाने के संबंध में गृह मंत्रालय की क्या भूमिका थी। कांग्रेस इस मुद्दे पर संसद में सरकार से जवाब मांग रही है।

राहुल गांधी ने कहा था कि विपक्ष की प्राथमिकता सामान्य विषयों पर बयान सुनना नहीं, बल्कि विद्यार्थियों के खिलाफ हुई कार्रवाई से जुड़े सवालों का स्पष्ट उत्तर प्राप्त करना है।

योगी आदित्यनाथ ने क्या कहा?

योगी आदित्यनाथ ने अपने संदेश में कहा कि अमित शाह विद्यार्थियों से जुड़े विषय पर सदन में विस्तारपूर्वक अपना पक्ष रखने के लिए तैयार हैं।

उन्होंने कांग्रेस और विपक्ष से कहा कि वे तथ्यों का सामना करें और सदन की गरिमा बनाए रखें। मुख्यमंत्री के मुताबिक, लोकतंत्र में बहस का महत्व है और किसी विषय पर सवाल उठाने के साथ उसका उत्तर सुनना भी आवश्यक है।

योगी आदित्यनाथ ने अपने संदेश में कहा कि “लोकतंत्र में बहस से प्रतिष्ठा बढ़ती है, भागने से नहीं।”

संसद में बढ़ रहा है राजनीतिक टकराव

विद्यार्थियों से जुड़े प्रदर्शन और पुलिस कार्रवाई का मुद्दा अब संसद में सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच राजनीतिक टकराव का कारण बन गया है।

विपक्ष केंद्रीय गृह मंत्री से इस पूरे घटनाक्रम पर जवाब चाहता है, जबकि सरकार का कहना है कि वह सदन में चर्चा के लिए तैयार है। सत्ता पक्ष की ओर से विपक्ष से यह अपेक्षा की जा रही है कि वह गृह मंत्री के जवाब के दौरान सदन में मौजूद रहे और उनका पूरा पक्ष सुने।

इससे पहले केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू और भारतीय जनता पार्टी के अन्य नेताओं ने भी विपक्ष से चर्चा के दौरान सदन की कार्यवाही में सहयोग करने की अपील की थी।

विवाद की मुख्य वजह क्या है?

विवाद की शुरुआत प्रदर्शनकारी विद्यार्थियों के खिलाफ हुई पुलिस कार्रवाई को लेकर सामने आए आरोपों से हुई। विपक्ष ने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए केंद्र सरकार से जवाब मांगा है।

वहीं, सरकार और पुलिस की ओर से प्रदर्शन के दौरान गोली चलाए जाने के आरोपों से इनकार किया गया है। इसी मुद्दे पर अब संसद में सरकार और विपक्ष के बीच आमने-सामने की स्थिति बनी हुई है।

आने वाले दिनों में संसद में इस विषय पर होने वाली चर्चा और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के संभावित जवाब पर राजनीतिक दलों और प्रदर्शनकारी विद्यार्थियों की नजर रहेगी।



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