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टीजी मोहनदास को मिली जमानत, नीट प्रदर्शन पर कथित आपत्तिजनक टिप्पणी के मामले में हुई थी गिरफ्तारी

by on | 2026-08-11 16:05:12

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टीजी मोहनदास को मिली जमानत, नीट प्रदर्शन पर कथित आपत्तिजनक टिप्पणी के मामले में हुई थी गिरफ्तारी

तिरुवनंतपुरम। केरल की एक अदालत ने दक्षिणपंथी राजनीतिक टिप्पणीकार और हिंदुत्व विचारक टीजी मोहनदास को जमानत दे दी है। उन्हें नीट प्रश्नपत्र लीक के विरोध में हुए प्रदर्शन को लेकर कथित आपत्तिजनक टिप्पणी करने के मामले में पुलिस ने गिरफ्तार किया था।

अतिरिक्त मुख्य न्यायिक प्रथम श्रेणी मजिस्ट्रेट मिथुन गोपी जीएस ने सोमवार को दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद मोहनदास को जमानत दी। पुलिस ने उन्हें रविवार शाम कोच्चि स्थित उनके आवास से हिरासत में लिया था और सोमवार सुबह उनकी गिरफ्तारी दर्ज की गई।

अदालत ने जमानत देते हुए उन्हें अगले 3 दिनों तक जांच अधिकारी के सामने उपस्थित होने का निर्देश दिया है। इसके अलावा, पुलिस को आवश्यकता होने पर उन्हें जांच में सहयोग करना होगा।

किन आरोपों में हुई थी गिरफ्तारी?

पुलिस ने मोहनदास के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता, सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम और केरल पुलिस अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है।

मामले की जांच तिरुवनंतपुरम साइबर पुलिस कर रही है। पुलिस ने अदालत को बताया कि जांच के दौरान मामले में कुछ अतिरिक्त धाराएं भी जोड़ी गई हैं। इनमें महिला के सम्मान को ठेस पहुंचाने और गंभीर धमकी से संबंधित प्रावधान शामिल हैं।

हालांकि, मोहनदास पर लगाए गए आरोपों का अंतिम निर्धारण न्यायिक प्रक्रिया के दौरान ही होगा।

पुलिस ने क्यों मांगी हिरासत?

अभियोजन पक्ष ने अदालत से मोहनदास की पुलिस हिरासत की मांग की थी। पुलिस का तर्क था कि मामले की जांच अभी जारी है और कुछ महत्वपूर्ण पहलुओं की पड़ताल की जानी बाकी है।

अभियोजन ने यह आशंका भी जताई कि मोहनदास प्रभावशाली व्यक्ति हैं और जमानत पर बाहर आने के बाद गवाहों को प्रभावित कर सकते हैं या मामले से जुड़े साक्ष्यों के साथ छेड़छाड़ कर सकते हैं।

इसी आधार पर पुलिस ने आगे की जांच के लिए उनकी हिरासत की मांग की।

बचाव पक्ष ने क्या दलील दी?

मोहनदास के वकील ने पुलिस की हिरासत की मांग का विरोध किया। बचाव पक्ष ने अदालत के सामने उनकी उम्र और स्वास्थ्य संबंधी स्थिति का हवाला देते हुए जमानत देने की मांग की।

वकील ने यह भी दलील दी कि उनके खिलाफ लगाए गए सभी अपराध जमानती प्रकृति के हैं। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने पुलिस हिरासत की मांग स्वीकार नहीं की और मोहनदास को जमानत दे दी।

जमानत के साथ अदालत ने लगाईं शर्तें

अदालत ने जमानत देते समय मोहनदास के लिए कुछ शर्तें भी तय की हैं।

उन्हें लगातार 3 दिनों तक जांच अधिकारी के समक्ष उपस्थित होना होगा। इसके बाद भी जब पुलिस को जांच के सिलसिले में उनकी आवश्यकता होगी, तब उन्हें जांच में शामिल होना पड़ेगा।

अदालत ने यह भी निर्देश दिया है कि जमानत पर रहते हुए वह इसी तरह का कोई अन्य अपराध दोबारा न करें।

क्या है पूरा मामला?

यह मामला नीट प्रश्नपत्र लीक के आरोपों को लेकर हुए प्रदर्शन से जुड़ा है। प्रदर्शन के संदर्भ में टीजी मोहनदास की कथित टिप्पणी को लेकर शिकायत दर्ज की गई थी।

इसके बाद तिरुवनंतपुरम साइबर पुलिस ने मामले की जांच शुरू की और विभिन्न कानूनी धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज की। जांच के दौरान पुलिस ने कुछ अतिरिक्त धाराएं भी जोड़ीं।

गिरफ्तारी के बाद सोमवार को उन्हें अदालत में पेश किया गया, जहां उनके वकील ने जमानत याचिका दाखिल की।

अदालत ने मामले में दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद उन्हें जमानत दे दी है। हालांकि, जमानत मिलने का अर्थ आरोपों से बरी होना नहीं है। मामले की जांच और आगे की न्यायिक प्रक्रिया जारी रहेगी।



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