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नेपाल के मधेश में कांवड़ यात्रा के दौरान सांप्रदायिक हिंसा, 3 की मौत; सरकार ने की 'शहीद' दर्जे व मुआवजे की घोषणा, PM बालेन शाह बोले- "नहीं लौटेगा हिंदू राष्ट्र"

by admin@bebak24.com on | 2026-08-01 14:04:39

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नेपाल के मधेश में कांवड़ यात्रा के दौरान सांप्रदायिक हिंसा, 3 की मौत; सरकार ने की 'शहीद' दर्जे व मुआवजे की घोषणा, PM बालेन शाह बोले- "नहीं लौटेगा हिंदू राष्ट्र"

काठमांडू : नेपाल के दक्षिणी तराई-मधेश क्षेत्र में कांवड़ यात्रा के दौरान भड़की सांप्रदायिक हिंसा में तीन लोगों की मौत के बाद कई जिलों में तनाव का माहौल है। सुनसरी, धनुषा और सिरहा जिलों में स्थिति बिगड़ने के बाद प्रशासन को कर्फ्यू लागू करना पड़ा।

हालात को नियंत्रित करने के लिए नेपाल के गृह मंत्री सुदन गुरुंग ने खुद प्रभावित इलाकों का दौरा किया और पीड़ित परिवारों से मुलाकात कर समझौता किया। वहीं, प्रधानमंत्री बालेन शाह ने स्पष्ट कर दिया है कि नेपाल को फिर से 'हिंदू राष्ट्र' या 'राजशाही' के दौर में नहीं ले जाया जाएगा।

हिंसा की वजह और सरकार का एक्शन

  • कैसे भड़का तनाव: सुनसरी जिले के कप्तानगंज में एक मुस्लिम आबादी के पास स्थित शिव मंदिर के समीप कांवड़ यात्रा की तैयारी के दौरान बिजली के खंभों पर झंडे लगाने और तेज आवाज में डीजे बजाने को लेकर दो समुदायों के बीच विवाद शुरू हुआ, जिसने हिंसक रूप ले लिया।

  • तीन लोगों की मौत: हिंसा में सुनसरी/देवगंज में दो और सिरहा में एक व्यक्ति की जान चली गई।

  • सरकार का मुआवजा व जांच: गृह मंत्री सुदन गुरुंग ने पीड़ित परिवारों से समझौते के बाद घोषणा की कि सरकार मृतकों को 'शहीद' घोषित करने की प्रक्रिया शुरू करेगी और परिजनों को 10 लाख रुपये का मुआवजा देगी। साथ ही मदरसा और घटना की निष्पक्ष जांच के आदेश दिए गए हैं।

  • डीजे और हथियारों पर बैन: मधेश के संवेदनशील जिलों में सार्वजनिक स्थानों पर तेज डीजे बजाने, रैलियों में हथियार या धारदार वस्तुएं ले जाने पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है।

पीएम बालेन शाह का बड़ा बयान: "नेपाल हिंदू राष्ट्र नहीं बनेगा"

हिंसा के बाद मधेश क्षेत्र के नेताओं के साथ दो घंटे चली उच्चस्तरीय बैठक में नेपाल के प्रधानमंत्री बालेन शाह ने राजनीतिक व धार्मिक रुख स्पष्ट किया:

"हमारी सरकार न तो नेपाल को फिर से हिंदू राष्ट्र बनाने के पक्ष में है और न ही राजशाही की वापसी का समर्थन करती है। हिंदू राष्ट्र की मांग सीधे तौर पर राजशाही से जुड़ी है, जो देश की संघीय लोकतांत्रिक व्यवस्था के खिलाफ है। मेरी सरकार धर्मनिरपेक्षता और संविधान की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है।"

पूर्व प्रधानमंत्री बाबूराम भट्टराई ने पीएम बालेन शाह के इस रुख का समर्थन करते हुए सभी राजनीतिक दलों से मधेश में शांति बनाए रखने की अपील की है।

विश्लेषकों का मानना- "भारतीय रुझानों की नकल और शक्ति प्रदर्शन"

नेपाल के सामाजिक-सांस्कृतिक विश्लेषकों का मानना है कि तराई-मधेश इलाके में दोनों समुदायों के बीच त्योहारों पर मोटरसाइकिल रैलियां निकालने, डीजे बजाने और शक्ति प्रदर्शन करने की होड़ बढ़ी है। विश्लेषकों का कहना है कि यह प्रवृत्ति सीमा पार भारत में होने वाली सांप्रदायिक गतिविधियों की नकल और अशिक्षा/बेरोजगारी का नतीजा है, जिस पर प्रशासन को सख्ती से रोक लगानी होगी।

बेबाक24 टेक

नेपाल का मधेश क्षेत्र भारत की खुली सीमा से सटा हुआ है, इसलिए वहां की शांति और स्थिरता का सीधा असर सीमावर्ती भारतीय इलाकों पर भी पड़ता है। नेपाल सरकार द्वारा त्वरित मुआवजा और कड़े प्रशासनिक कदम उठाना सराहनीय है, लेकिन तराई क्षेत्र में बढ़ती सामाजिक दूरी को मिटाने के लिए केवल पुलिस कार्रवाई ही नहीं, बल्कि दोनों समुदायों के बीच संवाद की सख्त जरूरत है।



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