ब्रेकिंग न्यूज़
पीएम मोदी ने छात्रों के लिए रोका अपना काफिला: नीट परीक्षा के कारण दिल्ली एयरपोर्ट पर 45 मिनट रुके
राजनीति राजनीति

'गडकरी इज नेक्स्ट' मीम्स पर घमासान; E-20 विवाद और डीपफेक वीडियो पर नितिन गडकरी पहुंचे बॉम्बे हाईकोर्ट, मांगा 11 करोड़ का हर्जाना

by admin@bebak24.com on | 2026-07-30 17:01:22

Share: Facebook | Twitter | WhatsApp | LinkedIn Visits: 3083


'गडकरी इज नेक्स्ट' मीम्स पर घमासान; E-20 विवाद और डीपफेक वीडियो पर नितिन गडकरी पहुंचे बॉम्बे हाईकोर्ट, मांगा 11 करोड़ का हर्जाना

मुंबई/नई दिल्ली (30 जुलाई 2026): नीट पेपर लीक विवाद के बाद अब देश में E-20 (20% एथेनॉल मिश्रित पेट्रोल) नीति को लेकर नया सियासी और सोशल मीडिया संग्राम छिड़ गया है। केंद्रीय सड़क एवं परिवहन मंत्री नितिन गडकरी के खिलाफ सोशल मीडिया पर एआई (AI) निर्मित डीपफेक वीडियो और मीम्स की बाढ़ के बाद उन्होंने बॉम्बे हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है।

नितिन गडकरी ने गूगल, मेटा, एक्स (ट्विटर) और अज्ञात मीम-पेज संचालकों के खिलाफ 11 करोड़ रुपये के मानहानि का मुकदमा दर्ज कराया है। बॉम्बे हाईकोर्ट की जस्टिस आरिफ डॉक्टर की पीठ इस मामले पर 5 अगस्त 2026 को सुनवाई करेगी।

'ई-20 विवाद और डीपफेक का जाल': कोर्ट में क्या बोले नितिन गडकरी?

नितिन गडकरी की याचिका में सोशल मीडिया के 24 ऐसे विवादित पोस्ट, डीपफेक वीडियो और मीम्स का उल्लेख किया गया है, जो उनकी छवि को नुकसान पहुंचा रहे हैं:

  • डीपफेक वीडियो का दुरुपयोग: गडकरी का कहना है कि एआई (AI) तकनीक का इस्तेमाल कर फर्जी वीडियो बनाए गए हैं, जिनमें उन्हें जबरन एथेनॉल ब्लेंडिंग प्रोग्राम (EBP) का लाभार्थी या मुख्य सर्वेसर्वा बनाकर दिखाया गया है।

  • 11 करोड़ का हर्जाना और कंटेंट हटाने की मांग: केंद्रीय मंत्री ने मांग की है कि मेटा, गूगल और एक्स (X) से उनके खिलाफ फैलाए जा रहे फर्जी और मानहानिकारक पोस्ट तुरंत हटाए जाएं तथा उनकी प्रतिष्ठा को पहुंचे नुकसान के बदले 11 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया जाए।

नितिन गडकरी का नाम E-20 से क्यों जुड़ा?

नितिन गडकरी साल 2014 से लगातार हरित और वैकल्पिक ईंधन (जैसे एथेनॉल, फ्लेक्स इंजन, हाइड्रोजन) की वकालत करते रहे हैं।

  • पारिवारिक कंपनियों पर आरोप: आलोचकों और सोशल मीडिया पेजों ने आरोप लगाया कि उनके परिवार से जुड़ी 'पूर्ति ग्रुप' जैसी गन्ने पर आधारित कंपनियों को एथेनॉल मिश्रण नीति से सीधा फायदा हो रहा है।

  • गडकरी का तीखा जवाब: इन आरोपों का खंडन करते हुए गडकरी ने कहा— "यह पूरी तरह से प्रायोजित दुष्प्रचार अभियान है। एथेनॉल मिश्रण की शुरुआत 2001 में अटल बिहारी वाजपेयी जी के समय हुई थी। हमारी परिवार की कंपनियां महज 1.3 लाख लीटर एथेनॉल बनाती हैं और उल्टे हर साल 30 करोड़ रुपये के घाटे में हैं। अगर मैं इलेक्ट्रिक या हाइड्रोजन गाड़ियों की बात करता हूँ, तो क्या मैं उनका निर्माता बन जाता हूँ? इसका मकसद केवल कच्चे तेल का आयात घटाना और किसानों को आत्मनिर्भर बनाना है।"

'गडकरी इज नेक्स्ट': सीजेपी आंदोलन के बाद विपक्ष और जेन-जी हुए मुखर

पूर्व शिक्षा मंत्री के इस्तीफे के बाद सोशल मीडिया पर 'Gadkari Is Next' हैशटैग और मीम्स की बाढ़ आ गई है:

  • अरविंद केजरीवाल का हमला: आम आदमी पार्टी (AAP) संयोजक अरविंद केजरीवाल ने ई-20 नीति के खिलाफ 'नेशनल टाउन हॉल' आयोजित करने की घोषणा की है। उन्होंने प्रधानमंत्री से अपील की है कि इससे पहले कि यह दूसरा बड़ा जनआंदोलन बने, ई-20 नीति पर फैसला लें।

  • कांग्रेस का रुख: कांग्रेस प्रवक्ता कुलदीप सिंह राठौर ने आरोप लगाया कि पर्याप्त वैज्ञानिक जांच के बिना और देश के करोड़ों वाहन मालिकों (इंजनों को होने वाले संभावित नुकसान) की कीमत पर E-20 लागू किया गया है।

  • 'E-20 जनता पार्टी' का उभार: एक्स (X) पर 'E-20 जनता पार्टी' नाम से बने एक स्वतंत्र नागरिक पेज के 50,000 से अधिक फॉलोअर्स हो चुके हैं, जो एथेनॉल ब्लेंडिंग के असर पर खुली बहस की मांग कर रहे हैं।

बेबाक24 टेक

नीट और पेपर लीक आंदोलन के शांत होने के तुरंत बाद E-20 नीति को लेकर उठी यह लहर दर्शाती है कि आम जनता से जुड़े नीतिगत मुद्दे अब सोशल मीडिया के दौर में तेजी से राजनीतिक रूप ले रहे हैं। हालांकि, नीतियों की समीक्षा और विरोध एक लोकतांत्रिक अधिकार है, लेकिन एआई (AI) और डीपफेक के जरिए नेताओं का चरित्र हनन करना डिजिटल सुरक्षा और कानून के समक्ष एक गंभीर चुनौती बनकर उभरा है। 5 अगस्त को बॉम्बे हाईकोर्ट का फैसला इस मामले में मील का पत्थर साबित हो सकता है।



Search
Recent News
Top Trending
Most Popular

Leave a Comment