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फ्रांस के बोर्दो शहर के जंगलों में भड़की भीषण आग, 55 हजार से अधिक लोग बेघर; यूरोप में अब तक 3.3 लाख लोग विस्थापित

by admin@bebak24.com on | 2026-07-27 11:16:07

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फ्रांस के बोर्दो शहर के जंगलों में भड़की भीषण आग, 55 हजार से अधिक लोग बेघर; यूरोप में अब तक 3.3 लाख लोग विस्थापित

बोर्दो/पेरिस (27 जुलाई 2026): यूरोप में भीषण गर्मी और लू (Heatwave) के बीच फ्रांस और स्पेन के जंगलों में लगी आग बेकाबू होती जा रही है। फ्रांस के प्रसिद्ध वाइन उत्पादक शहर बोर्दो (Bordeaux) के पास जंगलों में लगी आग के बाद जिरोंद (Gironde) इलाके से करीब 55,000 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर विस्थापित किया गया है।

फ्रांसीसी अधिकारियों और राहत दमकल टीमों की कड़ी मशक्कत के बावजूद आग तेजी से फैल रही है।

बोर्दो की तरफ अनिश्चित दिशा में बढ़ रही है आग: गृह मंत्री

फ्रांस के गृह मंत्री लॉरेंट नुनेज़ ने क्षेत्र की स्थिति पर गहरी चिंता व्यक्त की है:

लॉरेंट नुनेज़ (गृह मंत्री, फ्रांस):

"बोर्दो के आसपास के जंगलों में स्थिति अब भी बेहद मुश्किल बनी हुई है। आग अनिश्चित हवाओं के कारण अनियंत्रित दिशा में बोर्दो शहर की ओर बढ़ रही है। हालांकि, दमकलकर्मी पूरी ताकत से लगे हैं और फिलहाल मुख्य शहर को खाली कराने की नौबत नहीं आई है।"

जिरोंद के अंगूर के बागानों और गांवों पर बड़ा खतरा

शनिवार रात से रविवार सुबह के बीच बोर्दो के दक्षिण में स्थित प्रसिद्ध जिरोंद क्षेत्र के कई गांवों को एहतियातन खाली कराया गया:

  • वाइन उद्योग प्रभावित: यह क्षेत्र अपने प्रसिद्ध अंगूर के बागानों (Vineyards) और वैश्विक वाइन उत्पादन (Wine Industry) के लिए जाना जाता है। आग की वजह से बड़े पैमाने पर कृषि और प्राकृतिक संपदा को नुकसान पहुंचा है।

  • राहत व बचाव कार्य: सैकड़ों दमकल गाड़ियां, वाटर-बॉम्बर विमान और आपातकालीन बल आग पर काबू पाने की कोशिश कर रहे हैं।

यूरोप में 3.3 लाख से अधिक लोग प्रभावित

पिछले एक सप्ताह से दक्षिण-पश्चिम यूरोप के कई देश भीषण 'वाइल्डफायर'  की चपेट में हैं:

  • स्पेन और फ्रांस में सबसे बुरा असर: आग का सबसे विनाशकारी प्रभाव फ्रांस और पड़ोसी देश स्पेन में देखा जा रहा है।

  • विस्थापन: दोनों देशों को मिलाकर अब तक 3 लाख 30 हजार से अधिक नागरिकों को उनके घरों से निकालकर सुरक्षित राहत शिविरों में भेजा जा चुका है।

बेबाक24 टेक

ग्लोबल वॉर्मिंग और जलवायु परिवर्तन के कारण यूरोप के जंगलों में हर साल लगने वाली यह आग अब अधिक बारंबार और विनाशकारी रूप ले रही है। फ्रांस और यूरोपीय संघ को तात्कालिक आग बुझाने के संसाधनों के साथ-साथ जंगलों के सुरक्षा ढांचे और पर्यावरण नीतियों में बड़े बदलाव करने की सख्त जरूरत है।



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