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'छात्रों पर पैलेट गन का इस्तेमाल किसने मंजूर किया?'— राहुल गांधी ने गृह मंत्री अमित शाह को लिखी चिट्ठी

by on | 2026-07-26 20:20:33

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'छात्रों पर पैलेट गन का इस्तेमाल किसने मंजूर किया?'— राहुल गांधी ने गृह मंत्री अमित शाह को लिखी चिट्ठी

नई दिल्ली: नीट-यूजी पेपर लीक मामले में जंतर-मंतर पर हुए छात्र आंदोलन और 20 जुलाई के 'संसद मार्च' के दौरान पुलिसिया कार्रवाई पर राजनीतिक घमासान थमने का नाम नहीं ले रहा है।

लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को पत्र लिखकर प्रदर्शनकारी छात्रों के खिलाफ घातक हथियारों और पैलेट गन के इस्तेमाल को लेकर जवाबदेही की मांग की है।

"19 साल के साहिल की आंख जाने की नौबत"— राहुल गांधी ने बयां किया दर्द

केंद्रीय गृह मंत्री को भेजे अपने पत्र में राहुल गांधी ने जंतर-मंतर आंदोलन के दौरान घायल हुए छात्रों और एक पत्रकार की गंभीर स्थिति पर गहरी चिंता व्यक्त की:

राहुल गांधी (नेता प्रतिपक्ष, लोकसभा):

"हमारे छात्र एक निष्पक्ष और जवाबदेह शिक्षा व्यवस्था की मांग कर रहे थे। उनकी बात सुनने के बजाय सुरक्षा बलों ने उन पर घातक हथियारों और आंसू गैस समेत भारी बल प्रयोग किया। सैकड़ों छात्र गंभीर रूप से घायल हुए हैं और महिला छात्रों पर भी पुलिसकर्मियों ने हमला किया है। मीडिया रिपोर्ट्स में पैलेट गन का इस्तेमाल साफ दिख रहा है। मैंने 19 साल के छात्र साहिल लोचाब से मुलाकात की, जो बेहद दर्द में है और पैलेट लगने से उसकी एक आंख की रोशनी जाने का खतरा है।"

गृह मंत्रालय से जवाबदेही की मांग

राहुल गांधी ने याद दिलाया कि दिल्ली पुलिस और सुरक्षा बल सीधे केंद्रीय गृह मंत्रालय के अधीन आते हैं:

  • लोकतांत्रिक मर्यादा का उल्लंघन: राहुल गांधी ने कहा कि शांतिपूर्ण ढंग से अपना हक मांग रहे युवाओं पर इस तरह की क्रूरता लोकतंत्र की तमाम मर्यादाओं को तार-तार करती है और इससे पूरे देश के छात्रों में भारी रोष व्याप्त है।

  • जवाब तय करने का वक्त: उन्होंने जोर देकर कहा कि देश का भविष्य माने जाने वाले युवा और छात्र इस प्रशासनिक हिंसा के खिलाफ जवाबदेही और जिम्मेदारी तय करने की मांग कर रहे हैं।

आंदोलन भले ही खत्म, लेकिन राजनीतिक आंच बरकरार

हालांकि, शनिवार देर रात केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे और सीजेपी (CJP) के साथ हुए समझौतों के बाद जंतर-मंतर से धरना समाप्त हो चुका है, लेकिन राहुल गांधी द्वारा सीधे गृह मंत्री अमित शाह को घेरे जाने से साफ है कि आगामी संसद सत्र में विपक्ष इस मुद्दे पर सरकार को बख्शने के मूड में नहीं है।

बेबाक24 टेक

शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों या छात्रों को नियंत्रित करने के लिए पैलेट गन या सादे कपड़ों में असामाजिक तत्वों/बलों के इस्तेमाल का आरोप एक गंभीर लोकतांत्रिक विषय है। गृह मंत्रालय को राहुल गांधी के इन सवालों पर स्थिति पूरी तरह स्पष्ट करनी चाहिए ताकि देश के युवाओं का संवैधानिक व्यवस्था और सुरक्षा एजेंसियों पर भरोसा कायम रह सके।



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