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बक्सर का 'डॉन' या भू-माफिया? प्रदीप राय पर जमीन हड़पने का गंभीर आरोप, सिस्टम मौन!

by on | 2026-01-19 22:57:43

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बक्सर का 'डॉन' या भू-माफिया? प्रदीप राय पर जमीन हड़पने का गंभीर आरोप, सिस्टम मौन!

बक्सर। जहां एक तरफ सुशासन की दुहाई दी जा रही है, वहीं बक्सर में भू-माफियाओं का नंगा नाच जारी है। ताजा मामला दो ब्राह्मणों की कीमती जमीन पर जबरन कब्जे का है, जिसमें सीधे तौर पर प्रदीप राय का नाम सामने आ रहा है। आरोप है कि बक्सर में प्रदीप राय का 'सिक्का' चलता है और वह अपने गैंग के दम पर भोली-भाली जनता की जमीनें कौड़ियों के भाव हथियाकर महंगे दामों पर बेच रहा है।

माले नेता ने घेरा, विजय सिन्हा से पूछा सवाल

इस मामले ने अब राजनीतिक तूल पकड़ लिया है। माले नेता और पूर्व विधायक डॉ. अजीत कुशवाहा ने इस मुद्दे पर सरकार को आड़े हाथों लिया है। उन्होंने सीधे डिप्टी सीएम विजय सिन्हा पर निशाना साधते हुए पूछा— "क्या विजय सिन्हा इन भू-माफियाओं पर नकेल कसेंगे या सत्ता का संरक्षण जारी रहेगा?" हैरानी की बात यह है कि मामला कोर्ट के संज्ञान में है, इसके बावजूद विवादित जमीन पर निर्माण कार्य धड़ल्ले से जारी है। क्या कानून का खौफ खत्म हो चुका है?

गोलंबर से लेकर पशु मेला तक... हर तरफ 'कब्जा'

शिकायतकर्ताओं का कहना है कि प्रदीप राय के गुर्गों ने सिर्फ निजी जमीन ही नहीं, बल्कि बक्सर गोलंबर के पास पशु मेला की सरकारी जमीन पर भी कब्जा जमा रखा है। फरियादी दफ्तरों के चक्कर काट-काटकर थक चुके हैं, लेकिन नतीजा ढाक के तीन पात है।

> कड़वा सच: बक्सर के स्थानीय भाजपा विधायक आनंद मिश्रा भी इस अतिक्रमण के खिलाफ आवाज उठा रहे हैं, लेकिन चर्चा है कि जिले के अधिकारी इन भू-माफियाओं के सामने 'नतमस्तक' हैं। आखिर वो कौन सी शक्ति है जो अधिकारियों की कलम को बांधे हुए है?


प्रदीप राय का पलटवार: "हार की बौखलाहट है"

वहीं, इन तमाम आरोपों पर प्रदीप राय ने अपना पल्ला झाड़ते हुए इसे राजनीति से प्रेरित बताया है। राय का कहना है कि— "यह विरोधियों की हार की बौखलाहट है। मेरे पास जमीन के सारे पुख्ता कागजात हैं, जिसे देखना हो देख ले।"

, बेबाक 24' के सवाल:

 * अगर कागज सही हैं, तो कोर्ट के संज्ञान के बाद भी निर्माण कार्य में इतनी जल्दबाजी क्यों?

 * क्या बक्सर प्रशासन भू-माफियाओं के सिंडिकेट के आगे सरेंडर कर चुका है?

 * क्या पीड़ितों को उनकी पुश्तैनी जमीन वापस मिलेगी या 'रसूख' की जीत होगी?




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