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काशी के जलमार्गों की बदली सूरत: 830 करोड़ की योजनाओं से जल परिवहन को मिली नई रफ्तार, 'हल्दिया-वाराणसी' व्यापार बनेगा आसान

by admin@bebak24.com on | 2026-01-19 21:43:38

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काशी के जलमार्गों की बदली सूरत: 830 करोड़ की योजनाओं से जल परिवहन को मिली नई रफ्तार, 'हल्दिया-वाराणसी' व्यापार बनेगा आसान

वाराणसी | प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को जलमार्ग, बंदरगाह और रेलवे से जुड़ी 830 करोड़ रुपये की विभिन्न विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया। हालांकि इन परियोजनाओं का केंद्र मुख्य रूप से पश्चिम बंगाल का सिंगूर और हुगली क्षेत्र रहा, लेकिन इनका सबसे बड़ा लाभ पीएम के संसदीय क्षेत्र वाराणसी को मिलने वाला है। राष्ट्रीय जलमार्ग-1 (NW-1) पर स्थित काशी अब देश के एक बड़े जल-व्यापार केंद्र (Water-Trade Hub) के रूप में उभरने के लिए तैयार है।


वाराणसी के लिए क्यों खास है यह 830 करोड़ की सौगात?

भारतीय अंतर्देशीय जलमार्ग प्राधिकरण (IWAI) के अनुसार, बंगाल के बालागढ़ में बनने वाला 'एक्सटेंडेड पोर्ट गेट सिस्टम' और आधुनिक बार्ज टर्मिनल सीधे तौर पर वाराणसी के रामनगर स्थित मल्टीमॉडल लॉजिस्टिक हब को शक्ति प्रदान करेगा। अब वाराणसी से हल्दिया और कोलकाता बंदरगाह तक माल की आवाजाही पहले से अधिक सुगम, सस्ती और तेज होगी। जलमार्ग से माल ढुलाई की लागत सड़क परिवहन की तुलना में करीब 30 से 40 प्रतिशत तक कम होने की उम्मीद है।


पर्यटन को लगेंगे पंख: हाइब्रिड इलेक्ट्रिक कैटामरान की शुरुआत

इस परियोजना के तहत आधुनिक हाइब्रिड इलेक्ट्रिक कैटामरान (नौकाओं) को भी हरी झंडी दिखाई गई है। कोचीन शिपयार्ड द्वारा निर्मित ये 50 सीटर नौकाएं शून्य-कार्बन उत्सर्जन पर काम करती हैं। आने वाले समय में ऐसी और भी नौकाएं काशी के घाटों पर दौड़ती नजर आएंगी, जिससे गंगा में प्रदूषण कम होगा और पर्यटकों को एक विश्वस्तरीय क्रूज अनुभव मिलेगा।


रामनगर टर्मिनल बनेगा 'ग्लोबल गेटवे'

वाराणसी में बने मल्टीमॉडल लॉजिस्टिक पार्क को अब जल, रेल और सड़क तीनों परिवहन माध्यमों से सीधा जोड़ा जा रहा है। बंगाल में जलमार्ग की आधारभूत संरचना मजबूत होने से वाराणसी का यह टर्मिनल अब सालभर बड़े जहाजों और कार्गो की आवाजाही के लिए सक्रिय रहेगा। इससे पूर्वांचल के व्यापारियों को अपने उत्पाद अंतरराष्ट्रीय बाजार तक भेजने में बड़ी सहूलियत मिलेगी।


रोजगार और व्यापार के नए अवसर

प्रशासन का मानना है कि जल परिवहन के इस सुदृढ़ीकरण से प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से हजारों लोगों को रोजगार मिलेगा। वेयरहाउसिंग, लॉजिस्टिक्स और ट्रांसपोर्टेशन के क्षेत्र में निवेश की संभावनाएं बढ़ गई हैं। काशी अब केवल धर्म और आध्यात्म की नगरी ही नहीं, बल्कि आधुनिक जल परिवहन और व्यापार की 'लाइफलाइन' बनने की ओर अग्रसर है।



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