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नितिन नबीन के हाथों में भाजपा की कमान: दिग्गजों को पीछे छोड़ युवा चेहरे पर दांव, जानें क्यों नबीन बने मोदी-शाह की पहली पसंद

by admin@bebak24.com on | 2026-01-19 20:58:25

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नितिन नबीन के हाथों में भाजपा की कमान: दिग्गजों को पीछे छोड़ युवा चेहरे पर दांव, जानें क्यों नबीन बने मोदी-शाह की पहली पसंद

नई दिल्ली | भारतीय जनता पार्टी ने आज अपने संगठन में एक बड़े युग परिवर्तन का आगाज करते हुए बिहार के कद्दावर नेता नितिन नबीन को नया राष्ट्रीय अध्यक्ष नियुक्त किया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह की मौजूदगी में हुई संसदीय बोर्ड की बैठक के बाद उनके नाम पर मुहर लगाई गई। पार्टी ने जेपी नड्डा के उत्तराधिकारी के रूप में एक ऐसे चेहरे को चुना है, जिसने बहुत कम समय में अपनी सांगठनिक क्षमता का लोहा मनवाया है।


सबसे युवा अध्यक्ष और लंबा राजनीतिक अनुभव

नितिन नबीन का चयन कई मायनों में ऐतिहासिक है। 45 वर्ष की उम्र में इस पद को संभालकर वे भाजपा के अब तक के सबसे युवा राष्ट्रीय अध्यक्ष बन गए हैं। भले ही उनकी उम्र कम हो, लेकिन उनका राजनीतिक अनुभव काफी गहरा है। वे लगातार 5 बार के विधायक रहे हैं और संगठन के जमीनी कार्यों से लेकर सत्ता के गलियारों तक उनकी मजबूत पकड़ है। वे बिहार सरकार में पूर्व कैबिनेट मंत्री के रूप में सड़क निर्माण और नगर विकास जैसे अहम विभागों का सफल संचालन कर चुके हैं।


छत्तीसगढ़ चुनाव की सफलता और रणनीतिक कौशल

पार्टी आलाकमान के बीच नितिन नबीन का कद तब और बढ़ गया जब उन्होंने छत्तीसगढ़ चुनाव प्रभारी के रूप में अपनी रणनीति से सबको चौंका दिया। छत्तीसगढ़ में भाजपा की सत्ता में वापसी कराने में उनकी माइक्रो-मैनेजमेंट तकनीक और कार्यकर्ताओं के साथ सीधे संवाद ने बड़ी भूमिका निभाई थी। उनके इसी ट्रैक रिकॉर्ड को देखते हुए अब उन्हें जेपी नड्डा का उत्तराधिकारी बनाया गया है, ताकि वे आगामी विधानसभा चुनावों और 2029 की तैयारियों को नई ऊर्जा दे सकें।


क्यों खेला गया युवा चेहरे पर दांव?

राजनीतिक जानकारों का मानना है कि नितिन नबीन को चुनकर भाजपा ने 'पीढ़ीगत बदलाव' का स्पष्ट संकेत दिया है। पार्टी अब युवा मतदाताओं (Gen-Z) के बीच अपनी पैठ और मजबूत करना चाहती है। नबीन की सबसे बड़ी ताकत उनका बेदाग चेहरा और संघ (RSS) के साथ अटूट जुड़ाव है। बिहार से ताल्लुक रखने के कारण आगामी बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में भी पार्टी को इसका बड़ा माइलेज मिलने की उम्मीद है।


विरासत से शिखर तक का सफर

दिवंगत नवीन किशोर प्रसाद सिन्हा के पुत्र नितिन नबीन ने अपने पिता की विरासत को न केवल संभाला बल्कि उसे राष्ट्रीय स्तर तक ले गए। उनके अध्यक्ष बनने के बाद भाजपा मुख्यालय में उत्सव का माहौल है और देशभर के कार्यकर्ताओं में एक नई ऊर्जा देखी जा रही है। अब देखना यह होगा कि नबीन अपनी इस नई युवा टीम के साथ विपक्षी खेमे की 'जातिगत जनगणना' और 'क्षेत्रीय राजनीति' के चक्रव्यूह को कैसे काटते हैं।



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