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महाकुंभ... कला का, संस्कृति का! आईआईटी (बीएचयू) में 'काशीयात्रा 2026' का शंखनाद, छऊ के मुखौटों से संतूर की तान तक झूम उठा बनारस!

by on | 2026-01-16 13:11:34

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महाकुंभ... कला का, संस्कृति का! आईआईटी (बीएचयू) में 'काशीयात्रा 2026' का शंखनाद, छऊ के मुखौटों से संतूर की तान तक झूम उठा बनारस!


वाराणसी: जब तकनीक की दुनिया में कला का तड़का लगता है, तो नजारा 'काशीयात्रा' जैसा होता है। आईआईटी (बीएचयू) के प्रांगण में गुरुवार को जब 'स्वतंत्रता भवन' के कपाट खुले, तो नजारा देखने लायक था। मौका था उत्तर भारत के सबसे प्रतिष्ठित सांस्कृतिक महोत्सव 'काशीयात्रा 2026' के आगाज़ का। जहाँ एक तरफ पुरुलिया के छऊ नृत्य ने शौर्य का प्रदर्शन किया, वहीं संतूर की थपकियों ने रूह को सुकून दिया।

 जब 'पुरुलिया' और 'संतूर' ने लूटी महफिल

​उद्घाटन समारोह महज एक सरकारी रस्म नहीं, बल्कि भारतीय विरासत का 'पावर शो' साबित हुआ।

  • छऊ का रौद्र रूप: स्पिक मैके के सहयोग से तारापदा रजक ने जब पुरुलिया छऊ नृत्य पेश किया, तो मुखौटों और युद्धकला के तालमेल ने दर्शकों को अपनी सीटों से उठने पर मजबूर कर दिया।
  • संतूर का जादू: तानसेन पुरस्कार विजेता तरुण भट्टाचार्य की उंगलियों ने जब संतूर के तारों को छेड़ा, तो पूरा सभागार एक आध्यात्मिक शांति में डूब गया। यह अहसास था कि तकनीक के दौर में भी क्लासिकल म्यूजिक की धमक कम नहीं हुई है।

अत्याधुनिक रोमांच: टेक्नो इल्यूजन का जादू

​सिर्फ परंपरा ही नहीं, काशीयात्रा ने आधुनिकता का भी लोहा मनवाया। इल्यूजनिस्ट राहुल खरबंदा ने जब लेज़र और विजुअल इफेक्ट्स के साथ अपना 'मैजिक शो' दिखाया, तो आईआईटी के छात्र भी यह सोचने पर मजबूर हो गए कि आखिर यह हुआ कैसे!

आंकड़ों में काशीयात्रा 2026 का दम

  • 1800+ प्रतिभागी: देशभर के कोने-कोने से छात्र अपनी प्रतिभा दिखाने काशी पहुंचे हैं।
  • 8 मुख्य श्रेणियां: अभिनय, नटराज, संवाद, तूलिका, ज़ायका, मिराज, एनक्विज़िटा... यानी कला का कोई ऐसा कोना नहीं जो यहाँ छूटा हो।
  • बॉलीवुड का तड़का: अगले तीन दिनों में मोहित चौहान की मखमली आवाज और बिस्मिल का सूफी अंदाज़ युवाओं को थिरकने पर मजबूर करेगा।
  • निदेशक का विजन: उद्घाटन करते हुए निदेशक अमित पात्रा ने दो टूक कहा— "काशीयात्रा सिर्फ नाच-गाना नहीं, बल्कि छात्रों की क्रिएटिविटी और सांस्कृतिक चेतना का लॉन्चपैड है।"


    अगले 72 घंटे... सिर्फ जोश और जूनून!

    ​आज से (16 जनवरी) शुरू होकर 18 जनवरी तक आईआईटी (बीएचयू) का पूरा परिसर एक 'मिनी इंडिया' में तब्दील रहेगा। खबर दो बेबाक 24 की नजर रहेगी इन तीन दिनों की हर बड़ी हलचल पर। चाहे वो इंटरनेशनल कार्निवल हो या दीवारों पर उतरती ग्रैफिटी आर्ट, काशीयात्रा 2026 ने साफ कर दिया है कि बनारस की युवा ऊर्जा का कोई मुकाबला नहीं है।



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