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ईडी का मुख्तार गैंग पर निर्णायक प्रहार: शादाब की ₹2.03 करोड़ की 6 संपत्तियां कुर्क

by admin@bebak24.com on | 2025-12-12 01:13:27

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ईडी का मुख्तार गैंग पर निर्णायक प्रहार: शादाब की ₹2.03 करोड़ की 6 संपत्तियां कुर्क


​'टावरों में तेल का खेल' खेलने वाला दूसरा मैनेजर अखंड प्रताप राय ईडी के निशाने पर; शादाब से भी बड़ा है साम्राज्य

विशेष संवाददाता | प्रयागराज/गाज़ीपुर।

​प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने माफिया मुख्तार अंसारी के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग मामले में अपनी कार्रवाई को निर्णायक मोड़ देते हुए उसके मुख्य वित्तीय ऑपरेटर शादाब अहमद और उसकी पत्नी के नाम पर दर्ज ₹2.03 करोड़ मूल्य की छह अचल संपत्तियों को अस्थायी रूप से कुर्क कर लिया है। मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम अधिनियम (PMLA) के तहत यह चौथी बड़ी कुर्की है, जिसके बाद अब तक कुल ₹8.43 करोड़ की संपत्ति जब्त की जा चुकी है।

विकास कंस्ट्रक्शन: अवैध कमाई का जरिया

​कुर्क की गई संपत्तियां गाज़ीपुर की फर्म मेसर्स विकास कंस्ट्रक्शन से जुड़ी हैं। ईडी की जांच में साबित हुआ है कि इस फर्म का संचालन मुख्तार गैंग द्वारा किया जाता था।

  • अवैध कब्ज़ा और किराया: फर्म ने मऊ के रैनी गांव समेत कई स्थानों पर सरकारी ज़मीन पर अवैध कब्ज़ा कर गोदाम बनाए। इन अवैध निर्माणों को बाद में फूड कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया (FCI) को किराए पर देकर करोड़ों की अवैध कमाई की गई, जिसे 'अपराध से अर्जित धन' (POC) के रूप में चिह्नित किया गया है। ईडी ने अब तक ₹27.72 करोड़ की POC की पहचान की है।
  • शादाब की भूमिका: 2022 से फरार चल रहे शादाब अहमद को अक्टूबर 2025 में लखनऊ एयरपोर्ट से लुकआउट नोटिस के आधार पर गिरफ्तार किया गया था। पूछताछ में पता चला कि उसने 'आगाज़ प्रोजेक्ट एंड इंजीनियरिंग' जैसी मुखौटा कंपनियों के ज़रिए लगभग ₹10 करोड़ की अवैध कमाई को सफेद करने में अहम भूमिका निभाई। ₹2.65 करोड़ की 'मनी लॉन्ड्रिंग फीस' से ही उसने ये कुर्क की गई संपत्तियां खरीदी थीं।

अखंड प्रताप राय के 'टावरों में तेल का खेल' पर ED की पैनी नज़र

​शादाब अहमद की कुर्की के तुरंत बाद, अब मुख्तार गैंग का दूसरा सबसे बड़ा 'मैनेजर' अखंड प्रताप राय ईडी के रडार पर आ गया है। सूत्रों के मुताबिक, जांच एजेंसियों का मानना है कि अखंड प्रताप राय का अवैध साम्राज्य और वित्तीय नेटवर्क शादाब अहमद से कहीं अधिक बड़ा और विस्तृत है।

  • नए खुलासे: अधिकारियों को आशंका है कि राय ने गैंग के लिए 'टावरों में तेल के खेल' (मोबाइल टावरों के लिए खरीदे जाने वाले डीजल या अन्य ईंधन में अनियमितता) और अन्य स्रोतों से बड़े पैमाने पर अवैध कमाई की है, जिसे उसने विभिन्न संपत्तियों में छिपाया है।
  • कुंडली खंगालने की कार्रवाई: ईडी की टीमें अब अखंड प्रताप राय की सभी संपत्तियों, बैंक खातों और कंपनियों से जुड़े दस्तावेज़ों की गहन जांच कर रही हैं।
  • जल्द होगी बड़ी कुर्की: जांच पूरी होते ही राय और उसके सहयोगियों की अवैध संपत्तियों पर भी जल्द ही PMLA के तहत कुर्की की बड़ी कार्रवाई होने की संभावना है।

​मुख्तार अंसारी के निधन के बाद भी, प्रवर्तन निदेशालय उसकी काली कमाई के सिंडिकेट को ध्वस्त करने के लिए तेज़ी से कार्रवाई कर रहा है, जिससे गिरोह के बचे हुए गुर्गों में हड़कंप का माहौल है। मामले की विस्तृत जांच अभी जारी है।



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