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एशियन पैरा गेम्स: शीतल-तोमन की जोड़ी ने रचा इतिहास, सुवर्णा राज ने डिस्कस थ्रो में जीता गोल्ड

by on | 2026-10-22 12:39:16

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एशियन पैरा गेम्स: शीतल-तोमन की जोड़ी ने रचा इतिहास, सुवर्णा राज ने डिस्कस थ्रो में जीता गोल्ड

आइची-नागोया | बेबाक24 न्यूज़

एशियन पैरा गेम्स 2026 के चौथे दिन भारतीय खिलाड़ियों का शानदार प्रदर्शन जारी है। गुरुवार को शीतल देवी और तोमन कुमार की जोड़ी ने पैरा कंपाउंड मिक्स्ड टीम तीरंदाजी में स्वर्ण पदक जीतकर इतिहास रच दिया। भारतीय जोड़ी ने फाइनल में इंडोनेशिया को 151-148 से हराया। इससे पहले सुवर्णा राज ने महिला डिस्कस थ्रो एफ54 स्पर्धा में 15.66 मीटर का सर्वश्रेष्ठ थ्रो कर भारत को एक और स्वर्ण दिलाया। वहीं, स्वाति चौधरी ने महिला डब्ल्यू1 तीरंदाजी में रजत पदक जीतकर इस स्पर्धा में भारत को पहला पदक दिलाया।

शीतल देवी और तोमन कुमार की जोड़ी ने जीता ऐतिहासिक स्वर्ण

शीतल देवी और तोमन कुमार ने पैरा कंपाउंड मिक्स्ड टीम के फाइनल में इंडोनेशिया को 151-148 से हराकर स्वर्ण पदक अपने नाम किया। इससे पहले भारतीय जोड़ी ने रैंकिंग राउंड में 1,402 अंक का संयुक्त स्कोर बनाकर विश्व रिकॉर्ड कायम किया था।

शीतल जन्म से दोनों हाथों के बिना हैं, लेकिन उन्होंने अपनी शारीरिक चुनौतियों को पीछे छोड़कर तीरंदाजी में अंतरराष्ट्रीय पहचान बनाई। वर्ष 2023 में वह विश्व तीरंदाजी पैरा चैंपियनशिप में हिस्सा लेने वाली दोनों हाथों के बिना पहली महिला तीरंदाज बनीं। वह विश्व चैंपियनशिप और पेरिस पैरालंपिक 2024 में भी पदक जीत चुकी हैं। उन्हें विश्व तीरंदाजी की ओर से दो बार वर्ष की सर्वश्रेष्ठ पैरा तीरंदाज चुना गया है।

तोमन कुमार सीआरपीएफ में सेवा के दौरान फरवरी 2022 में झारखंड में नक्सल विरोधी अभियान के दौरान आईईडी की चपेट में आ गए थे। इस हादसे में उनका बायां पैर चला गया। वर्ष 2023 में कृत्रिम पैर से जुड़ी सलाह लेने के दौरान उनका परिचय पैरा तीरंदाजी से हुआ। इसके बाद उन्होंने इस खेल में तेजी से प्रगति की। वर्ष 2025 में दक्षिण कोरिया के ग्वांगजू में आयोजित विश्व चैंपियनशिप के कंपाउंड पुरुष ओपन वर्ग में स्वर्ण जीतकर वह पैरा तीरंदाजी में विश्व चैंपियन बनने वाले भारत के पहले पुरुष तीरंदाज बने।

सुवर्णा राज ने 15.66 मीटर के थ्रो से जीता गोल्ड

भारत की अनुभवी पैरा एथलीट सुवर्णा राज ने महिला डिस्कस थ्रो एफ54 स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीता। उन्होंने 15.66 मीटर का सर्वश्रेष्ठ थ्रो किया।

सुवर्णा ने पहले प्रयास में 13.68 मीटर और दूसरे प्रयास में 15.09 मीटर की दूरी हासिल की। पांचवें प्रयास में उन्होंने अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया। ईरान की शाहिद हबीबी ने 15.45 मीटर के थ्रो के साथ रजत और वियतनाम की गुयेन थी न्गोक थuy ने 14.65 मीटर के थ्रो के साथ कांस्य पदक जीता।

44 वर्षीय सुवर्णा तीन एशियन पैरा गेम्स में भारत का प्रतिनिधित्व कर चुकी हैं। जनवरी 2026 में कैनबरा ट्रैक मीट में उन्होंने डिस्कस थ्रो में स्वर्ण और शॉट पुट में रजत पदक जीता था। वह दिव्यांगजनों के अधिकारों और सुगम्यता के लिए भी काम करती हैं तथा 1,000 से अधिक सुगम्यता ऑडिट कर चुकी हैं।

स्वाति चौधरी ने तीरंदाजी में भारत को दिलाया ऐतिहासिक रजत

भारतीय तीरंदाज स्वाति चौधरी ने महिला डब्ल्यू1 स्पर्धा में रजत पदक अपने नाम किया। स्वर्ण पदक के मुकाबले में उन्हें चीन की सेन मेंगकान के खिलाफ 4-6 से हार का सामना करना पड़ा।

इस उपलब्धि के साथ स्वाति एशियन पैरा गेम्स की महिला डब्ल्यू1 तीरंदाजी स्पर्धा में भारत के लिए पदक जीतने वाली पहली खिलाड़ी बनीं। उनका रजत पदक भारतीय पैरा तीरंदाजी के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि है।

पैरा बैडमिंटन में भारत को मिले कई कांस्य पदक

पैरा बैडमिंटन में भारतीय खिलाड़ियों ने भी पदकों की संख्या बढ़ाई। महिला एकल एसएल3 स्पर्धा में संजना कुमारी ने कांस्य पदक जीता। सेमीफाइनल में उन्हें जापान की शिनो कावाई के खिलाफ 7-21, 9-21 से हार मिली।

पुरुष एकल एसएल4 में सुहास यथिराज और अभिजीत सुखुजा ने भी कांस्य पदक हासिल किए। सुहास को इंडोनेशिया के फ्रेडी सेतियावान ने तीन गेम के मुकाबले में 23-21, 8-21, 21-15 से हराया। अभिजीत को हमवतन नवीन शिवकुमार के खिलाफ 13-21, 15-21 से हार मिली। अब नवीन और सेतियावान फाइनल में भिड़ेंगे, जिससे इस मुकाबले में भारत की पदक की उम्मीद बनी रहेगी।

मिश्रित युगल एसएल3-एसयू5 वर्ग में मनीषा रामदास और प्रमोद भगत ने कांस्य पदक जीता। वहीं, एसएच6 मिश्रित युगल में कृष्णा नागर और नित्या श्री सुमति सिवन की जोड़ी को भी कांस्य मिला।

दूसरी ओर, थुलासिमथी मुरुगेसन और नितेश कुमार की जोड़ी ने मिश्रित युगल एसएल3-एसयू5 के फाइनल में जगह बना ली। भारतीय जोड़ी ने चीन के ली मिंगपान और शियाओ जुक्सियान को 21-19, 14-21, 21-17 से हराया।

पदक तालिका में भारत छठे स्थान पर

चौथे दिन सुबह 9:32 बजे तक उपलब्ध पदक तालिका के अनुसार, भारत 15 स्वर्ण, 22 रजत और 33 कांस्य सहित कुल 70 पदक जीतकर छठे स्थान पर था।

स्थानदेशस्वर्णरजतकांस्यकुल
1चीन1166469249
2उज्बेकिस्तान32333398
3जापान303838106
4दक्षिण कोरिया16152152
5ईरान15232866
6भारत15223370

भारत को सबसे ज्यादा 43 पदक पैरा एथलेटिक्स में मिले हैं। इनमें 14 स्वर्ण, 13 रजत और 16 कांस्य शामिल हैं। पैरा बैडमिंटन और पैरा तैराकी में भारत ने 6-6 पदक जीते हैं, जबकि पैरा टेबल टेनिस में 5 और पैरा शूटिंग में 4 पदक मिले हैं।

नोट: पदक तालिका और प्रतियोगिता के आंकड़े उपलब्ध लाइव अपडेट के समय के हैं। प्रतियोगिता आगे बढ़ने के साथ इनमें बदलाव हो सकता है।

बेबाक24 टेक

एशियन पैरा गेम्स 2026 के चौथे दिन भारत ने तीरंदाजी, पैरा एथलेटिक्स और पैरा बैडमिंटन में पदक जीतकर अपना अभियान मजबूत किया। शीतल देवी और तोमन कुमार का स्वर्ण, सुवर्णा राज का डिस्कस थ्रो में शीर्ष स्थान और स्वाति चौधरी का ऐतिहासिक रजत भारतीय पैरा खिलाड़ियों की उपलब्धियों में महत्वपूर्ण अध्याय हैं। पैरा बैडमिंटन में फाइनल तक पहुंची भारतीय जोड़ी से भी स्वर्ण की उम्मीद बनी हुई है।



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