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2,200 किमी की फरारी, 10 दिन रूसी जेल में टूट गए थे स्टीफन हबर्ड, बेटे को था दोबारा न मिलने का डर; ट्रंप ने बाइडन को घेराको देती रही चकमा; अजनबियों के इंटरनेट से पकड़ी गई श्रद्धा दुबे

by on | 2026-10-22 12:19:56

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2,200 किमी की फरारी, 10 दिन रूसी जेल में टूट गए थे स्टीफन हबर्ड, बेटे को था दोबारा न मिलने का डर; ट्रंप ने बाइडन को घेराको देती रही चकमा; अजनबियों के इंटरनेट से पकड़ी गई श्रद्धा दुबे

वॉशिंगटन | बेबाक24 न्यूज़

रूस की जेल से रिहा हुए 74 वर्षीय अमेरिकी नागरिक स्टीफन हबर्ड के बेटे जोसेफ कोलमैन ने बताया कि हिरासत के दौरान उनके पिता जिंदगी से बेहद निराश हो गए थे। पिछले साल फोन पर हुई बातचीत में उनकी हालत सुनकर बेटे को डर लगा था कि शायद वह अपने पिता को दोबारा कभी नहीं देख पाएंगे। हबर्ड की रिहाई के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इसका श्रेय रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से हुई बातचीत को दिया और पूर्व राष्ट्रपति जो बाइडन तथा डेमोक्रेट्स पर निशाना साधा।

बेटे ने बताई पिता की हालत

ग्रीक ऑर्थोडॉक्स पादरी जोसेफ कोलमैन ने बुधवार को सीबीएस न्यूज को दिए अपने पहले टेलीविजन साक्षात्कार में पिता की मानसिक स्थिति के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि हिरासत में हबर्ड जिस हालात का सामना कर रहे थे, उससे बेहद थक चुके थे।

कोलमैन के मुताबिक, पिछले साल फोन पर हुई बातचीत के दौरान पिता की आवाज और बातों से उनकी गहरी निराशा का अंदाजा हुआ था। उन्हें आशंका थी कि शायद वह अपने पिता को फिर कभी नहीं देख पाएंगे। रिहाई से पहले दोनों की करीब एक मिनट बात हुई। बेटे ने बताया कि इस बार पिता की आवाज मई 2025 में हुई पिछली बातचीत के मुकाबले बेहतर लगी।

कौन हैं स्टीफन हबर्ड?

स्टीफन हबर्ड अमेरिका के सेवानिवृत्त शिक्षक हैं। रूस ने 2022 में यूक्रेन पर बड़े पैमाने पर हमला शुरू होने के कुछ समय बाद उन्हें यूक्रेन में हिरासत में लिया था। उन पर यूक्रेनी सेना की ओर से लड़ने और भाड़े के लड़ाकों से जुड़े एक ठिकाने पर तैनात रहने का आरोप लगाया गया था। बाद में बंद कमरे में हुई सुनवाई के बाद उन्हें लगभग 7 साल की सजा सुनाई गई।

हबर्ड के परिवार ने इन आरोपों को लगातार खारिज किया। अमेरिकी सरकार ने भी उन्हें गलत तरीके से हिरासत में रखा गया अमेरिकी नागरिक माना था।

उनके वकील मार्टिन डी लुका के अनुसार, फरवरी 2025 में जब उनकी कानूनी टीम ने मामला संभाला, तब परिवार और अमेरिकी दूतावास को भी उनकी हिरासत की जगह के बारे में स्पष्ट जानकारी नहीं थी। बाद में वकीलों ने उनका पता लगाया और मुलाकात के साथ भोजन तथा जरूरी सामान के लिए धन की व्यवस्था की।

ट्रंप ने रिहाई का श्रेय लिया, बाइडन पर साधा निशाना

स्टीफन हबर्ड की रिहाई की घोषणा 21 अक्तूबर को अमेरिकी राष्ट्रपति के विशेष दूत स्टीव विटकॉफ और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की मुलाकात के दौरान हुई। ट्रंप ने कहा कि पुतिन उनकी मांग पर हबर्ड को रिहा करने के लिए तैयार हो गए। उनके मुताबिक, इस रिहाई के लिए किसी कैदी की अदला-बदली नहीं करनी पड़ी।

ट्रंप ने यह भी दावा किया कि रूस पर नए प्रतिबंध लागू नहीं करने के उनके फैसले ने रिहाई में भूमिका निभाई।

व्हाइट हाउस ने सोशल मीडिया पर हबर्ड की वापसी को लेकर पोस्ट करते हुए पूर्व राष्ट्रपति जो बाइडन और डेमोक्रेट्स की आलोचना की। पोस्ट में कहा गया कि हबर्ड और उनका परिवार रूस से घर लौट रहे हैं और यह काम बाइडन प्रशासन को बहुत पहले कर देना चाहिए था। इस तरह ट्रंप ने रिहाई का श्रेय लेते हुए अपने राजनीतिक विरोधियों पर निशाना साधा।

हबर्ड के खिलाफ आरोपों पर क्या कहता है बचाव पक्ष?

हबर्ड के वकील मार्टिन डी लुका ने कहा कि उनकी टीम ने उन लोगों से बातचीत की, जो हबर्ड को जानते थे। इसके अलावा, युद्ध शुरू होने से पहले की उनकी परिस्थितियों की भी जांच की गई। वकील के मुताबिक, उन्हें ऐसा कोई सबूत नहीं मिला जिससे साबित हो कि हबर्ड यूक्रेनी सेना में शामिल थे।

उन्होंने बताया कि रूस की केस फाइल का बड़ा हिस्सा गोपनीय था और उनकी टीम ने आरोपों के समर्थन में सबूत मांगे थे। हालांकि, रूसी अदालत में हुई कार्यवाही और सजा का विवरण अलग कानूनी प्रक्रिया का हिस्सा है।

बेटे ने रिहाई को बताया शांति की दिशा में छोटा कदम

पिता की रिहाई पर खुशी जताते हुए कोलमैन ने इसे बड़े संघर्ष के बीच शांति की दिशा में एक छोटा कदम बताया। उन्होंने पुतिन को रिहाई की मंजूरी देने के लिए धन्यवाद दिया।

कोलमैन ने यह भी माना कि रूसी सेना की चेतावनी के बावजूद उनके पिता का युद्ध क्षेत्र में बने रहना गलती हो सकती थी। हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि इससे उनके पिता को हिरासत में रखने को जायज नहीं ठहराया जा सकता।

रूस की जेलों में अब भी करीब 20 अमेरिकी नागरिक

हबर्ड की रिहाई के बावजूद रूस में करीब 20 अमेरिकी नागरिकों के कैद होने की बात सामने आई है। इनमें ऐसे लोग भी शामिल हैं जिनके परिवार उनके खिलाफ लगाए गए आरोपों को गलत बताते हैं।

अमेरिकी विदेश विभाग अपने नागरिकों को रूस की यात्रा से बचने की चेतावनी देता है। इसकी वजह वहां अमेरिकी नागरिकों को गलत तरीके से हिरासत में लिए जाने का जोखिम बताया गया है।

इस बीच, अमेरिकी विशेष दूत स्टीव विटकॉफ ने पुतिन को मानवीय बताते हुए उनकी तारीफ की। इस टिप्पणी की अमेरिका के रिपब्लिकन और डेमोक्रेटिक सांसदों ने आलोचना की। पुतिन अंतरराष्ट्रीय आपराधिक न्यायालय के गिरफ्तारी वारंट का भी सामना कर रहे हैं, जो यूक्रेनी बच्चों को कथित तौर पर गैरकानूनी तरीके से निर्वासित करने के आरोपों से जुड़ा है।

बेबाक24 टेक

स्टीफन हबर्ड की रिहाई ने रूस में हिरासत में रखे गए अमेरिकी नागरिकों और मॉस्को-वॉशिंगटन संबंधों पर फिर ध्यान खींचा है। ट्रंप ने रिहाई को अपनी कूटनीतिक बातचीत का परिणाम बताया, जबकि व्हाइट हाउस ने इसके जरिए बाइडन प्रशासन की आलोचना की। दूसरी ओर, हबर्ड के परिवार और वकील ने उनके खिलाफ आरोपों के समर्थन में पर्याप्त सबूत नहीं मिलने की बात कही है। रूस में अब भी कैद अमेरिकी नागरिकों का मुद्दा दोनों देशों के संबंधों में एक महत्वपूर्ण चुनौती बना हुआ है।



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