ब्रेकिंग न्यूज़
सोमनाथ में श्रद्धा और शक्ति का सैलाब: पीएम मोदी ने डमरू बजाकर और त्रिशूल थामकर किया 'शौर्य यात्रा' का शंखनाद
अपराध अपराध

7 करोड़ के कफ सिरप नेटवर्क का पर्दाफाश: काशी पुलिस ने 'ऑपरेशन क्लीन' में दो को दबोचा

by admin@bebak24.com on | 2025-12-08 15:37:56

Share: Facebook | Twitter | WhatsApp | LinkedIn Visits: 3154


7 करोड़ के कफ सिरप नेटवर्क का पर्दाफाश: काशी पुलिस ने 'ऑपरेशन क्लीन' में दो को दबोचा

फर्जी दस्तावेजों से हासिल किए ड्रग लाइसेंस, दुकान के बजाय सीधे दूसरे राज्यों में बेचा नशे का माल; वाराणसी का सबसे बड़ा मेडिकल नेटवर्क उजागर

वाराणसी: नशे के लिए कोडाइनयुक्त कफ सिरप की अवैध तस्करी में लिप्त एक विशाल नेटवर्क पर काशी पुलिस ने बड़ी चोट की है। वाराणसी कमिश्नरेट की कोतवाली पुलिस और एसओजी की संयुक्त टीम ने फर्जी कागजात और कूटरचित दस्तावेजों के दम पर ड्रग लाइसेंस प्राप्त कर ₹7 करोड़ से अधिक का अवैध कारोबार करने वाले दो मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार किया है।

पकड़े गए अभियुक्तों की पहचान विशाल कुमार जायसवाल और बादल आर्य (दोनों निवासी हुकुलगंज, लालपुर-पांडेयपुर) के रूप में हुई है। इन दोनों ने कबूल किया है कि उनकी फर्में केवल नाम की थीं, और माल को सीधे दूसरे राज्यों में अवैध बिक्री के लिए भेजा जाता था।

फर्जीवाड़ा: कैसे चलता था करोड़ों का काला कारोबार?

पुलिस जांच और पूछताछ में इस गोरखधंधे के चौंकाने वाले तरीके सामने आए हैं:

 * जाली लाइसेंस की फैक्ट्री: आरोपियों ने फर्जी रेंट एग्रीमेंट, जाली अनुभव प्रमाण पत्र और अन्य कूटरचित दस्तावेज तैयार किए, जिनका उपयोग ड्रग लाइसेंस हासिल करने के लिए किया गया।

 * फर्म नहीं, सिर्फ दिखावा: 'हरी ओम फार्मा' और 'काल भैरव ट्रेडर्स' नामक इनकी फर्में केवल कागजों पर थीं। कफ सिरप का स्टॉक दुकान तक नहीं आता था।

 * विशाल जायसवाल की करतूत: 'हरी ओम फार्मा' ने रांची की 'शैली ट्रेडर्स' से 4,18,000 शीशी कफ सिरप खरीदा और उसे ₹5 करोड़ से अधिक में अवैध रूप से बेचा।

 * बादल आर्य का हिस्सा: 'काल भैरव ट्रेडर्स' ने भी 1,23,000 शीशी खरीदी, जिसकी अवैध बिक्री ₹2 करोड़ से अधिक में की गई।

 * ई-वे बिलों में हेरफेर: अवैध लेनदेन को छिपाने के लिए फर्जी ई-वे बिल बनाए गए थे, जिनकी पुष्टि वाहनों के स्वामियों के बयान से हुई है।

 बैंक खाते और कंट्रोल रूम

पूछताछ में पता चला कि दिवेश जायसवाल नाम का एक व्यक्ति पूरे नेटवर्क का मुख्य नियंत्रक था। वह गिरफ्तार अभियुक्तों की फर्मों के बैंक खातों को संभालता था और ओटीपी के जरिए सभी बड़े ट्रांजैक्शन कराता था। पुलिस के मुताबिक, दोनों अभियुक्तों ने महज एक साल में लगभग ₹7 करोड़ का अवैध धंधा किया है।

मास्टरमाइंड 'शुभम जायसवाल' की तलाश तेज

पुलिस ने यह कार्रवाई थाना कोतवाली में मु.अ.सं. 235/2025 (एनडीपीएस एक्ट व बीएनएस की धाराएं) के तहत की है। कफ सिरप तस्करी के मुख्य आरोपी शुभम जायसवाल,व अन्य की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीम लगातार दबिश दे रही है। पुलिस का कहना है कि यह वाराणसी में सामने आया सबसे बड़ा फर्जी मेडिकल नेटवर्क है, और सभी फरार आरोपियों को जल्द ही पकड़ लिया जाएगा।



Search
Recent News
Top Trending
Most Popular

Leave a Comment