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वाराणसी में टोल का झंझट होगा खत्म? 45 शहरों में लागू होगी एमएलएफएफ तकनीक, बिना रुके गुजरेंगी गाड़ियां

by on | 2026-10-22 12:19:13

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वाराणसी में टोल का झंझट होगा खत्म? 45 शहरों में लागू होगी एमएलएफएफ तकनीक, बिना रुके गुजरेंगी गाड़ियां

वाराणसी | बेबाक24 न्यूज़

वाराणसी में यातायात को सुगम बनाने और टोल प्लाजा पर लगने वाली लंबी कतारों से राहत दिलाने की दिशा में आधुनिक टोल तकनीक की योजना अहम साबित हो सकती है। सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय की योजना के तहत देश के 5 लाख से अधिक आबादी वाले 45 शहरों में रिंग रोड, बाईपास और मौजूदा राजमार्गों को आधुनिक बनाया जाना है। इनमें वाराणसी के साथ प्रयागराज और अलीगढ़ भी शामिल हैं।

योजना के तहत नए एक्सेस कंट्रोल्ड रिंग रोड पर मल्टी लेन फ्री फ्लो (एमएलएफएफ) तकनीक लागू की जाएगी। इसके जरिए वाहनों को टोल शुल्क चुकाने के लिए टोल प्लाजा पर रुकने की जरूरत नहीं होगी। हालांकि, वाराणसी में यह व्यवस्था कब लागू होगी, इसकी निश्चित समयसीमा की जानकारी अभी सामने नहीं आई है।

वाराणसी के वाहन चालकों को क्या होगा फायदा?

वाराणसी में रिंग रोड और आसपास के प्रमुख मार्गों पर यातायात का दबाव कम करना सड़क बुनियादी ढांचे के विकास का महत्वपूर्ण उद्देश्य है। एमएलएफएफ तकनीक लागू होने पर टोल वसूली के लिए वाहनों की कतारें कम करने और सफर में लगने वाला समय बचाने में मदद मिल सकती है।

इस व्यवस्था में वाहन लगभग 80 से 90 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से टोल पॉइंट पार कर सकेंगे। इससे बार-बार रुकने और दोबारा गति पकड़ने की जरूरत कम होगी, जिससे ईंधन की खपत घटने की भी संभावना है।

हालांकि, वाराणसी में इसका वास्तविक असर इस बात पर निर्भर करेगा कि किन मार्गों पर तकनीक लगाई जाती है और परियोजना कब पूरी होती है।

कैसे काम करेगी बिना रुके टोल वसूली?

एमएलएफएफ एक स्वचालित टोल वसूली प्रणाली है। इसमें सड़क के ऊपर या आसपास लगे सेंसर, कैमरे और इलेक्ट्रॉनिक टैग रीडर गुजरने वाले वाहनों की पहचान करते हैं। इसके बाद निर्धारित व्यवस्था के अनुसार वाहन से टोल शुल्क वसूला जाता है।

रिपोर्ट के मुताबिक, इस प्रणाली में अमेरिका की कंपनी जेब्रा का हाई-स्पीड रीडर इस्तेमाल किया गया है, जो एक सेकंड में करीब 1,300 इलेक्ट्रॉनिक टैग पढ़ सकता है।

यह तकनीक मुख्य रूप से उन नए एक्सेस कंट्रोल्ड रिंग रोड पर लागू करने की योजना है, जहां वाहनों के प्रवेश और निकास के लिए निश्चित स्थान निर्धारित होंगे।

45 शहरों में सड़कें होंगी आधुनिक

योजना में वाराणसी, प्रयागराज और अलीगढ़ के अलावा दिल्ली, पटना, चंडीगढ़, उदयपुर, अहमदाबाद, अमरावती, सलेम, तिरुचिरापल्ली, बेंगलुरु, कोयंबटूर, देहरादून और गुवाहाटी समेत अन्य शहर शामिल हैं।

शहरों की जरूरत के अनुसार रिंग रोड, बाईपास और मौजूदा राजमार्गों को विकसित किया जाएगा। हालांकि, सभी 45 शहरों में एक जैसी व्यवस्था लागू होना जरूरी नहीं है। एमएलएफएफ तकनीक विशेष रूप से नए एक्सेस कंट्रोल्ड मार्गों पर लागू करने की योजना का हिस्सा है।

वाराणसी में कब से मिलेगी राहत?

वाराणसी के वाहन चालकों के लिए इस योजना का लाभ तभी स्पष्ट होगा, जब संबंधित परियोजनाओं का स्वरूप, निर्माण की स्थिति और तकनीक लागू करने की समयसीमा सामने आएगी। फिलहाल, उपलब्ध जानकारी के आधार पर शहर में एमएलएफएफ व्यवस्था शुरू होने की निश्चित तारीख बताना संभव नहीं है।

बेबाक24 टेक

वाराणसी जैसे तेजी से विकसित हो रहे शहर में बेहतर सड़क संपर्क और निर्बाध टोल वसूली से यात्रियों को समय बचाने तथा यातायात का दबाव कम करने में मदद मिल सकती है। लेकिन योजना की घोषणा और जमीन पर उसके लागू होने के बीच का अंतर महत्वपूर्ण है। वाराणसी के लिए असली बदलाव तब दिखेगा, जब संबंधित मार्गों पर काम पूरा होगा और बिना रुके टोल पार करने की व्यवस्था वास्तव में शुरू होगी।



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