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बंगाल में TMC विधायक का भड़काऊ दांव: 'बाबरी मस्जिद' की नींव रखकर गरमाई सियासत; ममता ने किया निलंबित, अब ओवैसी के साथ गठबंधन की तैयारी

by admin@bebak24.com on | 2025-12-07 17:57:05

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बंगाल में TMC विधायक का भड़काऊ दांव: 'बाबरी मस्जिद' की नींव रखकर गरमाई सियासत; ममता ने किया निलंबित, अब ओवैसी के साथ गठबंधन की तैयारी



मुर्शिदाबाद/कोलकाता । पश्चिम बंगाल की राजनीति में एक बार फिर धार्मिक ध्रुवीकरण का मुद्दा जोर पकड़ रहा है। तृणमूल कांग्रेस (TMC) से निलंबित विधायक हुमायूं कबीर ने मुर्शिदाबाद के बेलडांगा में 'बाबरी मस्जिद' की तर्ज पर बनने वाली एक नई मस्जिद की आधारशिला रखकर बड़ा राजनीतिक तूफान खड़ा कर दिया है। सबसे विवादास्पद कदम यह है कि कबीर ने शिलान्यास के लिए 6 दिसंबर का दिन चुना—ठीक उसी दिन, जिस दिन 1992 में अयोध्या का विवादित ढांचा गिराया गया था।

मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने इस भड़काऊ कदम को गंभीरता से लेते हुए 4 दिसंबर को ही कबीर को पार्टी से निलंबित कर दिया। हालांकि, कबीर अब नई राह पर निकल पड़े हैं। उन्होंने नई पार्टी बनाने की घोषणा की है और आगामी चुनावों के लिए असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी एआईएमआईएम (AIMIM) के साथ गठबंधन करके चुनावी मैदान में उतरने की तैयारी कर रहे हैं।

आधारशिला में उमड़ी लाखों की भीड़, सुरक्षा कड़ी

बेलडांगा में आयोजित शिलान्यास कार्यक्रम में लाखों की भीड़ जुटी। बताया गया कि बंगाल के विभिन्न जिलों से दो लाख से अधिक लोग अपने साथ मस्जिद निर्माण के लिए ईंटें लेकर पहुंचे थे। कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच कबीर ने मंच पर सऊदी अरब से आए मौलवियों के साथ मस्जिद की नींव रखी। इस दौरान 'नारा-ए-तकबीर, अल्लाहु अकबर' के नारे गूंजते रहे।

इस संवेदनशील घटना के मद्देनजर प्रशासन ने बेलडांगा और आसपास के क्षेत्रों को हाई अलर्ट पर रखा था। शांति भंग न हो, इसके लिए सेंट्रल आर्म्ड फोर्स, रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) और बीएसएफ समेत 3,000 से अधिक जवानों को तैनात किया गया था। कबीर ने 25 नवंबर को ही घोषणा कर दी थी कि वह 6 दिसंबर को आधारशिला रखेंगे, जिसके बाद से ही तनाव महसूस किया जा रहा था।

दलबदल के माहिर खिलाड़ी: भाजपा से भी लड़ चुके हैं चुनाव

भरतपुर सीट से वर्तमान विधायक हुमायूं कबीर (2021 से) का राजनीतिक सफर अत्यंत अस्थिर रहा है, जो उनकी अवसरवादी राजनीति को दर्शाता है।

पिछला विवादित बयान: 'हिंदुओं को भागीरथी नदी में फेंक देंगे'

कबीर का विवादों से गहरा नाता रहा है। पिछले लोकसभा चुनाव के दौरान उन्होंने एक रैली में अत्यंत भड़काऊ बयान दिया था।

उन्होंने सार्वजनिक रूप से कहा था कि चुनाव जीतने के दो घंटे के भीतर "हिंदुओं को पश्चिम बंगाल की भागीरथी नदी में फेंक देंगे"। अपने इस बयान को सही ठहराने के लिए उन्होंने मुर्शिदाबाद की जनसांख्यिकी का हवाला दिया था, जहां मुस्लिम आबादी 70 फीसदी है। उन्होंने कहा था, "आप 30 फीसदी लोग हैं, हम भी यहां 70 फीसदी हैं। यदि आपको लगता है कि आप काजीपाड़ा की मस्जिद गिरा देंगे और मुस्लिम आराम से बैठा रहेगा तो ऐसा नहीं होगा।" इस बयान पर भाजपा ने जमकर निशाना साधा था और यह मुद्दा राष्ट्रीय स्तर पर भी चर्चा में रहा था।

हुमायूं कबीर का यह ताजा कदम (बाबरी मस्जिद की नींव) सीधे तौर पर बंगाल की राजनीति में धार्मिक भावनाओं को भड़काने और अल्पसंख्यक वोटों को समेटने की रणनीति मानी जा रही है। इससे ममता बनर्जी की TMC के सामने एक नई चुनौती खड़ी हो गई है, जबकि भाजपा ध्रुवीकरण के इस माहौल पर कड़ी नजर बनाए हुए है।




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