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यूएन में भारत की पाकिस्तान को दो टूक, बोले बेदी- परमाणु धमकी से नहीं डरेंगे

by on | 2026-10-10 13:27:19

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यूएन में भारत की पाकिस्तान को दो टूक, बोले बेदी- परमाणु धमकी से नहीं डरेंगे

संयुक्त राष्ट्र | बेबाक24 न्यूज़

भारत ने संयुक्त राष्ट्र में पाकिस्तान को कड़ा संदेश देते हुए कहा कि परमाणु हथियारों की धमकी देकर उसे आतंकवाद के खिलाफ कार्रवाई से नहीं रोका जा सकता। भारत ने स्पष्ट किया कि किसी भी आतंकी हमले का उचित जवाब दिया जाएगा और आतंकवाद के प्रायोजकों तथा साजिशकर्ताओं को अलग-अलग नजर से नहीं देखा जाएगा।

संयुक्त राष्ट्र महासभा की निरस्त्रीकरण और अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा संबंधी प्रथम समिति की बैठक में भारत की ओर से वरिष्ठ सलाहकार अनमोल शेर सिंह बेदी ने यह बात कही। पाकिस्तान की ओर से जम्मू-कश्मीर का मुद्दा उठाए जाने के बाद भारत ने जवाब देते हुए कहा कि जम्मू-कश्मीर देश का अभिन्न और अविभाज्य हिस्सा है।

परमाणु धमकी पर भारत का कड़ा संदेश

बेदी ने कहा कि भारत की सैन्य क्षमताएं रक्षात्मक हैं और देश की सुरक्षा जरूरतों के अनुरूप तय की गई हैं। उन्होंने परमाणु हथियारों को राजनीतिक दबाव बनाने का साधन बताने को खतरनाक करार दिया।

भारत ने कहा कि पहले उकसावे वाली कार्रवाई करना, फिर जिम्मेदारी से इनकार करना और जवाब मिलने पर संयम बरतने की अपील करना क्षेत्रीय संकट का बार-बार दोहराया जाने वाला तरीका रहा है। बेदी के अनुसार, गैर-जिम्मेदाराना गतिविधियों के लिए जवाबदेही तय नहीं होने पर शांति केवल संकटों के बीच का अस्थायी ठहराव बनकर रह जाती है।

आतंकवाद पर भारत की तीन प्रमुख बातें

भारत ने संयुक्त राष्ट्र में अपना रुख स्पष्ट करते हुए कहा कि किसी भी आतंकी हमले का उचित जवाब दिया जाएगा। परमाणु हथियारों की धमकी भारत को अपनी सुरक्षा के लिए कार्रवाई करने से नहीं रोक सकती।

भारत ने यह भी कहा कि आतंकवादी समूहों के माध्यम से हमला कराने से किसी देश की जिम्मेदारी समाप्त नहीं हो जाती। आतंकवाद को समर्थन देने वालों और उसकी साजिश रचने वालों के बीच अंतर नहीं किया जाना चाहिए।

ऑपरेशन सिंदूर और सिंधु जल समझौते का जिक्र

बेदी ने पहलगाम में 22 अप्रैल 2025 को हुए आतंकी हमले का उल्लेख किया, जिसमें 26 नागरिक मारे गए थे। इसके बाद भारत ने मई 2025 में ऑपरेशन सिंदूर के तहत पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया था। भारत ने इन कार्रवाइयों को आत्मरक्षा में उठाया गया कदम बताया।

भारत ने सिंधु जल समझौते का जिक्र करते हुए कहा कि यह आपसी विश्वास और सद्भावना की बुनियाद पर हुआ था। भारत का कहना है कि सीमा पार आतंकवाद को समर्थन विश्वसनीय और स्थायी रूप से समाप्त किए जाने तक समझौता स्थगित रहेगा।

ए. क्यू. खान के परमाणु नेटवर्क पर भी उठाए सवाल

भारत ने पाकिस्तान के परमाणु वैज्ञानिक ए. क्यू. खान से जुड़े अंतरराष्ट्रीय परमाणु प्रसार नेटवर्क का भी उल्लेख किया। बेदी ने कहा कि इस नेटवर्क के इतिहास ने परमाणु तकनीक और उपकरणों के प्रसार को लेकर गंभीर चिंताएं पैदा की थीं। इसी तरह की चुनौतियों के मद्देनजर संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने प्रस्ताव 1540 पारित किया था।

भारत ने सभी देशों और जिम्मेदार आपूर्तिकर्ताओं से परमाणु तकनीक तथा उन्नत हथियारों के प्रसार को लेकर सतर्क रहने की अपील की। भारत के अनुसार, इस मामले में सावधानी केवल उसकी सुरक्षा के लिए नहीं, बल्कि पूरे विश्व की सुरक्षा के लिए जरूरी है।

बेबाक24 टेक

संयुक्त राष्ट्र में भारत ने आतंकवाद और परमाणु धमकियों को लेकर अपना रुख स्पष्ट किया। भारत का संदेश है कि आतंकवाद के खिलाफ कार्रवाई को परमाणु हथियारों का भय दिखाकर सीमित नहीं किया जा सकता और क्षेत्रीय शांति के लिए आतंकवाद के प्रायोजकों की जवाबदेही जरूरी है।



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