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रतन टाटा की पुण्यतिथि पर नमन, नमक से सेमीकंडक्टर तक फैला टाटा समूह

by on | 2026-10-09 13:25:01

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रतन टाटा की पुण्यतिथि पर नमन, नमक से सेमीकंडक्टर तक फैला टाटा समूह

नई दिल्ली | बेबाक24 न्यूज़

दिग्गज उद्योगपति और पद्म विभूषण से सम्मानित रतन टाटा की पुण्यतिथि पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता समेत कई नेताओं ने उन्हें श्रद्धांजलि दी। नेताओं ने उनके जीवन को परिश्रम, सादगी, सेवा और मानवीय मूल्यों की मिसाल बताया। रतन टाटा ने अपने नेतृत्व में टाटा समूह को अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाने के साथ समाजसेवा और परोपकार के क्षेत्र में भी महत्वपूर्ण योगदान दिया।

योगी और रेखा गुप्ता ने किया नमन

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि रतन टाटा का जीवन उद्योग, नवाचार और सामाजिक उत्तरदायित्व को साथ लेकर चलने की प्रेरणा देता है। उन्होंने उनके परिश्रम, विनम्रता और सेवा की भावना को अनुकरणीय विरासत बताया।

दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि रतन टाटा ने दूरदर्शी नेतृत्व और नए विचारों के माध्यम से भारतीय उद्योग जगत को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया। राष्ट्र निर्माण, रोजगार सृजन और समाज कल्याण में उनका योगदान हमेशा प्रेरणा देता रहेगा।

बिहार भाजपा अध्यक्ष संजय सरावगी, दिल्ली सरकार के मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा और उत्तराखंड सरकार के मंत्री गणेश जोशी ने भी उन्हें श्रद्धांजलि दी। नेताओं ने उनके सामाजिक योगदान, सादगी और मानवीय मूल्यों को याद किया।

1991 में संभाली टाटा समूह की कमान

रतन नवल टाटा का जन्म 28 दिसंबर 1937 को मुंबई में हुआ था। उन्होंने अमेरिका के कॉर्नेल विश्वविद्यालय से वास्तुकला की पढ़ाई की और 1962 में टाटा समूह के साथ अपना कार्यकाल शुरू किया। विभिन्न कंपनियों में काम करने के बाद 1991 में उन्होंने जेआरडी टाटा से समूह की कमान संभाली। वह दिसंबर 2012 तक इसके अध्यक्ष रहे।

उनके नेतृत्व में टाटा समूह ने भारत से बाहर अपने कारोबार का बड़े स्तर पर विस्तार किया। उन्हें वर्ष 2000 में पद्म भूषण और 2008 में पद्म विभूषण से सम्मानित किया गया।

टेटली से जगुआर-लैंड रोवर तक विस्तार

रतन टाटा के नेतृत्व में टाटा समूह ने कई बड़े अंतरराष्ट्रीय अधिग्रहण किए। वर्ष 2000 में ब्रिटिश चाय कंपनी टेटली, 2007 में इस्पात कंपनी कोरस और 2008 में फोर्ड से जगुआर तथा लैंड रोवर का अधिग्रहण समूह के विस्तार के प्रमुख पड़ाव रहे। इन सौदों ने टाटा समूह को वैश्विक कारोबार में मजबूत पहचान दिलाई।

आज समूह का कारोबार नमक, चाय, इस्पात, वाहन, सूचना प्रौद्योगिकी, विमानन, आभूषण और वित्तीय सेवाओं सहित अनेक क्षेत्रों में फैला है। टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज, टाटा मोटर्स, टाइटन, एयर इंडिया और जगुआर लैंड रोवर इसकी प्रमुख कंपनियों में शामिल हैं। समूह ने अर्धचालक निर्माण के क्षेत्र में भी कदम बढ़ाया है।

टाटा समूह की स्थापना जमशेदजी टाटा ने 1868 में की थी। रतन टाटा ने इस विरासत को आगे बढ़ाते हुए समूह को दुनिया के प्रमुख कारोबारी समूहों में शामिल कराने में अहम भूमिका निभाई।

कारोबार के साथ समाजसेवा को भी प्राथमिकता

रतन टाटा की पहचान केवल एक सफल उद्योगपति के रूप में नहीं थी। शिक्षा, स्वास्थ्य, ग्रामीण विकास और आजीविका जैसे क्षेत्रों में परोपकारी कार्यों को भी उन्होंने महत्व दिया। कोरोना महामारी के दौरान उन्होंने पीएम केयर्स कोष में 500 करोड़ रुपये देने की घोषणा की थी। टाटा समूह से जुड़े परोपकारी न्यास भी सामाजिक विकास के विभिन्न क्षेत्रों में काम करते हैं।

बेबाक24 टेक

रतन टाटा की विरासत केवल बड़े कारोबारी सौदों और वैश्विक विस्तार तक सीमित नहीं रही। उन्होंने उद्योग के साथ सामाजिक उत्तरदायित्व, सादगी और परोपकार को भी महत्व दिया। यही कारण है कि उनकी पुण्यतिथि पर उन्हें एक सफल उद्योगपति के साथ-साथ समाज के प्रति समर्पित व्यक्तित्व के रूप में याद किया जा रहा है।



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