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मस्क के एकाधिकार के आरोप पर सरकार का जवाब, कहा- भारत में भेदभाव नहीं

by on | 2026-10-08 13:12:28

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मस्क के एकाधिकार के आरोप पर सरकार का जवाब, कहा- भारत में भेदभाव नहीं

नई दिल्ली | बेबाक24 न्यूज़

स्टारलिंक को भारत में सेवा शुरू करने की अंतिम मंजूरी का इंतजार है, इसी बीच कंपनी के प्रमुख एलन मस्क के एकाधिकार संबंधी आरोपों पर केंद्र सरकार ने जवाब दिया है। संचार मंत्रालय ने मस्क के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि भारत में दूरसंचार सेवाओं के लिए अनुमति देने की व्यवस्था निष्पक्ष और भेदभाव रहित है।

मंत्रालय ने कहा कि सैटेलाइट संचार सेवाओं के लिए भी सभी कंपनियों पर समान नियम लागू हैं। सरकार के अनुसार, स्टारलिंक समेत 3 कंपनियों को भारत में सैटेलाइट संचार सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए दूरसंचार लाइसेंस दिए जा चुके हैं।

“व्यवस्था भेदभावपूर्ण कहना बेबुनियाद”

मंत्रालय ने कहा कि यह कहना गलत है कि भारत में लाइसेंस देने की व्यवस्था या उसके क्रियान्वयन का तरीका किसी कंपनी के साथ भेदभाव करता है। सरकार के मुताबिक, सभी कंपनियों को समान शर्तों के तहत अनुमति प्रक्रिया से गुजरना पड़ता है।

लाइसेंस की शर्तों के तहत कंपनियों को सुरक्षा संबंधी आवश्यकताओं का पालन करना भी साबित करना होगा। इसका उद्देश्य सेवाओं के साथ-साथ उपयोगकर्ताओं और उनके आंकड़ों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।

तीनों कंपनियों की सुरक्षा जांच जारी

संचार मंत्रालय के अनुसार, सैटेलाइट संचार सेवाओं के लिए लाइसेंस प्राप्त 3 कंपनियों की सुरक्षा जांच फिलहाल चल रही है। जिस कंपनी की सुरक्षा प्रक्रिया पूरी हो जाएगी, वह स्पेक्ट्रम आवंटन के लिए आवेदन के अगले चरण में पहुंच सकेगी।

मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि फिलहाल तीनों कंपनियां लगभग एक ही चरण में हैं। ऐसे में किसी एक कंपनी के साथ भेदभाव किए जाने का सवाल नहीं उठता।

मस्क ने क्या लगाया था आरोप?

एलन मस्क ने बुधवार को एक संदेश के जवाब में आरोप लगाया था कि कुछ उद्योगपति भारत में स्टारलिंक को आने से रोक रहे हैं ताकि अपना एकाधिकार बनाए रख सकें। उन्होंने इसे भारतीय जनता के खिलाफ बताया था।

मस्क ने यह प्रतिक्रिया भारत के उन 11,000 से अधिक गांवों से जुड़ी एक पोस्ट पर दी थी, जहां मई 2026 तक 4जी मोबाइल सेवा उपलब्ध नहीं होने का दावा किया गया था। संबंधित संदेश में ग्रामीण क्षेत्रों में दूरसंचार सुविधा बढ़ाने के लिए स्टारलिंक की जरूरत बताई गई थी।

बेबाक24 टेक

स्टारलिंक समेत 3 कंपनियों को भारत में सैटेलाइट संचार सेवा के लिए लाइसेंस मिल चुके हैं, लेकिन सुरक्षा जांच और स्पेक्ट्रम आवंटन की प्रक्रिया अभी बाकी है। सरकार ने मस्क के एकाधिकार संबंधी आरोपों को खारिज करते हुए कहा है कि सभी कंपनियों के लिए नियम समान हैं।



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