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नाना पाटेकर का निधन, 75 की उम्र में ली अंतिम सांस; 45 मिनट तक चला बचाने का प्रयास

by on | 2026-10-08 13:08:43

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नाना पाटेकर का निधन, 75 की उम्र में ली अंतिम सांस; 45 मिनट तक चला बचाने का प्रयास

पणजी | बेबाक24 न्यूज़

हिंदी और मराठी सिनेमा के दिग्गज अभिनेता नाना पाटेकर का 75 वर्ष की उम्र में निधन हो गया। रिपोर्टों के मुताबिक, गुरुवार सुबह गोवा स्थित उनके आवास पर उन्हें गंभीर हृदयाघात हुआ। अस्पताल ले जाने के बाद चिकित्सकों ने करीब 45 मिनट तक उन्हें बचाने का प्रयास किया, लेकिन उनकी हालत में सुधार नहीं हुआ। सुबह करीब 5:20 बजे उन्हें मृत घोषित किया गया।

45 मिनट तक बचाने की कोशिश

मणिपाल अस्पताल के चिकित्सक डॉ. शेखर सालकर के अनुसार, नाना पाटेकर को गंभीर हृदयाघात आया था। चिकित्सकों और चिकित्सा दल ने करीब 45 मिनट तक लगातार हृदय-फुफ्फुस पुनर्जीवन प्रक्रिया के जरिए उन्हें बचाने की कोशिश की। इसके बावजूद उन्हें पुनर्जीवित नहीं किया जा सका।

मामले में चिकित्सकीय-कानूनी प्रकरण दर्ज किया गया है। निधन की चिकित्सकीय वजह की पुष्टि के लिए पोस्टमार्टम कराया जाएगा। इसलिए मौत का अंतिम कारण रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट होगा।

चार दशक से ज्यादा का शानदार सफर

नाना पाटेकर का असली नाम विश्वनाथ पाटेकर था। उन्होंने 1978 में फिल्म 'गमन' से अभिनय की शुरुआत की। इसके बाद 'परिंदा', 'तिरंगा', 'क्रांतिवीर', 'अग्निसाक्षी', 'अब तक छप्पन', 'अपहरण', 'वेलकम' और 'नटसम्राट' जैसी फिल्मों में अपने दमदार अभिनय से अलग पहचान बनाई।

'क्रांतिवीर' में उनके अभिनय के लिए उन्हें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार मिला। उन्हें तीन राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार, कई फिल्मफेयर पुरस्कार और 2013 में पद्मश्री से सम्मानित किया गया था।

अभिनय के साथ निर्देशन और समाजसेवा

नाना पाटेकर अभिनेता के साथ लेखक और निर्देशक भी रहे। 1991 में आई 'प्रहार: द फाइनल अटैक' का उन्होंने निर्देशन किया था। इस फिल्म के लिए उन्होंने भारतीय सेना के साथ कठिन सैन्य प्रशिक्षण भी लिया था। बाद में उन्हें प्रादेशिक सेना में मानद लेफ्टिनेंट कर्नल की उपाधि मिली।

फिल्मों के अलावा वह सामाजिक कार्यों के लिए भी जाने जाते थे। महाराष्ट्र के किसानों और ग्रामीण परिवारों की समस्याओं से जुड़े कार्यों में उन्होंने सक्रिय भूमिका निभाई। नाम फाउंडेशन के माध्यम से किसान कल्याण, जल संरक्षण और ग्रामीण विकास से जुड़े प्रयासों में भी उनका योगदान रहा।

बेबाक24 टेक

नाना पाटेकर का निधन हिंदी और मराठी सिनेमा के लिए बड़ी क्षति है। चार दशक से ज्यादा लंबे सफर में उन्होंने अभिनेता, निर्देशक और सामाजिक कार्यकर्ता के रूप में अपनी अलग पहचान बनाई। उनकी मृत्यु की चिकित्सकीय वजह पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही स्पष्ट होगी।



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