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पंजाब में डिजिटल चुनावी जंग तेज, 15 सेकंड की रील तय करेगी किस तक पहुंचेगा संदेश

by on | 2026-10-06 13:11:23

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पंजाब में डिजिटल चुनावी जंग तेज, 15 सेकंड की रील तय करेगी किस तक पहुंचेगा संदेश

जालंधर | बेबाक24 न्यूज़

पंजाब में 2027 विधानसभा चुनाव की तैयारी अब केवल जनसभाओं और घर-घर संपर्क तक सीमित नहीं है। मोबाइल फोन की स्क्रीन पर भी चुनावी माहौल बनने लगा है। छोटे वीडियो, कृत्रिम बुद्धिमत्ता से तैयार सामग्री और भावनात्मक संदेशों के जरिए राजनीतिक दल मतदाताओं तक पहुंच बनाने में जुटे हैं।

आम आदमी पार्टी, कांग्रेस, भारतीय जनता पार्टी और शिरोमणि अकाली दल ने अपने संगठन में सामाजिक माध्यम से जुड़े प्रकोष्ठों को मजबूत करना शुरू कर दिया है। राज्य में अगस्त 2026 तक करीब 1.98 करोड़ मोबाइल कनेक्शन थे, जबकि 2024 की एक रिपोर्ट के अनुसार 93 प्रतिशत ग्रामीण घरों में स्मार्टफोन उपलब्ध था। ऐसे में राजनीतिक संदेश गांवों तक भी तेजी से पहुंच रहे हैं।

दल बना रहे डिजिटल तंत्र

आम आदमी पार्टी ने मई 2026 में पंजाब के लिए अपने सामाजिक माध्यम प्रकोष्ठ में नई नियुक्तियां कीं। भाजपा ने भी राज्य स्तर पर सूचना प्रौद्योगिकी और सामाजिक माध्यम से जुड़े पदों पर नियुक्तियां की हैं। अनिल सरीन को सामाजिक माध्यम का प्रभारी बनाया गया है।

कांग्रेस ने अगस्त 2026 से नेताओं की सामाजिक माध्यम गतिविधियों पर निगरानी शुरू की। वहीं, शिरोमणि अकाली दल ने 2022 के विधानसभा चुनाव में 23,000 व्हाट्सऐप समूहों के इस्तेमाल का दावा किया था और अब युवा मतदाताओं तक पहुंच बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है।

जिसे बार-बार देखेंगे, वही ज्यादा दिखेगा

डिजिटल चुनाव प्रचार में एल्गोरिदम की भूमिका अहम हो गई है। किसी व्यक्ति के किसी राजनीतिक वीडियो को अधिक समय तक देखने पर उसी तरह की सामग्री उसे बार-बार दिखाई जा सकती है। इससे एक ही प्रकार के राजनीतिक विचार लगातार सामने आने की स्थिति बन सकती है।

इंजीनियर अंतरिक्ष भल्ला के अनुसार, छोटी, तेज और भावनात्मक वीडियो सामग्री युवाओं का ध्यान जल्दी खींचती है। हालांकि, किसी रील को देखने और उससे राजनीतिक रूप से प्रभावित होने के बीच सीधा संबंध साबित करने वाले विश्वसनीय आंकड़े फिलहाल उपलब्ध नहीं हैं।

चुनाव प्रचार का नया तरीका

अब चुनावी संदेश तैयार करने से लेकर उसे मतदाता तक पहुंचाने की प्रक्रिया भी बदल रही है। राजनीतिक दल संदेश तैयार करते हैं, डिजिटल दल उसे छोटे वीडियो में बदलता है, स्थानीय चेहरा उसे लोगों तक पहुंचाता है और उसके बाद एल्गोरिदम यह तय करता है कि सामग्री कितने लोगों तक पहुंचेगी।

अगस्त 2026 में पंजाब सरकार ने करीब 1,000 सामाजिक माध्यम प्रभावशाली लोगों को एक सम्मेलन में बुलाने की योजना भी बनाई थी। इससे संकेत मिलता है कि चुनावी राजनीति में डिजिटल माध्यम को अब गंभीर प्रचार तंत्र के रूप में इस्तेमाल किया जा रहा है।

बेबाक24 टेक

पंजाब का 2027 विधानसभा चुनाव पारंपरिक जनसंपर्क और डिजिटल प्रचार, दोनों की परीक्षा बन सकता है। सबसे बड़ा सवाल यही रहेगा कि मतदाता मोबाइल पर बार-बार दिखाई देने वाले राजनीतिक संदेश को केवल देखेगा या उसकी सच्चाई भी जांचेगा।



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