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टाटा ट्रस्ट्स में नोएल परिवार का बढ़ा दबदबा, चंद्रशेखरन के तीसरे कार्यकाल पर नजर

by on | 2026-10-06 13:10:29

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टाटा ट्रस्ट्स में नोएल परिवार का बढ़ा दबदबा, चंद्रशेखरन के तीसरे कार्यकाल पर नजर

नई दिल्ली | बेबाक24 न्यूज़

टाटा संस के चेयरमैन एन चंद्रशेखरन के तीसरे कार्यकाल को लेकर टाटा समूह में हलचल बढ़ गई है। कंपनी के निदेशक मंडल ने उन्हें एक और कार्यकाल देने का प्रस्ताव पारित कर दिया है, लेकिन अंतिम फैसला शेयरधारक ट्रस्टों को करना है। ऐसे में टाटा ट्रस्ट्स में नोएल टाटा और उनके परिवार के बढ़ते प्रभाव को अहम माना जा रहा है।

चंद्रशेखरन का मौजूदा कार्यकाल सामान्य रूप से 20 फरवरी 2027 को समाप्त होना है। 17 सितंबर की बैठक में निदेशक मंडल ने उनके तीसरे कार्यकाल का प्रस्ताव मंजूर किया था। अब प्रस्ताव को शेयरधारकों की मंजूरी मिलना बाकी है।

36 में से 17 ट्रस्टी पद परिवार के पास

टाटा ट्रस्ट्स के अधीन आने वाले 7 ट्रस्टों में कुल 36 ट्रस्टी पद हैं। इनमें से 17 पद नोएल टाटा और उनके परिवार के पास हैं। इनमें उनके बेटे नेविल तथा बेटियां लीया और माया शामिल हैं।

मई 2024 में रतन टाटा के निधन से कुछ महीने पहले लीया और माया को 3-3 ट्रस्टों में शामिल किया गया था। इसके बाद ट्रस्टों में नोएल परिवार का प्रभाव और मजबूत हुआ।

किस ट्रस्ट में कितनी पकड़?

सर दोराबजी टाटा ट्रस्ट के पास टाटा संस की 27.98% हिस्सेदारी है। इसके 6 ट्रस्टी में से 2 नोएल टाटा और उनके बेटे नेविल हैं।

सर रतन टाटा ट्रस्ट के पास टाटा संस की 23.56% हिस्सेदारी है। यह ट्रस्ट फिलहाल महाराष्ट्र के धर्मार्थ आयुक्त की ओर से कथित उल्लंघनों के कारण स्थगित बताया गया है।

जेआरडी टाटा ट्रस्ट में टाटा संस की 4.01% हिस्सेदारी है, जिसमें नोएल और नेविल की 50% ताकत बताई गई है। टाटा एजुकेशन ट्रस्ट और टाटा सोशल वेलफेयर ट्रस्ट में भी नोएल परिवार का प्रभाव 60% बताया गया है।

आरडी टाटा ट्रस्ट में नोएल, माया और नेविल की कुल 50% ताकत है। सार्वजनिक सेवा ट्रस्ट में भी नोएल, लीया और माया की 60% हिस्सेदारी बताई गई है।

एसपी समूह और टाटा कंपनियां भी अहम

चंद्रशेखरन के तीसरे कार्यकाल पर होने वाले फैसले में केवल टाटा ट्रस्ट्स का रुख ही महत्वपूर्ण नहीं होगा। शापूरजी पालोनजी समूह के पास टाटा संस की 18% से अधिक हिस्सेदारी है। इसके अलावा टाटा स्टील, टाटा मोटर्स, टाटा केमिकल्स और टाटा पावर के पास मिलाकर करीब 12% हिस्सेदारी है।

ऐसे में आगामी वार्षिक आम बैठक में अलग-अलग शेयरधारकों और ट्रस्टों का रुख चंद्रशेखरन के तीसरे कार्यकाल के लिए महत्वपूर्ण होगा।

बेबाक24 टेक

चंद्रशेखरन के तीसरे कार्यकाल का प्रस्ताव निदेशक मंडल से आगे बढ़ चुका है, लेकिन अंतिम मंजूरी शेयरधारकों के हाथ में है। टाटा ट्रस्ट्स में नोएल परिवार के मजबूत प्रभाव के साथ एसपी समूह और टाटा समूह की प्रमुख कंपनियों की हिस्सेदारी भी इस फैसले में अहम भूमिका निभा सकती है।



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