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बाल श्रम के खिलाफ कड़ा अभियान: 11 श्रमिक चिन्हित, नियोजकों पर विधिक कार्रवाई

by admin@bebak24.com on | 2025-12-05 17:27:49

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 बाल श्रम के खिलाफ कड़ा अभियान: 11 श्रमिक चिन्हित, नियोजकों पर विधिक कार्रवाई


गाजीपुर। ​प्रमुख सचिव, श्रम, उत्तर प्रदेश शासन के निर्देश के अनुपालन में, जिलाधिकारी अविनाश कुमार के मार्गदर्शन पर गाजीपुर में बाल श्रम चिह्नांकन अभियान को तेज कर दिया गया है। सहायक श्रम आयुक्त के नेतृत्व में गठित एक विशेष टीम ने आज नगर पालिका परिषद, गाजीपुर के पहाड़ खाँ का पोखरा, महुआबाग और आमघाट क्षेत्रों में औचक निरीक्षण किया।

​11 बाल/किशोर श्रमिक चिन्हित

​अभियान के तहत पाँच प्रतिष्ठानों में काम कर रहे श्रमिकों के बारे में जानकारी जुटाई गई। निरीक्षण के दौरान, तीन प्रतिष्ठानों पर काम कर रहे ग्यारह बाल/किशोर श्रमिकों को चिन्हित किया गया। सहायक श्रम आयुक्त ने इन नियोजकों को निरीक्षण टिप्पणी जारी करते हुए उनके विरुद्ध नियमानुसार विधिक कार्रवाई शुरू कर दी है। इस टीम में एण्टी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट के प्रभारी और हमराही भी मौजूद रहे।

​नियोजकों को सख्त चेतावनी

​सहायक श्रम आयुक्त ने दुकानदारों और प्रतिष्ठान संचालकों को सख्त चेतावनी देते हुए कहा है कि:

  • किसी भी दशा में बाल/किशोर श्रमिकों से कार्य न कराया जाए।
  • ​बच्चों को पढ़ने-लिखने के लिए स्कूल अवश्य भेजें।

​विवाह समारोहों और इवेंट संचालकों को विशेष अपील

​श्रम विभाग ने जिले के सभी नागरिकों, विशेषकर शादी-विवाह समारोह, पंडाल, लाइट-सज्जा, केटरिंग, डीजे, सर्विस स्टाफ और लोन मैरिज हाल आदि के संचालकों से विशेष अपील की है:

  • 18 वर्ष से कम उम्र के किसी भी बाल/किशोर श्रमिक से कार्य न कराएं
  • ​किसी भी अन्य सेवा प्रदाता को भी 18 वर्ष से कम उम्र के बच्चों को नियोजित न करने दें।

​कठोर दण्ड का प्रावधान

​सहायक श्रम आयुक्त ने स्पष्ट किया कि बाल एवं किशोर श्रम (प्रतिषेध व विनियमन) अधिनियम, 1986, यथा संशोधित अधिनियम-2016 के तहत बाल श्रम कराना एक संज्ञेय अपराध है, जिसमें बिना जांच किए एफआईआर दर्ज करने का प्रावधान है।

​यदि औचक निरीक्षण में 18 वर्ष से कम उम्र के बालक/किशोर कार्यरत पाए जाते हैं, तो दोषियों के विरुद्ध नियमानुसार कठोर विधिक कार्रवाई की जाएगी। इसमें ₹50 हजार तक का अर्थदण्ड या दो वर्ष तक का कारावास, अथवा दोनों एक साथ दण्ड का प्रावधान है।

​नागरिकों से सहयोग की अपेक्षा की गई है कि यदि वे कहीं भी बाल श्रम होते हुए देखें, तो इसकी सूचना तुरंत संबंधित पुलिस थाना, खण्ड शिक्षा अधिकारी, खण्ड विकास अधिकारी, तहसीलदार, उप जिला मजिस्ट्रेट या श्रम विभाग के कार्यालय में दें। इस संबंध में श्रम विभाग से किसी भी कार्य दिवस में दूरभाष संख्या 0548-3560669 पर संपर्क किया जा सकता है।



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