ब्रेकिंग न्यूज़
झांसी हादसे में छोटे बेटे अबान की मौत, कसारी-मसारी में पिता-चाचा की कब्रों के पास ही होगा सुपुर्द-ए-खाक
अपराध हत्या

कन्हैया लाल हत्याकांड: 5 आरोपियों की जमानत खारिज, हाईकोर्ट ने कहा- आतंकवाद राष्ट्र की आत्मा पर चोट

by on | 2026-10-04 14:15:55

Share: Facebook | Twitter | WhatsApp | LinkedIn Visits: 3127


कन्हैया लाल हत्याकांड: 5 आरोपियों की जमानत खारिज, हाईकोर्ट ने कहा- आतंकवाद राष्ट्र की आत्मा पर चोट

उदयपुर | बेबाक24 न्यूज़

राजस्थान हाई कोर्ट ने कन्हैया लाल हत्याकांड से जुड़े 5 आरोपियों की जमानत याचिकाएं खारिज कर दी हैं। मुख्य न्यायाधीश संजय अग्रवाल और न्यायमूर्ति समीर जैन की पीठ ने वसीम अली, मुस्लिम खान, मोहसिन खान, मोहम्मद मोहसिन और आसिफ हुसैन की याचिकाओं पर फैसला सुनाया।

अदालत ने मामले की गंभीरता का उल्लेख करते हुए कहा कि आतंकवाद केवल शारीरिक हमला नहीं है, बल्कि राष्ट्र की मनोवैज्ञानिक संप्रभुता पर सुनियोजित चोट है। पीठ ने कहा कि ऐसी घटनाओं का उद्देश्य समाज में शांति भंग करना और कानून के शासन की जगह भय का माहौल पैदा करना भी हो सकता है।

एनआईए की सामग्री को प्रथम दृष्टया पर्याप्त माना

हाई कोर्ट ने कहा कि राष्ट्रीय जांच एजेंसी की ओर से पेश सामग्री प्रथम दृष्टया आरोपों के समर्थन के लिए पर्याप्त आधार उपलब्ध कराती है। पीठ ने मामले में गंभीर आपराधिक साजिश और आतंकी घटना की गंभीरता को देखते हुए आरोपियों को फिलहाल जमानत का हकदार नहीं माना।

28 जून 2022 को हुई थी हत्या

उदयपुर में 28 जून 2022 को मोहम्मद रियाज अटारी और गौस मोहम्मद ने ग्राहक बनकर कन्हैया लाल तेली की उनकी दुकान में हत्या कर दी थी। मामले में हत्या की वजह कन्हैया लाल की सोशल मीडिया पर साझा की गई वह पोस्ट बताई गई, जिसे उन्होंने भाजपा की पूर्व प्रवक्ता नूपुर शर्मा के समर्थन में साझा किया था।

राष्ट्रीय जांच एजेंसी ने मामले की जांच के बाद 22 अगस्त 2022 को आरोप पत्र दाखिल किया था। इसके बाद विशेष अदालत ने 2024 की शुरुआत में आरोपियों के खिलाफ आरोप तय किए। गिरफ्तारी के बाद से पांचों आरोपी जेल में हैं।

बचाव पक्ष ने ठोस सबूत नहीं होने की दलील दी

आरोपियों की ओर से अधिवक्ताओं ने दलील दी कि 10 जून से 28 जून 2022 के बीच उनके मृतक की दुकान या उसके आसपास मौजूद होने का कोई ठोस सबूत रिकॉर्ड पर नहीं है। बचाव पक्ष ने यह भी कहा कि आरोपियों की ओर से किसी समुदाय के खिलाफ धार्मिक वैमनस्य बढ़ाने वाला कोई संदेश, आवाज संदेश या लिखित संदेश भेजे जाने का प्रमाण नहीं है।

वकीलों ने दो अन्य सह-आरोपियों फरहाद मोहम्मद और मोहम्मद जावेद को मिली जमानत का हवाला देते हुए समानता के आधार पर राहत की मांग की। उनका कहना था कि आरोपी साढ़े 4 साल से अधिक समय से जेल में हैं और मुकदमे की सुनवाई पूरी होने में अभी समय लग सकता है।

एनआईए ने सक्रिय भूमिका का दावा किया

राष्ट्रीय जांच एजेंसी की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता राजा ठाकरे ने जमानत का विरोध करते हुए कहा कि पांचों आरोपियों की अपराध में सक्रिय और महत्वपूर्ण भूमिका थी। एजेंसी ने गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम के प्रावधानों का हवाला देते हुए कहा कि उपलब्ध सामग्री प्रथम दृष्टया आरोपों को सही ठहराती है तो जमानत पर कानूनी रोक लागू होती है।

निचली अदालत में जारी रहेगा मुकदमा

हाई कोर्ट ने स्पष्ट किया कि फैसले में की गई टिप्पणियां केवल जमानत याचिकाओं पर निर्णय तक सीमित हैं। निचली अदालत इन टिप्पणियों से प्रभावित हुए बिना मुख्य मुकदमे की सुनवाई जारी रखेगी और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्यवाही करेगी।

बेबाक24 टेक

कन्हैया लाल हत्याकांड में राजस्थान हाई कोर्ट ने 5 आरोपियों को फिलहाल जमानत देने से इनकार कर दिया है। अदालत ने मामले की गंभीरता और राष्ट्रीय जांच एजेंसी की ओर से पेश सामग्री को जमानत के स्तर पर प्रथम दृष्टया पर्याप्त माना, जबकि मुख्य मुकदमे की सुनवाई निचली अदालत में जारी रहेगी।



Search
Recent News
Top Trending
Most Popular

Leave a Comment